सामाजिक-मानवीय मूल्यों को प्रतिबिंबित करती थी जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा की लेखनी

सामाजिक-मानवीय मूल्यों को प्रतिबिंबित करती थी जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा की लेखनी

हिन्दी लोकप्रिय साहित्य के क्षेत्र में जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा का नाम ध्रुव तारे के समान टिमटिमाता है। वह ऐसे लेखक रहे हैं जिन्होंने हर तरह का लेखन (जासूसी, सामाजिक और गंभीर) किया है और अपने लेखन में उन्होंने मानवता को सबसे ऊपर रखा। आज उनकी 24 वीं पुण्यतिथि है। उन्हें याद करते हुए लेखक राम ‘पुजारी’ ने यह लेख लिखा है। इस लेख में संक्षिप्त में उनके जीवन को समेटा है। आप भी पढ़िये। 

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रैना उवाच: निर्मल वर्मा

निर्मल वर्मा हिन्दी के ऐसे लेखक रहे हैं जिनकी भाषा ने पाठकों को ही नहीं बल्कि लेखकों को भी मोहा है। कई नये लेखक उन्हें पढ़ने के बाद उनके जैसा …

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अजीब दास्ताँ जिंदगी: लुडविग जोसेफ जोहान विट्गेन्स्टाइन

गजानन रैना साहित्यानुरागी हैं। साहित्य की विभिन्न विधाओं पर लिखते रहते हैं। आज एक बुक जर्नल पर पढ़िए उनका लिखा आलेख जो कि एक ऐसे दार्शनिक की कहानी बताता है …

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फसाने जैसा फसानाकार: स्टीफन स्वाइग

  स्टीफन स्वाइग वो एक ऐसा फसानाकार था जिसकी खुद की जिंदगी किसी फसाने से कम न थी।  उसने जिस विधा को हाथ लगाया,  कमाल कर दिखाया। वो जहाँ था, …

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बच्चे – प्रियंवद

गजानन रैना साहित्यानुरागी हैं। सोशल मीडिया पर अलग-अलग साहित्यिक रचनाओं में अपने खास अंदाज में लिखते हैं। उन्होंने लेखक प्रियंवद की कहानी ‘बच्चे’ पर कुछ लिखा है। आप भी पढ़िए।  …

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रैना उवाच: हिंदी साहित्य के वो सितारे जिन्हें भुला देना सही नहीं

हिन्दी साहित्य में अक्सर साहित्यकारों को वह स्थान नहीं मिल पाता है जिसके वह हकदार होते हैं। कई बार उन्हें वह स्थान मिलता भी है तो आगे आने वाली पीढ़ी …

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रैना उवाच: अपनी आधुनिकता में भी अपनी जड़ों से जुड़ी हुईं थीं मन्नू भण्डारी

15 नवंबर 2021 को वरिष्ठ लेखिका मन्नू भण्डारी इस नश्वर संसार से चली गईं। 90 वर्ष का भरपूर जीवन जीने के पश्चात वह एक नवीन यात्रा पर चल पड़ीं। अपने …

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आवारा मसीहा शरत चंद्र थे नारी मन और भारतीय समाज के कुशल चितेरे

शरतचंद्र चट्टोंपाध्याय, स्रोत: विकीपीड़िया आज से 145 वर्ष पूर्व 15 सितंबर 1876 को  बंगाल के हुगली जिले के देवनन्द पुर नामक गाँव में शरत चंद्र चट्टोपाध्याय का जन्म  हुआ था। …

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रैना उवाच: लेखक और उनके लेखकीय ‘टेल’

गजानन रैना जब लिखते है अनूठा लिखते हैं। साहित्य को देखने की उनकी अपनी एक नजर है। आज उन्होंने लेखकीय टेल पर कुछ लिखा है। आप भी पढ़ें:

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रैना उवाच: कविता

गजानन रैना  सोशल मीडिया में रैना उवाच के नाम से अपने ख़ास अंदाज में अलग अलग विषयों पर अपनी टीप को प्रकाशित करते रहते हैं। आज एक बुक जर्नल में पढ़िए कविता के ऊपर लिखी उनकी ये टिप्पणी।

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रैना उवाच: आवारा मसीहा की छवि और सामाजिक स्वीकृति की चाहत के बीच की खींचतान का नतीजा है अंतिम परिचय

गजानन रैना  सोशल मीडिया में रैना उवाच के नाम से अपने ख़ास अंदाज में अलग अलग विषयों पर अपनी टीप को प्रकाशित करते रहते हैं। आज एक बुक जर्नल में पढ़िए शरत चन्द्र चट्टोपाध्य के उपन्यास अंतिम परिचय पर लिखी गयी उनकी पाठकीय टिप्पणी। 

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