साहित्यकार शोभा शर्मा के काव्य संग्रह का हुआ लोकार्पण

साहित्यकार शोभा शर्मा के काव्यसंग्रह ‘प्रणयधारा’ का हुआ लोकार्पण

साहित्यकार शोभा शर्मा के नवीन काव्यसंग्रह ‘प्रणयधारा’ का लोकार्पण विदुषी वामा मंच के बैनर तले, मंच के तीन वर्ष पूरे होने पर, आयोजन गांधी आश्रम, छतरपुर में किया गया।

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लेखक गौरव कुमार निगम की नवीन पुस्तक का गोमती पुस्तक मेले लखनऊ में हुआ विमोचन

गोमती पुस्तक महोत्सव में लेखक गौरव कुमार निगम के उपन्यास ‘स्कैंडल इन लखनऊ’ का हुआ लोकार्पण

लखनऊ यूनिवर्सिटी प्रांगण में आयोजित गोमती पुस्तक महोत्सव के साहित्यिक मंच पर रविवार को लेखक गौरव कुमार निगम की पुस्तक ‘स्कैंडल इन लखनऊ’ का लोकार्पण सम्पन्न हुआ। यह एक अपराध कथा है जिसे लखनऊ की पृष्ठभूमि पर लिखा गया है।

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मेरी पहली रचना - प्रेमचंद

मेरी पहली रचना – प्रेमचंद

कथासम्राट प्रेमचंद की पहली रचना कौन सी थी? अपने बचपन में उन्होंने क्या क्या पढ़ा था? यह सब वह इस लेख में बता रहे हैं। आप भी पढ़ें:

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सुकुल की बीबी - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

कहानी: सुकुल की बीबी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

सुकुल कथावाचक का बहुत पुराना दोस्त था। आज काफी समय बाद उससे मिलने आया था। और साथ में उसकी बीबी। सुकुल की बीबी ने कथावाचक के सामने ऐसा प्रस्ताव रखा कि उसकी हैरत का ठिकाना न रहा। आखिर ऐसा कहा था सुकुल की बीबी ने? सुकुल और उसकी बीबी कथावाचक के पास क्यों आये थे? पढ़ें सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कहानी ‘सुकुल की बीबी’।

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लघु-कथा: लड़ाई - भुवनेश्वर

लघु-कथा: लड़ाई – भुवनेश्वर

‘लड़ाई’ भुवनेश्वर की लिखी लघु-कथा है। यह रचना हंस पत्रिका के वर्ष 1939 के सितम्बर में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें:

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यात्रा वृत्तांत: यमलोक का जीवन - महावीर प्रसाद द्विवेदी

यात्रा वृत्तांत: यमलोक का जीवन – महावीर प्रसाद द्विवेदी

डॉ शैकलटन दक्षिणी ध्रुव की यात्रा पर जाकर लौट आये थे। बीमारी ने उन्हें आने पर मजबूर कर दिया था। उन्होंने अपनी यात्रा का वृत्तांत लिखा जिसे आधार बनाकर महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा यह लेख लिखा गया। आप भी पढ़ें:

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कहानी: कलकत्ते में एक रात - आचार्य चतुरसेन शास्त्री

कहानी: कलकत्ते में एक रात – आचार्य चतुरसेन शास्त्री

गाँव में रहने वाला कथावाचक जब पहली बार कलकत्ते में पहुँचता है तो उसके साथ क्या होता है ये आचार्य चतुरसेन ने अपनी कहानी ‘कलकत्ते में एक रात’ में बताया है। शहर में नये नये आये लोगों को कैसे ठग अपना शिकार बना देते हैं यह इसमें दर्शाया है। आप भी पढ़ें:

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चंद्रदेव से मेरी बातें - राजेंद्र बाला घोष (बंग महिला)

कहानी: चंद्रदेव से मेरी बातें – राजेंद्र बाला घोष (बंग महिला)

राजेन्द्र बाला घोष बंग महिला के नाम से लेखन किया करती थीं। वह अपने लेखन में समाज पर करारा व्यंग्य करा करती थीं। पढ़ें उनकी लिखी पत्रात्मक शैली में लिखी यह कहानी ‘चंद्रदेव से मेरी बातें’।

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हिंदी कहानी: जंजाल -प्रेमचंद

कहानी: जंजाल – प्रेमचंद

पार्वती को लगता था कि स्त्री की इज़्ज़त गहनों से ही होती है। इसीलिए जब उसके पति सुरेंद्र ने उसे नये गहने लाकर दिये तो वह बहुत खुश हुई। उसे लगा था कि अब उसके मायके में उसकी पूछ होगी। पर क्या असल में ऐसा हुआ? क्या उसकी सोच सही थी? पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘जंजाल’:

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कहानी: सौत - प्रेमचंद

कहानी: सौत – प्रेमचंद

रज़िया के पति रामू ने रज़िया की उम्र होने पर एक नयी पत्नी लाने का फैसला किया और आखिर उसकी सौत ले ही आया। वह घर जो रज़िया ने अपनी मेहनत से बनाया था अब उसका नहीं रहा था। आगे क्या हुआ? पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘सौत’:

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कहानी: पैकेज डील - सुमन बाजपेयी

कहानी: पैकेज डील – सुमन बाजपेयी

मनसा एक पढ़ी लिखी स्वतंत्र ख़यालों की लड़की थी। उसका सोचना था कि शादी एक तरह की पैकेज डील होती है जिसमें हर चीज हर किसी के हिस्से नहीं आती। सुबोध को भी मनसा के साथ ऐसे ही एक डील मिली थी। आखिर क्या थी ये डील? जानने के लिए पढ़ें लेखिका सुमन बाजपेयी की कहानी ‘पैकेज डील’।

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पुराना ज़माना - नया ज़माना - प्रेमचंद

पुराना ज़माना – नया ज़माना – प्रेमचंद

नये ज़माने और पुराने ज़माने में क्या फर्क था? नये ज़माने में क्या अच्छी बातें हैं और कौन सी बुरी और पुराने ज़माने के हिसाब से वह कहाँ ठहरता है। और नये ज़माने के शासकों को किन बातों का खयाल रखना चाहिए? यह सब प्रेमचंद अपने इस लेख में बता रहे हैं। आप भी पढ़ें:

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