निबंध: जीवन में साहित्य का स्थान – प्रेमचंद
जीवन में साहित्य का स्थान प्रेमचंद का लिखा निबंध है। यह 1932 के हंस के अप्रैल अंक में प्रकाशित हुआ था। आप भी पढ़ें:
निबंध: जीवन में साहित्य का स्थान – प्रेमचंद Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
जीवन में साहित्य का स्थान प्रेमचंद का लिखा निबंध है। यह 1932 के हंस के अप्रैल अंक में प्रकाशित हुआ था। आप भी पढ़ें:
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वनस्थली के रंगीन संसार में अरुण किरणों ने इठलाते हुए पदार्पण किया और वे चमक उठीं, देखा तो कोमल किसलय और कुसुमों की पंखुरियाँ, बसंत-पवन के पैरों के समान हिल रही थीं। पीले पराग का अंगराग लगने से किरणें पीली पड़ गयी। बसंत का प्रभात था।
कहानी: अपराधी – जयशंकर प्रसाद Read More
पंडित सीतानाथ चौबे मुरादाबाद के प्रसिद्ध वकील थे। समाज में उनकी इज्जत थी। पर फिर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें भूत दिखने लगा। पढ़िए कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘भूत’। यह कहानी मानसरोवर 4 में संकलित है।
कहानी: भूत – प्रेमचंद Read More
चंदा का विवाह रामू से तय हुआ था लेकिन चंदा हीरा को पसंद करती थी। हीरा भी चंदा को पसंद करता था। और रामू को यह बात पसंद नहीं थी। इस प्रेम त्रिकोण का क्या नतीजा निकला? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘चंदा’।
कहानी: चंदा – जयशंकर प्रसाद Read More
‘हाथी के दाँत’ विकास नैनवाल ‘अंजान’ की लिखी लघु-कथा है। अक्सर हमारी कथनी और करनी में फर्क होता है। कहानी इसी बात को रेखांकित करती है। यह प्रथम बार उत्तरांचल पत्रिका के अगस्त 2019 अंक में प्रकाशित हुई थी।
लघु-कथा: हाथी के दाँत – विकास नैनवाल ‘अंजान’ Read More
प्रेमचंद की कहानी ‘नशा’ दो किशोरों की कहानी है। सामंतवाद के खिलाफ रहने वाला कथावाचक अपने मित्र, जो कि जमींदार घराने से आता है, के गाँव समय बिताने जाता है। वहाँ जो कुछ होता है वही कहानी बनती है। यह मानसरोवर खंड 1 में संकलित है।
कहानी: नशा – प्रेमचंद Read More
रांगेय राघव हिंदी के लेखक थे। उन्होंने अपने जीवन में उपन्यास, कहानियाँ, रिपोर्ताज, अनुवाद किया। वह अपने विपुल लेखन के लिए जाने जाते हैं। पढे उनकी कहानी ‘पेड़’।
कहानी: पेड़ – रांगेय राघव Read More
निशांत मौर्य कानपुर के रहने वाले हैं। साहित्य से उन्हें गहरा लगाव है। एक बुक जर्नल पर पढ़िए उनकी कहानी आसक्ति।
कहानी: आसक्ति – निशांत मौर्य Read More
शिवपूजन सहाय उपन्यासकार, संपादक और गद्यकार थे। उन्होंने हिंदी और भोजपुरी भाषा में लेखन किया। पढ़ें उनकी कहानी ‘कहानी का प्लॉट’।
कहानी: कहानी का प्लॉट – शिवपूजन सहाय Read More
जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘इंद्रजाल’ प्रथम बार इसी नाम से प्रकाशित उनके कहानी संग्रह में 1961 में प्रकाशित हुई थी। अब एक बुक जर्नल पर पढ़ें गोली और बेला की यह प्रेमकथा।
कहानी: इंद्रजाल – जयशंकर प्रसाद Read More
‘आखिरी हीला’ प्रेमचंद की लिखी हास्यकथा है। कथावाचक को जब पता लगता है कि उसकी पत्नी गाँव से शहर उसके पास आकर रहना चाहती है तो वह उसका शहर आना टालने के लिए क्या क्या बहाने गढ़ता है। आप भी पढ़िए।
कहानी: आखिरी हीला – प्रेमचंद Read More
‘भाई बहन’ राजेन्द्र बाला घोष की लिखी कहानी है जो कि बाल प्रभाकर पत्रिका में 1908 में प्रकाशित हुई थी। कहानी में स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग के महत्व के विषय में बताया गया है। पढ़ें यह कहानी:
कहानी: भाई-बहन – राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला) Read More