दवाओं का एजेंट केवलकृष्ण कैसे बना उपन्यासकार 'राजहंस'

दवाओं का एजेंट केवलकृष्ण कैसे बना उपन्यासकार ‘राजहंस’ – योगेश मित्तल

‘राजहंस’ अपने समय के नामी लेखक थे। उनके सामाजिक उपन्यासों की पाठकों के बीच में धूम थी। पर असल में वो कभी दवाओं के एजेंट हुआ करते थे। दवाओं के एजेंट से वह उपन्यासकार किस तरह बनें यह लेखक योगेश मित्तल अपने इस लेख में बता रहे हैं:

दवाओं का एजेंट केवलकृष्ण कैसे बना उपन्यासकार ‘राजहंस’ – योगेश मित्तल Read More
प्रायश्चित - रानू | डायमंड बुक्स

पुस्तक टिप्पणी: प्रायश्चित – रानू | डायमंड बुक्स

‘प्रायश्चित’ लेखक रानू का लिखा उपन्यास है। उपन्यास डायमंड बुक्स द्वारा प्रकाशित किया गया है। पढ़ें पुस्तक पर लिखी यह टिप्पणी:

पुस्तक टिप्पणी: प्रायश्चित – रानू | डायमंड बुक्स Read More
साक्षात्कार: अशफ़ाक़ अहमद

साक्षात्कार: लेखक अशफ़ाक़ अहमद से बातचीत

लेखक अशफ़ाक़ अहमद का पहला उपन्यास 2019 में प्रकाशित हुआ था। 2019 से लेकर अब तक उनकी 60 से ऊपर किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। वह अपराध साहित्य भी लिखते हैं तो हॉरर भी लिखते हैं। विज्ञान गल्प लिखते हैं तो सामाजिक उपन्यास और कहानियाँ भी लिखते हैं। ऐसे में उनका लेखन क्षेत्र काफी वृहद हो जाता है। एक बुक जर्नल पर हमने उनसे उनके लेखन, उनकी लेखन प्रक्रिया और लेखन से जुड़े दूसरे अनुभवों पर बात की है। आप भी पढ़ें:

साक्षात्कार: लेखक अशफ़ाक़ अहमद से बातचीत Read More
कहानी: घर-जमाई - प्रेमचंद

कहानी: घर-जमाई – प्रेमचंद

हरिधन को अब लगने लगा था कि अब उसकी उसके ससुराल में इज़्ज़त नहीं रही थी। उसके ससुराल वाले तो उसकी इज़्ज़त करते नहीं थे साथ में उसे अब लगता था कि उसकी पत्नी गुमानी के नज़र में भी उसकी इज़्ज़त नहीं रही थी। हरिधन को ऐसा क्यों लग रहा था? उसने आगे क्या किया? पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की कहानी ‘घर-जमाई’:

कहानी: घर-जमाई – प्रेमचंद Read More
कहानी: मम्मी, मुझे बेटी पुकारो ना! - किसलय पंचोली

कहानी: मम्मी, मुझे बेटी पुकारो ना! – किसलय पंचोली

‘मम्मी, मुझे बेटी पुकारो न!’ लेखिका किसलय पंचोली की लिखी कहानी है। यह कहानी साहित्य विमर्श प्रकाशन से प्रकाशित लेखिका के कहानी संग्रह ‘गेट से बाहर फ्रायड’ में संगृहीत है। आप भी पढ़ें:

कहानी: मम्मी, मुझे बेटी पुकारो ना! – किसलय पंचोली Read More
कहानी: अमराई - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: अमराई – सुभद्रा कुमारी चौहान

वह अमराई ठाकुर साहब की थी। वह ठाकुर साहब जो कि ब्रिटिश सरकार के खैरख्वाह थे। पर कुछ समय से उस अमराई में असहयोगियों का जमघट लगने लगा था। ठाकुर साहब तक ये खबर जब पहुँची तो वो अमराई में पहुँचे। आगे क्या हुआ? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी यह कहानी ‘अमराई’:

कहानी: अमराई – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More
कहानी: लौटकर यहीं आऊँगा - सुमन बाजपेयी

कहानी: लौटकर यहीं आऊँगा – सुमन बाजपेयी

कथावाचिका को लगता है कि उसका पति सुशांत उसका खयाल नहीं रखता है। लापरवाह है। उसके इस रवैये से वह परेशान रहती है। आज भी सुशांत ने कुछ ऐसा ही किया था। सुशांत ने आखिर क्या किया था? आगे क्या हुआ? पढ़ें सुमन बाजपेयी की कहानी ‘लौटकर यहीं आऊँगा’:

कहानी: लौटकर यहीं आऊँगा – सुमन बाजपेयी Read More
कहानी: दृष्टिकोण - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: दृष्टिकोण – सुभद्रा कुमारी चौहान

निर्मला और रमाकांत दोनों दुनिया की नज़र में आदर्श दंपति थे। पर उनकी प्रकृति अलग-अलग थी। जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण अलग अलग था। इसी कारण कभी कभार उनके बीच मतभेद भी हो जाता था। आखिर इस अलग-अलग दृष्टिकोण का क्या नतीजा निकला? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘दृष्टिकोण’:

कहानी: दृष्टिकोण – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More
कहानी: मूठ - प्रेमचंद

कहानी: मूठ – प्रेमचंद

डॉक्टर जयपाल बड़े कृपण थे। अपने परिवार की जरूरतों पर भी पैसे खर्च करने में उन्हें तकलीफ सी होती थी। ऐसे में जब उन्होंने अपनी रुपये की थैली से पैसे गायब पाये तो उनका परेशान होना लाज़िमी ही था। वो कुछ भी करके अपने चुराए पैसे पाना चाहते थे। क्या उन्हें उनके पैसे मिले? पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की लिखी कहानी ‘मूठ’:

कहानी: मूठ – प्रेमचंद Read More
कहानी: मुट्ठी भर आसमान - मीनाक्षी सिंह

कहानी: मुट्ठी भर आसमान – मीनाक्षी सिंह

‘मुट्ठी भर आसमान’ लेखिका मीनाक्षी सिंह की कहानी है। दीप्ति की अपनी कामवाली कुलीना से हुई बातचीत उसे अपने जीवन का पुनर्वलोकन करने पर मजबूर कर देती है। आखिर क्या थी ये बातचीत और दीप्ति ने खुद को उसके बरक्स कहाँ पर पाया। आप भी पढ़ें:

कहानी: मुट्ठी भर आसमान – मीनाक्षी सिंह Read More
कहानी: मंत्र - प्रेमचंद

कहानी: मंत्र – प्रेमचंद

डॉक्टर चड्ढा एक नामी डॉक्टर थे जिनके हर काम का एक समय नियत था। कुछ भी हो जाये वो अपने नियम से न डिगते थे। यही कारण है उन्होंने उस बूढ़े की मदद नहीं की थी और गोल्फ खेलने चले गए थे। पर अब उन्हें मदद की आवश्यकता थी। आगे क्या हुआ ये जानने के लिए पढ़ें प्रेमचंद की कहानी ‘मंत्र’।

कहानी: मंत्र – प्रेमचंद Read More
हिंदी कहानी: जंजाल -प्रेमचंद

कहानी: जंजाल – प्रेमचंद

पार्वती को लगता था कि स्त्री की इज़्ज़त गहनों से ही होती है। इसीलिए जब उसके पति सुरेंद्र ने उसे नये गहने लाकर दिये तो वह बहुत खुश हुई। उसे लगा था कि अब उसके मायके में उसकी पूछ होगी। पर क्या असल में ऐसा हुआ? क्या उसकी सोच सही थी? पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘जंजाल’:

कहानी: जंजाल – प्रेमचंद Read More