कहानी: नदी का इश्क जिंदा था – दिव्या शर्मा
‘नदी का इश्क ज़िंदा था’ लेखिका दिव्या शर्मा की कहानी है। यह कहानी उनके कथा संग्रह ‘कैलंडर पर लटकी तारीखें’ में संकलित है।
कहानी: नदी का इश्क जिंदा था – दिव्या शर्मा Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
‘नदी का इश्क ज़िंदा था’ लेखिका दिव्या शर्मा की कहानी है। यह कहानी उनके कथा संग्रह ‘कैलंडर पर लटकी तारीखें’ में संकलित है।
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कथावाचक का अंतिम समय निकट है। ऐसे में वह और उसकी अपनी उसके जीवन की एक झलक पाठकों के समक्ष रखना चाहते हैं। आप भी पढ़ें भुवनेश्वर की कहानी ‘जीवन की झलक’
कहानी: जीवन की झलक – भुवनेश्वर Read More
‘मास्टरनी’ भुवनेश्वर की लिखी कथा है। यह कथा मई 1938 में ‘चक्कलस’ में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें:
कहानी: मास्टरनी – भुवनेश्वर Read More
जोखू की तबीयत खराब थी और इसलिए घर का गंदा पानी उसे गंगा देना नहीं चाहती थी। वह प्यासा था और इसलिए गंगा ने फैसला किया कि ठाकुर के कुएँ से वह पानी लायेगी।
पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘ठाकुर का कुआँ’।
देवनिवास और अमरनाथ साइकल पर निकले थे कि देवनिवास एक बूढ़े से टकरा गया। बूढ़े के साथ उसकी बेटी नीरा भी थी। फिर परिस्थिति कुछ ऐसी बन पड़ी कि देवनिवास और अमरनाथ बूढ़े की कुटिया पर पहुँच गए। आगे जानने के लिए पढ़ें जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘नीरा’।
कहानी: नीरा – जयशंकर प्रसाद Read More
वनस्थली के रंगीन संसार में अरुण किरणों ने इठलाते हुए पदार्पण किया और वे चमक उठीं, देखा तो कोमल किसलय और कुसुमों की पंखुरियाँ, बसंत-पवन के पैरों के समान हिल रही थीं। पीले पराग का अंगराग लगने से किरणें पीली पड़ गयी। बसंत का प्रभात था।
कहानी: अपराधी – जयशंकर प्रसाद Read More
आपसी क्लेश और नासमझी के चलते एक परिवार की स्थिति बद से बदतर हो सकती है। पढ़ें ऐसे ही परिवार की कथा दर्शाती महेश सिंह की यह मार्मिक कहानी ‘विधा का लिखा को मेटन हारा’:
कहानी: विधि का लिखा को मेटन हारा – महेश सिंह Read More
पंडित सीतानाथ चौबे मुरादाबाद के प्रसिद्ध वकील थे। समाज में उनकी इज्जत थी। पर फिर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें भूत दिखने लगा। पढ़िए कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘भूत’। यह कहानी मानसरोवर 4 में संकलित है।
कहानी: भूत – प्रेमचंद Read More
चंदा का विवाह रामू से तय हुआ था लेकिन चंदा हीरा को पसंद करती थी। हीरा भी चंदा को पसंद करता था। और रामू को यह बात पसंद नहीं थी। इस प्रेम त्रिकोण का क्या नतीजा निकला? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘चंदा’।
कहानी: चंदा – जयशंकर प्रसाद Read More
‘हाथी के दाँत’ विकास नैनवाल ‘अंजान’ की लिखी लघु-कथा है। अक्सर हमारी कथनी और करनी में फर्क होता है। कहानी इसी बात को रेखांकित करती है। यह प्रथम बार उत्तरांचल पत्रिका के अगस्त 2019 अंक में प्रकाशित हुई थी।
लघु-कथा: हाथी के दाँत – विकास नैनवाल ‘अंजान’ Read More
प्रेमचंद की कहानी ‘नशा’ दो किशोरों की कहानी है। सामंतवाद के खिलाफ रहने वाला कथावाचक अपने मित्र, जो कि जमींदार घराने से आता है, के गाँव समय बिताने जाता है। वहाँ जो कुछ होता है वही कहानी बनती है। यह मानसरोवर खंड 1 में संकलित है।
कहानी: नशा – प्रेमचंद Read More
लेखक देवेन्द्र प्रसाद अपने पारलौकिक उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं। ‘खौफ… कदमों की आहट’, ‘रहस्यमयी सफर’, ‘कब्रिस्तान की चुड़ैल’, ‘लौट आया नरपिशाच’ इत्यादि उनके द्वारा लिखे गए कुछ उपन्यास हैं। एक बुक जर्नल पर पढ़ें उनकी एक कहानी ‘खूनी चंडालन’।
कहानी: खूनी चंडालन – देवेन्द्र प्रसाद Read More