कहानी: आहुति - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: आहुति – सुभद्रा कुमारी चौहान

‘आहुति’ लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी है। यह कहानी उनके ‘बिखरे मोती’ नामक संग्रह में प्रकाशित हुई थी। राधेश्याम ने अपनी पत्नी मनोरमा की मृत्यु के बाद यह फैसला किया था कि वो दूसरा विवाह नहीं करेंगे। पर फिर उन्होंने कुंतला को देखा। आगे क्या हुआ? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘आहुति’।

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कहानी: किस्मत - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: किस्मत – सुभद्रा कुमारी चौहान

‘किस्मत’ लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी कथा है। यह कहानी उनके कहानी संग्रह ‘बिखरे मोती’ में प्रकाशित हुई थी। कहानी के केंद्र में किशोरी नामक युवती है जिसके पति का देहांत हो गया है। ससुराल में उसका जीवन पति की मृत्यु के बाद किस तरह का हो जाता है यह प्रस्तुत कहानी दर्शाती है। आप भी पढ़ें:

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कहानी: कदम्ब के फूल - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: कदम्ब के फूल – सुभद्रा कुमारी चौहान

‘कदम्ब के फूल’ लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी कहानी है। कहानी उनके संग्रह ‘बिखरे मोती’ में प्रकाशित हुई थी। भामा ने मोहन से जब वो दोने मँगवाये थे तो उसे कहाँ पता था वो घर में कलेश की वजह बन जाएँगे। पर ऐसा ही हुआ। ऐसा क्यों हुआ? जानने के लिए पढ़ें ये कहानी:

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कहानी: परिवर्तन - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: परिवर्तन – सुभद्रा कुमारी चौहान

परिवर्तन लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी कहानी है। यह कहानी उनके 1932 में प्रकाशित कहानी संग्रह बिखरे मोती में संग्रहित थी। आप भी पढ़ें:

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उन्मादिनी - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: उन्मादिनी – सुभद्रा कुमारी चौहान

हीना को लोग उन्मादिनी कहते हैं। ऐसा उसे क्यों कहा जाता है? जानने के लिए पढ़िए सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘उन्मादिनी’

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कहानी: गुल्ली-डंडा - प्रेमचंद | मानसरोवर-1

कहानी: गुल्ली-डंडा – प्रेमचंद

कथावाचक को लगता है गुल्ली-डंडे से बेहतर खेल कोई नहीं है। आज कई वर्षों बाद वो उस जगह लौटा है जहाँ उसका बचपन बीता था और उसने अपना समय दोस्तों के साथ गुल्ली-डंडा खेलते हुए बिताया था। अपने उन्हीं बीते दिनों को याद वो फिर से ताज़ा करना चाहता है। आगे क्या हुआ? पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की लिखी यह कहानी ‘गुल्ली-डंडा’:

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कहानी: पापी पेट - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: पापी पेट – सुभद्रा कुमारी चौहान

‘पापी पेट’ सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा लिखी कहानी है जो कि उनके संग्रह बिखरे मोती में प्रकाशित हुई थी। अंग्रेजी राज में कई भारतीय पुलिस का हिस्सा थे। एक लाठी चार्ज के बाद ऐसे ही कुछ भारतीयों के मनोभावों को यह कहानी दर्शाती है। आप भी पढ़ें:

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रैना उवाच: क्लिष्ट दर्शन की एक सहज, सुबोध, प्रगीतात्मक शैली में कही कथा है, ‘सिद्धार्थ’

गजानन रैना साहित्यानुरागी है और साहित्य के अलग अलग पहलुओं  और साहित्यिक कृतियों पर बात करने का उनका अपना अलग अंदाज है। रैना उवाच के नाम से वह यह टिप्पणियाँ अपने सोशल मीडिया …

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एक गलतफहमी से उपजे अकेलेपन की दास्तान है निमाई भट्टाचार्य का उपन्यास गलतफहमी

संस्करण विवरण: फॉर्मैट: पेपरबैक | पृष्ठ संख्या: 134 | प्रकाशक: डायमंड बुक्स | अनुवादक: कुमार नीलभ | मूल भाषा: बांग्ला  पुस्तक लिंक: अमेज़न कहानी  डॉक्टरी की पढ़ाई करने के बाद …

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गोन विद द विंड 3: युद्ध की पृष्ठभूमि में रची प्रेम कथा है गोन विद द विंड

 गोन विद द विंड अंग्रेजी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में से एक माना जाता है। 1936 में प्रकाशित हुए इस उपन्यास ने अपने प्रकाशन के तुरन्त बाद ही लोगों के दिल में अपनी …

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गोन विद द विंड 1: एक अलग कालखण्ड की यात्रा है गोन विद द विंड

गोन विद द विंड अंग्रेजी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में से एक माना जाता है। 1936 में प्रकाशित हुए इस उपन्यास ने अपने प्रकाशन हुए इस उपन्यास ने अपने प्रकाशन के तुरन्त बाद …

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