कहानी: डोबरमैन – प्रवीण कुमार झा
प्रवीण कुमार झा नॉर्वे प्रवासी चिकित्सक हैं। कथेतर विधा के इतर उन्होंने गल्प लेखन भी किया है। पढ़ें साहिंद में पहले प्रकाशित हुई उनकी कहानी ‘डोबरमैन’।
कहानी: डोबरमैन – प्रवीण कुमार झा Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
प्रवीण कुमार झा नॉर्वे प्रवासी चिकित्सक हैं। कथेतर विधा के इतर उन्होंने गल्प लेखन भी किया है। पढ़ें साहिंद में पहले प्रकाशित हुई उनकी कहानी ‘डोबरमैन’।
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साहित्यकार शोभा शर्मा के नवीन काव्यसंग्रह ‘प्रणयधारा’ का लोकार्पण विदुषी वामा मंच के बैनर तले, मंच के तीन वर्ष पूरे होने पर, आयोजन गांधी आश्रम, छतरपुर में किया गया।
साहित्यकार शोभा शर्मा के काव्यसंग्रह ‘प्रणयधारा’ का हुआ लोकार्पण Read More
लखनऊ यूनिवर्सिटी प्रांगण में आयोजित गोमती पुस्तक महोत्सव के साहित्यिक मंच पर रविवार को लेखक गौरव कुमार निगम की पुस्तक ‘स्कैंडल इन लखनऊ’ का लोकार्पण सम्पन्न हुआ। यह एक अपराध कथा है जिसे लखनऊ की पृष्ठभूमि पर लिखा गया है।
गोमती पुस्तक महोत्सव में लेखक गौरव कुमार निगम के उपन्यास ‘स्कैंडल इन लखनऊ’ का हुआ लोकार्पण Read More
कथासम्राट प्रेमचंद की पहली रचना कौन सी थी? अपने बचपन में उन्होंने क्या क्या पढ़ा था? यह सब वह इस लेख में बता रहे हैं। आप भी पढ़ें:
मेरी पहली रचना – प्रेमचंद Read More
सुकुल कथावाचक का बहुत पुराना दोस्त था। आज काफी समय बाद उससे मिलने आया था। और साथ में उसकी बीबी। सुकुल की बीबी ने कथावाचक के सामने ऐसा प्रस्ताव रखा कि उसकी हैरत का ठिकाना न रहा। आखिर ऐसा कहा था सुकुल की बीबी ने? सुकुल और उसकी बीबी कथावाचक के पास क्यों आये थे? पढ़ें सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कहानी ‘सुकुल की बीबी’।
कहानी: सुकुल की बीबी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ Read More
‘लड़ाई’ भुवनेश्वर की लिखी लघु-कथा है। यह रचना हंस पत्रिका के वर्ष 1939 के सितम्बर में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें:
लघु-कथा: लड़ाई – भुवनेश्वर Read More
डॉ शैकलटन दक्षिणी ध्रुव की यात्रा पर जाकर लौट आये थे। बीमारी ने उन्हें आने पर मजबूर कर दिया था। उन्होंने अपनी यात्रा का वृत्तांत लिखा जिसे आधार बनाकर महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा यह लेख लिखा गया। आप भी पढ़ें:
यात्रा वृत्तांत: यमलोक का जीवन – महावीर प्रसाद द्विवेदी Read More
गाँव में रहने वाला कथावाचक जब पहली बार कलकत्ते में पहुँचता है तो उसके साथ क्या होता है ये आचार्य चतुरसेन ने अपनी कहानी ‘कलकत्ते में एक रात’ में बताया है। शहर में नये नये आये लोगों को कैसे ठग अपना शिकार बना देते हैं यह इसमें दर्शाया है। आप भी पढ़ें:
कहानी: कलकत्ते में एक रात – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
राजेन्द्र बाला घोष बंग महिला के नाम से लेखन किया करती थीं। वह अपने लेखन में समाज पर करारा व्यंग्य करा करती थीं। पढ़ें उनकी लिखी पत्रात्मक शैली में लिखी यह कहानी ‘चंद्रदेव से मेरी बातें’।
कहानी: चंद्रदेव से मेरी बातें – राजेंद्र बाला घोष (बंग महिला) Read More
पार्वती को लगता था कि स्त्री की इज़्ज़त गहनों से ही होती है। इसीलिए जब उसके पति सुरेंद्र ने उसे नये गहने लाकर दिये तो वह बहुत खुश हुई। उसे लगा था कि अब उसके मायके में उसकी पूछ होगी। पर क्या असल में ऐसा हुआ? क्या उसकी सोच सही थी? पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘जंजाल’:
कहानी: जंजाल – प्रेमचंद Read More
रज़िया के पति रामू ने रज़िया की उम्र होने पर एक नयी पत्नी लाने का फैसला किया और आखिर उसकी सौत ले ही आया। वह घर जो रज़िया ने अपनी मेहनत से बनाया था अब उसका नहीं रहा था। आगे क्या हुआ? पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘सौत’:
कहानी: सौत – प्रेमचंद Read More
मनसा एक पढ़ी लिखी स्वतंत्र ख़यालों की लड़की थी। उसका सोचना था कि शादी एक तरह की पैकेज डील होती है जिसमें हर चीज हर किसी के हिस्से नहीं आती। सुबोध को भी मनसा के साथ ऐसे ही एक डील मिली थी। आखिर क्या थी ये डील? जानने के लिए पढ़ें लेखिका सुमन बाजपेयी की कहानी ‘पैकेज डील’।
कहानी: पैकेज डील – सुमन बाजपेयी Read More