चुटकुलों के खलीफा सुरेन्द्र मोहन पाठक - योगेश मित्तल

चुटकुलों के खलीफा सुरेन्द्र मोहन पाठक – योगेश मित्तल

योगेश मित्तल अपने समय में ट्रेड नामों के लिए खूब लेखन किया है। अपने इस पेशे के चलते उनका उस समय के प्रकाशकों और लेखकों से गहरा सम्बन्ध रहा है। अपराध कथा लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक के साथ की भी उनकी कई यादें हैं। अपने इस लेख में वह सुरेन्द्र मोहन पाठक की एक खूबी के विषय में पाठकों को बता रहे हैं। आप भी पढ़िए:

चुटकुलों के खलीफा सुरेन्द्र मोहन पाठक – योगेश मित्तल Read More
लेख: गुप्त ठग - प्रताप नारायण मिश्र

लेख: गुप्त ठग – प्रताप नारायण मिश्र

देश में शुद्ध चीज़ें मिलना दूभर हैं। कई बार देखा गया है कि मिलावटी सामान बेचने वाले धर्म-कर्म की बातें अधिक करते हैं लेकिन धोखा देते हुए ये बातें खुद भूल जाते हैं। प्रताप नारायण मिश्र का यह लेख ऐसे ही गुप्त ठगों को लेकर लिखा गया है। आप भी पढ़ें:

लेख: गुप्त ठग – प्रताप नारायण मिश्र Read More
लेख: कहानी सव्यासाची की - आकाश पाठक

लेख: कहानी सव्यसाची की – आकाश पाठक

आकाश पाठक सव्यसाची शृंखला के लेखक हैं। यह त्रयी 2021 से 2023 के बीच प्रकाशित हुई थी। अपने इस लेख में आकाश पाठक अपनी इस त्रयी की लेखन प्रक्रिया के विषय में बता रहे हैं। आप भी पढ़ें:

लेख: कहानी सव्यसाची की – आकाश पाठक Read More
दवाओं का एजेंट केवलकृष्ण कैसे बना उपन्यासकार 'राजहंस'

दवाओं का एजेंट केवलकृष्ण कैसे बना उपन्यासकार ‘राजहंस’ – योगेश मित्तल

‘राजहंस’ अपने समय के नामी लेखक थे। उनके सामाजिक उपन्यासों की पाठकों के बीच में धूम थी। पर असल में वो कभी दवाओं के एजेंट हुआ करते थे। दवाओं के एजेंट से वह उपन्यासकार किस तरह बनें यह लेखक योगेश मित्तल अपने इस लेख में बता रहे हैं:

दवाओं का एजेंट केवलकृष्ण कैसे बना उपन्यासकार ‘राजहंस’ – योगेश मित्तल Read More
आपकी सिर्फ एक गलती आपको इंसान से एक मीम मटेरियल बना सकती है - गौरव कुमार निगम

आपकी सिर्फ एक गलती आपको इंसान से एक मीम मटेरियल बना सकती है – गौरव कुमार निगम

आज हम ऐसे समाज में जी रहे हैं जहाँ सब इसी फिराक में रहते हैं कि कोई गलती करता मिले और फिर उस गलती को हम इस्तेमाल करके अधिक से अधिक लाइक, शेयर और व्यूज़ पाएँ। इसी प्रवृत्ति और उससे होने वाले असर के ऊपर लेखक गौरव कुमार निगम ने अपने यह विचार लिखें हैं। आप भी पढ़ें:

आपकी सिर्फ एक गलती आपको इंसान से एक मीम मटेरियल बना सकती है – गौरव कुमार निगम Read More
मैं कहानी लेखक कैसे बना? - राहुल सांकृत्यायन

मैं कहानी लेखक कैसे बना? – राहुल सांकृत्यायन

राहुल सांकृत्यायन अपने लिखे यात्रा साहित्य के लिए अधिक जाने जाते हैं। लेकिन उन्होंने उपन्यास और कहानियाँ भी लिखी हैं। उन्होंने कहानियाँ और उपन्यास लिखना कैसे शुरू किया यह वह अपने इस लेख में बता रहे हैं। आप भी पढ़ें:

मैं कहानी लेखक कैसे बना? – राहुल सांकृत्यायन Read More
क्या लिखै - प्रताप नारायण मिश्र

क्या लिखै – प्रताप नारायण मिश्र

‘क्या लिखै’ प्रताप नारायण मिश्र का निबंध है। वह पाठक से पूछ रहे हैं कि उन्हें क्या लिखना चाहिए? आखिर वो ऐसा क्यों पूछ रहे हैं? आप भी पढ़ें:

क्या लिखै – प्रताप नारायण मिश्र Read More
फिल्म और साहित्य - प्रेमचंद

फिल्म और साहित्य – प्रेमचंद

मई 1935 में प्रेमचंद का लिखा एक लेख ‘सिनेमा और साहित्य’ ‘लेखक’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। इस लेख को पढ़ने के बाद नरोत्तमप्रसाद नागर ने उस लेख का प्रतिवाद लिखा था। प्रेमचंद का वो लेख, नरोत्तमप्रसाद का प्रतिवाद और उनके प्रतिवाद का दिया गया प्रेमचंद का जवाब यहाँ पर दिया जा रह है। यह पूरा लेख हंस पत्रिका में जून 1935 में प्रकाशित हुआ था। आज भी सिनेमा और साहित्य के बीच की यह बहस प्रासंगिक है। आप भी इसे पढ़ें:

फिल्म और साहित्य – प्रेमचंद Read More
कहानी कला - शिवपूजन सहाय

कहानी कला – शिवपूजन सहाय

कहानी क्या होती है? उसकी क्या विशेषताएँ हैं? कहानी और उपन्यास में क्या फर्क है? इन प्रश्नों का उत्तर तो शिवपूजन सहाय अपने इस लेख में देते ही हैं साथ ही अपने समय के कुछ चुनिंदा कहानिकारों और चुनिंदा कहानियों से पाठकों का परिचय करवाते हैं। आप भी पढ़ें:

कहानी कला – शिवपूजन सहाय Read More
दो लेखकों द्वारा मिल कर लिखी जाने वाली प्रथम शृंखला

दो लेखकों द्वारा मिल कर लिखी जाने वाली प्रथम शृंखला

योगेश मित्तल को लेखन के क्षेत्र में आने का मौका कैसे मिला और किस तरह उन्होंने अपने साथी लेखक बिमल चटर्जी के साथ मिलकर एक शृंखलाबद्ध उपन्यास लिखना शुरु किया? यह वह इस संस्मरण में साझा कर रहे हैं। आप भी पढ़ें:

दो लेखकों द्वारा मिल कर लिखी जाने वाली प्रथम शृंखला Read More
कहाँ-कहाँ न गये घना’दा - जयदीप शेखर

कहाँ-कहाँ न गये घना’दा – जयदीप शेखर

जयदीप शेखर लेखक और अनुवादक हैं। बांग्ला साहित्य में रुचि रखते हैं। बांग्ला से हिंदी में उन्होंने कई पुस्तकों का अनुवाद किया है। बांग्ला लेखक प्रेमेंद्र मित्र के किरदार घनादा और उसको लेकर लिखी गयी कहानियों का वह इस लेख में पाठक से परिचय करवा रहे हैं। आप भी पढ़ें:

कहाँ-कहाँ न गये घना’दा – जयदीप शेखर Read More
ये हैं हिंदी में वर्ष 2025 में प्रकाशित हॉरर विधा की कुछ पुस्तकें

वर्ष 2025 में पाठकों को खौफ के नये सफर पर ले जाने आयी हिंदी की ये पुस्तकें; आपने कितनी पढ़ी हैं?

हॉरर कथाएँ मनुष्य को हमेशा से ही आकर्षित करती रही हैं। यह सिहरन पैदा करने वाले किस्से एक तरह का रोमांच पैदा करते हैं और व्यक्ति इसी रोमांच की तलाश में हॉरर विधा की पुस्तकों तक भी जाता है। वर्ष 2025 में हिंदी में भी काफी रचनाएँ हॉरर विधा में प्रकाशित हुई हैं। उनमें से कुछ रचनाओं की सूची हम आपके समक्ष यहाँ प्रस्तुत कर रहे हैं।

वर्ष 2025 में पाठकों को खौफ के नये सफर पर ले जाने आयी हिंदी की ये पुस्तकें; आपने कितनी पढ़ी हैं? Read More