भारतीय महिला अपराध साहित्यकार
आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। यह दिवस हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। आज के दिन महिलाओं के आर्थिक, राजनितिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष में उत्सव की …
भारतीय महिला अपराध साहित्यकार Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। यह दिवस हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। आज के दिन महिलाओं के आर्थिक, राजनितिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष में उत्सव की …
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जासूसी उपन्यास दुनिया के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले उपन्यासों की श्रेणी में आते हैं। आनन्द कुमार सिंह भी जासूसी उपन्यासों के शौक़ीन हैं और देशी विदेशी सभी तरह के जासूसी उपन्यासों को अपने खाली वक्त में पढ़ते रहते हैं। प्रस्तुत लेख में आनन्द कुमार सिंह ने अपराध साहित्य के उन इंवेस्टिगेटरों के विषय में लिखा है जो उन्हें भाते हैं। आप भी पढ़ें:
मेरे पसंदीदा इंवेस्टिगेटर – आनंद कुमार सिंह Read More
गजानन रैना साहित्यानुरागी है और साहित्य के अलग अलग पहलुओं और साहित्यिक कृतियों पर बात करने का उनका अपना अलग अंदाज है। रैना उवाच के नाम से वह यह टिप्पणियाँ अपने सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं। आज हम आपके लिए ऐसा ही एक रैना उवाच ला रहे हैं जिसमें वह अपनी दो पसंदीदा कहानियों पर बात कर रहे हैं।
रैना उवाच: दो पसंदीदा कहानियाँ – स्मृतियाँ और तदुपरांत Read More
कई बार सुबह सुबह आप फेसबुक खोले तो ऐसी चीजें दिख जाती हैं जो आपका दिन बना देती हैं। आज मेरे साथ ऐसा ही हुआ। जॉगिंग से लौटकर जब मैं आया और मैंने फेसबुक खोला तो मेरी नजर एक ऐसी पोस्ट पर पढ़ी जिसके कारण मैंने कुछ ऐसा देखा जो कि इस हफ्ते मेरी देखी हुई बेहतरीन चीजों में से एक था।
राजन-इकबाल लड़के कमाल!! Read More
आनन्द कुमार सिंह प्रभात खबर अखबार में सीनियर रिपोर्टर हैं। वह कोलकता में रहते हैं। उन्होंने अब तक तीन किताबें : ‘टिक टॉक, टिक टॉक’, ‘हीरोइन की हत्या’ और ‘रुक जा ओ जाने वाली’ लिखी हैं। ‘टिक टॉक टिक टॉक’ एक विज्ञान गल्प के तत्व लिए थ्रिलर है, ‘हीरोइन की हत्या’ एक रहस्यकथा है और ‘रुक जा ओ जाने वाली’ एक रोमांटिक लघु-उपन्यास है। वह लेखक होने के साथ अच्छे अपराध साहित्य के मुरीद भी हैं। उन्होंने यह लेख अपनी पसंदीदा अपराध साहित्य शृंखला को लेकर लिखा है। आप भी पढ़ें:
रहस्य और रोमांच का परफेक्ट कॉकटेल है डॉन विंस्लो की ‘पावर ऑफ द डॉग’ त्रेयी Read Moreयूँ तो अक्सर जो उपन्यास मैं पढ़ता हूँ उनके किरदारों में अपनी हल्की फुलकी झलक देख ही देता हूँ। उनकी कुछ परेशानियाँ मेरी भी होती हैं और कई बार जिस …
एक किरदार से मुलाकात – 1 Read More