खून की प्यासी – अनिल मोहन
रेटिंग : २.५/५ उपन्यास ख़त्म करने की दिनांक : २१ दिसंबर, २०१४ संस्करण विवरण : फॉर्मेट : पेपरबैक पृष्ठ संख्या : २२२ प्रकाशक : रवि पॉकेट बुक्स पहला वाक्य : …
खून की प्यासी – अनिल मोहन Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
रेटिंग : २.५/५ उपन्यास ख़त्म करने की दिनांक : २१ दिसंबर, २०१४ संस्करण विवरण : फॉर्मेट : पेपरबैक पृष्ठ संख्या : २२२ प्रकाशक : रवि पॉकेट बुक्स पहला वाक्य : …
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संस्करण विवरण : फॉर्मेट: हार्डकवर | पृष्ठ संख्या: ९६ | प्रकाशक: सत्साहित्य प्रकाशन पहला वाक्य : विचारों में डूबे हुए गुरुचरण बाबू एकान्त कमरे में बैठे हुए थे । शरत चन्द्र जी …
परिणीता – शरद चन्द्र चट्टोपाध्याय Read More
रेटिंग : ४/५ उपन्यास ख़त्म करने की तारीक : १३ नवम्बर, २०१४ संस्करण विवरण: फॉर्मेट – पेपरबैक पृष्ठसंख्या – 302 प्रकाशक – राजा पॉकेट बुक्स पहला वाक्य: विष्णु सरनायक के …
गवाही – सुरेन्द्र मोहन पाठक Read More
रेटिंग : ४/५ संस्करण विवरण : फॉर्मेट : पेपरबैक पृष्ठ संख्या : ३१७ प्रकाशक : राजा पॉकेट बुक्स सीरीज : सुधीर कोहली #१९ पहला वाक्य : रौनक खुराना मेरा दोस्त …
प्यादा – सुरेन्द्र मोहन पाठक Read More
प्रथम वाक्य :‘दामोदर…. ‘युद्धभूमि के प्रचंड शोर, धनुषों की टंकार और घोड़ों के टापुओं के तीव्र स्वरों के बीच भी यह चीख शत्वरी के कानों में गूँज उठी। कहानी शत्वरी एक …
समरसिद्धा – संदीप नैयर Read More
रेटिंग :3/5 दिनांक जिस दिन उपन्यास ख़त्म किया: 22 ,अक्टूबर 2014 संस्करण विवरण: फॉर्मेट:पेपरबैक पृष्ठ संख्या : 285 प्रकाशक:राजा पॉकेट बुक्स सीरीज : सुधीर सीरीज-#20 पहला वाक्य: मेरी नींद खुली। ‘चोरों …
चोरों की बारात – सुरेन्द्र मोहन पाठक(सुधीर सीरीज #२०) Read More
उपन्यास ख़त्म करने की दिनांक – अक्टूबर ,४ ,२०१४ रेटिंग – ३/५ संस्करण विवरण : फॉर्मेट: पेपरबैक | पृष्ठ संख्या: ३९७ | प्रकाशक: रवि पॉकेट बुक्स प्रथम वाक्य : मेरी …
प्यासी आत्मा – राजभारती Read More
Rating : 3.5/5 Finished On: 27th of April 2014 संस्करण विवरण – फॉर्मेट: पेपर बैक | पृष्ठ संख्या: ४०६ | प्रकाशक: हार्पर कॉलिंस इंडिया पहला वाक्य : मोबाइल की घंटी बजी। …
कोलाबा कॉन्सपिरेसी – सुरेन्द्र मोहन पाठक Read More
rating:5/5 finished on:December 27th 2013 पुरस्कार – साहित्य अकादमी पुरस्कार 2010 मोहन दास उदय प्रकाश जी की में प्रकाशित एक दीर्घ कहानी है । मोहन दास हमारे आज के समाज …
मोहनदास – उदय प्रकाश Read More