फसाने जैसा फसानाकार: स्टीफन स्वाइग

  स्टीफन स्वाइग वो एक ऐसा फसानाकार था जिसकी खुद की जिंदगी किसी फसाने से कम न थी।  उसने जिस विधा को हाथ लगाया,  कमाल कर दिखाया। वो जहाँ था, …

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कहानी: प्रेमपूर्ण तरंग - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

कहानी: प्रेमपूर्ण तरंग – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

बाबू प्रेमपूर्ण कथावाचक के मित्र हैं। रोमांस का उन्हें शौक है। जब एक युवती ‘तरंग’ का उनको पत्र आता है तो क्या होता है यही इस कहानी में देखने को मिलता है। आप भी पढ़ें सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कहानी प्रेमपूर्ण तरंग।

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पुस्तक टिप्पणी: देवता - सत्यकाम विद्यालंकार

पुस्तक टिप्पणी: देवता – सत्यकाम विद्यालंकार

‘देवता’ सत्यकाम विद्यालंकार द्वारा लिखित लघु-उपन्यास है जो कि प्रथम बार 1962 में प्रकाशित हुआ था। यह मूल रूप से उषा और सोमनाथ की कहानी है। पढ़े इस लघु-उपन्यास पर लिखी यह टिप्पणी:

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बच्चे – प्रियंवद

गजानन रैना साहित्यानुरागी हैं। सोशल मीडिया पर अलग-अलग साहित्यिक रचनाओं में अपने खास अंदाज में लिखते हैं। उन्होंने लेखक प्रियंवद की कहानी ‘बच्चे’ पर कुछ लिखा है। आप भी पढ़िए।  …

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सभ्य कहे जाने वाले, पारिवारिक लोगों द्वारा होने वाली नोच खसोट का आख्यान है ‘जाँच अभी जारी है’

गजानन रैना सोशल मीडिया पर अपनी साहित्यिक टिप्पणी के लिए जाने जाते हैं। अपने विशेष अंदाज में वो साहित्य और साहित्यिक हस्तियों पर टिप्पणी करते हैं। आज पढ़िए सुप्रसिद्ध लेखिका ममता …

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इन्होंने जीता साहित्य के क्षेत्र में वर्ष 2022 का पुलित्जर

  वर्ष 2022  के पुलित्जर पुरस्कारों की घोषणा कर दी गयी है। यह घोषणा 9 मई 2022 को की गई।  वर्ष 2022 में साहित्य की विभिन्न श्रेणियों में जिन लोगों …

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रैना उवाच: हिंदी साहित्य के वो सितारे जिन्हें भुला देना सही नहीं

हिन्दी साहित्य में अक्सर साहित्यकारों को वह स्थान नहीं मिल पाता है जिसके वह हकदार होते हैं। कई बार उन्हें वह स्थान मिलता भी है तो आगे आने वाली पीढ़ी …

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कहानी: थाती - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: थाती – सुभद्रा कुमारी चौहान

कथावाचिका बहुत परेशान है। वह रो रही है। पर आखिर वो रो क्यों रही है? उसे क्या दु:ख है? अपने हृदय का हाल ही वह इस कहानी के माध्यम से बता रही है। आप भी पढ़ें:

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स्मृति, विस्मृति और कथ्य की पृष्ठभूमि में बजते विषाद के एक सुर की रचना है ‘द अनकन्सोल्ड’

गजानन रैना साहित्यानुरागी है और साहित्य के अलग अलग पहलुओं  और साहित्यिक कृतियों पर बात करने का उनका अपना अलग अंदाज है। रैना उवाच के नाम से वह यह टिप्पणियाँ अपने सोशल मीडिया …

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कहानी: न्याय -सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

कहानी: न्याय – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

किस तरह न्यायवयस्था में सच के बजाए ताकतवर को तरजीह दी जाती है और कैसे न्याय के रक्षक अपनी सहूलियत के लिए न्याय के साथ खिलवाड़ करते हैं यह सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कहानी ‘न्याय’ को पढ़कर जाना जा सकता है।

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कहानी: अनुरोध - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: अनुरोध – सुभद्रा कुमारी चौहान

वीणा नहीं चाहती थी कि निरंजन इतनी जल्दी जाए। पर निरंजन को जाना था। वो अपना जाना अब और अधिक नहीं टाल सकता था।
वीणा क्यों नहीं चाहती थी निरंजन जाए? निरंजन क्यों जाना चाहता था? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘अनुरोध’:

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कहानी: मछुए की बेटी - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: मछुए की बेटी – सुभद्रा कुमारी चौहान

तिन्नी को उसके मछुआरे माता-पिता ने बड़े लाड़ से पाला था। यही कारण था कि वह बड़ी निडर हो गयी थी और अपनी मर्ज़ी का काम किया करती थी। उन दिनों राजा साहब के बेटे कृष्णदेव की नज़र तिन्नी पर पड़ी तो वह उसे देखते ही रह गये। आगे क्या हुआ ये जानने के लिए पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी कहानी ‘मछुए की बेटी’।

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