राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा बाल पाठकों में साहित्य के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए एक नयी पुस्तक शृंखला की शुरुआत की गयी है। इस शृंखला को ‘आधुनिक कालजयी बाल कहानियाँ’ नाम दिया गया है। इस शृंखला के अंतर्गत न्यास द्वारा हिंदी के मूर्धन्य साहित्यकारों की रचनाओं को नवीन साज सज्जा और वाजिब कीमत के साथ पाठकों के सम्मुख लाया जा रहा है। आठ से बारह वर्ष के पाठकों को ध्यान में रखकर यह पुस्तकें बनाई गयी हैं जिन्हें आकर्षक चित्रों से भी सजाया गया है।
इस शृंखला में प्रेमचंद की ‘मिट्ठू’, भीष्म साहिनी की ‘चमगादड़ का रस’ और ‘दो गौरैया, विष्णु प्रभाकर की ‘सबसे सुंदर लड़की’, शिवपूजन सहाय की ‘कुंजी’ जैसी कहानियों का अब तक प्रकाशन किया जा चुका है।
(राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के फेसबुक पेज और वेबसाइट पर साझा की गयी जानकारी पर आधारित)
