हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य पुरस्कार बाल साहित्य पुरस्कारों में अग्रणी स्थान रखता है। वर्ष 2026 के हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य पुरस्कार के लिए हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य साहित्य न्यास द्वारा प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गयी हैं। न्यास द्वारा यह जानकारी अपने फेसबुक पृष्ठ पर पोस्ट के माध्यम से साझा की।
प्रविष्टि भेजने के नियम:
- किसी भी प्रविष्टि को पुरस्कार योजना के नियमों के अनुसार विधिवत रूप से ऑनलाइन एवं ऑफलाइन जमा करने पर ही मान्य माना जाएगा।
- सबसे पहले इस लिंक 🔗 https://bit.ly/baalsahitya_puraskaar का उपयोग करके अपनी प्रविष्टि की आवश्यक जानकारी ऑनलाइन जमा करें। (कृपया ध्यान दें, पुस्तक/पांडुलिपि अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है।)
- ऑनलाइन प्रविष्टि सफलतापूर्वक जमा करने पर न्यास की ओर से आपको एक ईमेल प्रतिक्रिया प्राप्त होगी।
- तदुपरांत, मांगी गयी जानकारी सहित अपनी प्रविष्टि (पुस्तक/पांडुलिपि की 4 प्रतियाँ) डाक द्वारा भेजनी होगी।
- पुरस्कार योजना से संबंधित नियमावली इस लिंक 🔗 https://bit.ly/puraskaar_niyamvali पर उपलब्ध है।
- प्रविष्टियों के मूल्यांकन एवं चयन हेतु निम्नलिखित मानदंडों पर विचार किया जाएगा: वैज्ञानिकता, मौलिकता/नवीनता, भाषा शैली, कल्पनाशीलता एवं समग्र प्रभाव। प्रत्येक मानदंड के अंक समान होंगे।
- सभी प्रकाशित प्रविष्टियों का प्रकाशन-वर्ष 2021 अथवा उसके बाद का होना चाहिए।
प्रविष्टि भेजने की अंतिम तारीख 25 सितम्बर 2026 है।
बताते चलें वर्ष 2014 से हर वर्ष हरिकृष्ण देवसरे न्यास द्वारा बाल साहित्य पुरस्कार दिया जाता है। न्यास का मुख्य उद्देश्य आज के लेखकों को ऐसा साहित्य लिखने के लिए प्रेरित करना है जो न केवल मानवीय मूल्यों को समाहित किये हुए हो वरन बच्चों को यथार्थ की पृष्ठभूमि पर आने वाले कल का सामना करने के लिए जागरूक बना, वैज्ञानिक सोच से आप्लावित कर कल्पनाशीलता से भर सके और बालमन को बाँधने में सक्षम हो। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर यह पुरस्कार दिया जाता है। पिछले वर्ष मीनू त्रिपाठी को उनकी पुस्तक ‘हरियाली की ओर’ और समीर गांगुली को मिशन ग्रीन वॉर के लिए यह पुरस्कार दिया गया था।
