पुस्तक टिप्पणी: शर्तिया इश्क - शकील समर

पुस्तक टिप्पणी: शर्तिया इश्क – शकील समर

‘शर्तिया इश्क’ शकील समर का उपन्यास है। उपन्यास अंजुमन प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। एक बुक जर्नल पर पढ़ें लेखक संदीप नैयर की इस उपन्यास पर टिप्पणी।

पुस्तक टिप्पणी: शर्तिया इश्क – शकील समर Read More
राजकमल प्रकाशन समूह का सालाना ऑनलाइन बुक फेयर 29 मई से 9 जून तक

राजकमल प्रकाशन समूह का सालाना ऑनलाइन बुक फेयर 29 मई से 9 जून तक

गर्मी की छुट्टियों को पढ़ने-पढ़ाने के उत्सव में बदलने के लिए राजकमल प्रकाशन समूह 29 मई से 9 जून 2025 तक ऑनलाइन बुक फेयर का आयोजन कर रहा है। इस दौरान पुस्तकप्रेमियों को समूह की सभी पुस्तकें आकर्षक छूट पर उपलब्ध करायी जाएगी।

राजकमल प्रकाशन समूह का सालाना ऑनलाइन बुक फेयर 29 मई से 9 जून तक Read More
हिंदी कहानी | गदल - रांघेय राघव

कहानी: गदल – रांघेय राघव

गदल के लड़के थे, बहुएँ थीं। एक भरा पूरा परिवार लेकिन वो परिवार को छोड़कर अपने से कम उम्र के आदमी के साथ रहने चली गयी थी। आखिर उसने ये फैसला क्यों किया था?
एक बुक जर्नल पर पढ़ें रांगेय राघव की कहानी ‘गदल’।

कहानी: गदल – रांघेय राघव Read More
पुस्तक टिप्पणी: आओ बच्चों तुम्हें सुनाएँ - आलोक कुमार
पुस्तक अंश: कोरोया फूल: जन, जंगल, जीवन - अथनास किसपोट्टा

पुस्तक अंश: कोरोया फूल: जन, जंगल, जीवन – अथनास किसपोट्टा

अथनास किसपोट्टा की पुस्तक कोरोया फूल: जन ,जंगल ,जीवन छोटा नागपुर इलाके के आदिवासियों के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का दस्तावेज है। अपने इन संस्मरणों और लेखों से लेखक ने वहाँ की संस्कृति और उसमें होते बदलावों को दर्शाने का प्रयास किया है। एक बुक जर्नल पर पढ़िए पुस्तक कोरोया फूल में मौजूद एक लेख ‘गोंगो’।

पुस्तक अंश: कोरोया फूल: जन, जंगल, जीवन – अथनास किसपोट्टा Read More
कहानी: माता का आँचल - शिवपूजन सहाय

कहानी: माता का आँचल – शिवपूजन सहाय

बचपन में कथावाचक किस तरह की शरारत करते थे और किस तरह कुछ गड़बड़ होने पर माता के आँचल में समा जाते थे यही इस कहानी में लेखक द्वारा दर्शाया गया है। पढ़ें शिवपूजन सहाय द्वारा लिखी कहानी ‘माता का आँचल।’

कहानी: माता का आँचल – शिवपूजन सहाय Read More
लीलाधर मंडलोई की आत्मकथा 'जब से आँख खुली हैं' पर विचारगोष्ठी का आयोजन

लीलाधर मंडलोई की आत्मकथा ‘जब से आँख खुली हैं’ पर विचारगोष्ठी का आयोजन

राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित वरिष्ठ साहित्यकार लीलाधर मंडलोई की आत्मकथा ‘जब से आँख खुली हैं’ पर गुरुवार शाम सिविल सेवा अधिकारी संस्थान (CSOI) में बातचीत का आयोजन किया गया।

लीलाधर मंडलोई की आत्मकथा ‘जब से आँख खुली हैं’ पर विचारगोष्ठी का आयोजन Read More
डॉ. निर्मला जैन की स्मृति में सभा का आयोजन

डॉ. निर्मला जैन की स्मृति में सभा का आयोजन

डॉ. निर्मला जैन की स्मृति में 23 अप्रैल की शाम साहित्य अकादेमी सभागार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह आयोजन राजकमल प्रकाशन और हंस मासिक पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।

डॉ. निर्मला जैन की स्मृति में सभा का आयोजन Read More
कहानी: क्रांतिकारिणी - आचार्य चतुरसेन शास्त्री

कहानी: क्रांतिकारिणी – आचार्य चतुरसेन शास्त्री

कथावाचक ट्रेन से अपने दोस्त के घर मेरठ जा रहा था जब वह युवती ट्रेन में चढ़ी। कौन थी वह युवती? वह ट्रेन में कहाँ जा रही थी? कथावचक की उसमें रुचि क्यों जागृत हुई? पढ़ें आचार्य चतुरसेन की कहानी ‘क्रांतिकारिणी’।

कहानी: क्रांतिकारिणी – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
पद्म सिंह शर्मा के साथ तीन दिन - प्रेमचंद

पद्म सिंह शर्मा के साथ तीन दिन – प्रेमचंद

पद्म सिंह शर्मा हिंदी के निबंधकार, आलोचक थे। प्रेमचंद के साथ इनके प्रगाढ़ सम्बन्ध थे। 1932 में पद्म सिंह शर्मा देहावसान के पश्चात प्रेमचंद ने यह लेख उनकी याद में लिखा था। आप भी पढ़ें:

पद्म सिंह शर्मा के साथ तीन दिन – प्रेमचंद Read More
राजकमल के सहयात्रा उत्सव में 28 को होगा ‘भविष्य के स्वर’ कार्यक्रम का आयोजन

राजकमल के सहयात्रा उत्सव में 28 को होगा ‘भविष्य के स्वर’ कार्यक्रम का आयोजन

26 फरवरी, 2025 (बुधवार) नई दिल्ली। राजकमल प्रकाशन के 80वें स्थापना दिवस पर शुक्रवार को ‘भविष्य के स्वर’ विचार-पर्व का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में कला और साहित्य के क्षेत्र …

राजकमल के सहयात्रा उत्सव में 28 को होगा ‘भविष्य के स्वर’ कार्यक्रम का आयोजन Read More
कहानी: चूड़ीवाली - जयशंकर प्रसाद

कहानी: चूड़ीवाली – जयशंकर प्रसाद

विलासिनी नगर की प्रसिद्ध नर्तकी की कन्या थी। आजकल वो रोज बाबू विजयकृष्ण, जिन्हें लोग सरकार कहते थे, की अट्टालिका पहुँच जाया करती थी। वह चूड़ीवाली बनकर उनके यहाँ जाती और सरकार की पत्नी को चूड़ियाँ पहनाया करती। वह आख़िरकार ऐसा क्यों कर रही थी? जानने के लिए पढ़ें जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘चूड़ीवाली’।

कहानी: चूड़ीवाली – जयशंकर प्रसाद Read More