वर्ष 2026 के 17वाँ अयोध्या प्रसाद खत्री स्मृति सम्मान की घोषणा की जा चुकी है। यह सम्मान लेखक कैलाश वानखेड़े को उनके उपन्यास ‘उजला अँधेरा’ के लिए दिया जाएगा। यह निर्णय अयोध्या प्रसाद खत्री सम्मान समारोह समिति द्वारा लिया गया। सम्मान के लिए चयन आलोचक आशुतोष कुमार द्वारा किया गया।
वर्ष 2025 में राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित उपन्यास ‘उजला अँधेरा’ लेखक का प्रथम उपन्यास है। यह उपन्यास दलित समाज की पीड़ा को उजागर करते हुए भारतीय समाज की परतें खोलता है।

कौन हैं कैलाश वानखेड़े
कैलाश वानखेड़े इंदौर मध्य प्रदेश के निवासी हैं। वह मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा में कार्यरत हैं। उपन्यास ‘उजला अँधेरा’ के अतिरिक्त उनके दो कहानी संग्रह ‘सत्यापन’ और ‘सुलगन’ प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें ‘हंस कथा सम्मान’ और ‘मधुकर सिंह स्मृति सम्मान’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी कहानियों का कई भाषाओं में अनुवाद हो चुका है।
लेखक को नवंबर में होने वाले समारोह में अयोध्या प्रसाद खत्री सम्मान प्रदान किया जाएगा।
ज्ञात हो अयोध्या प्रसाद खत्री स्मृति सम्मान वर्ष 2008 से दिया जा रहा है। अब तक यह सम्मान कृष्ण बलदेव वैद्य, तद्भव के संपादक अखिलेश, शेखर जोशी, डॉ तुलसीराम, डॉ रोज केरकेट्टा, अनिल यादव, सुधीर विद्यार्थी, डॉ विनय, समायांतर पत्रिका के संपादक पंकज बिष्ट, वाल्टर भेंगरा तरुण, निदा नवाज, जोराम यालाम, सुरेंद्र मनन, कमलेश वर्मा व सुचिता वर्मा, नवीन जोशी व शेखर पाठक को प्रदान किया जा चुका है।
