पद्म सिंह शर्मा के साथ तीन दिन - प्रेमचंद

पद्म सिंह शर्मा के साथ तीन दिन – प्रेमचंद

पद्म सिंह शर्मा हिंदी के निबंधकार, आलोचक थे। प्रेमचंद के साथ इनके प्रगाढ़ सम्बन्ध थे। 1932 में पद्म सिंह शर्मा देहावसान के पश्चात प्रेमचंद ने यह लेख उनकी याद में लिखा था। आप भी पढ़ें:

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कहानी: ठाकुर का कुआँ - प्रेमचंद

कहानी: ठाकुर का कुआँ – प्रेमचंद

जोखू की तबीयत खराब थी और इसलिए घर का गंदा पानी उसे गंगा देना नहीं चाहती थी। वह प्यासा था और इसलिए गंगा ने फैसला किया कि ठाकुर के कुएँ से वह पानी लायेगी।
पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘ठाकुर का कुआँ’।

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निबंध: जीवन में साहित्य का स्थान - प्रेमचंद

निबंध: जीवन में साहित्य का स्थान – प्रेमचंद

जीवन में साहित्य का स्थान प्रेमचंद का लिखा निबंध है। यह 1932 के हंस के अप्रैल अंक में प्रकाशित हुआ था। आप भी पढ़ें:

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प्रेमचंद की कहानी 'भूत'

कहानी: भूत – प्रेमचंद

पंडित सीतानाथ चौबे मुरादाबाद के प्रसिद्ध वकील थे। समाज में उनकी इज्जत थी। पर फिर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें भूत दिखने लगा। पढ़िए कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘भूत’। यह कहानी मानसरोवर 4 में संकलित है।

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नशा - प्रेमचंद

कहानी: नशा – प्रेमचंद

प्रेमचंद की कहानी ‘नशा’ दो किशोरों की कहानी है। सामंतवाद के खिलाफ रहने वाला कथावाचक अपने मित्र, जो कि जमींदार घराने से आता है, के गाँव समय बिताने जाता है। वहाँ जो कुछ होता है वही कहानी बनती है। यह मानसरोवर खंड 1 में संकलित है।

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लघु-कथा: प्रेमचंद -मगर का शिकार

लघु-कथा: मगर का शिकार – प्रेमचंद

‘मगर का शिकार’ प्रेमचंद की लिखी एक रचना है। कथावाचक को जब कुछ मछुआरे एक बकरी के बच्चे को नदी के पास लेकर आते मिले तो उनके मन में कोतूहल जागा। आखिर वो बकरी के बच्चे का क्या करना चाहते थे? जानने के लिए पढ़ें ये रचना:

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आखिरी हीला - प्रेमचंद | कहानी

कहानी: आखिरी हीला – प्रेमचंद

‘आखिरी हीला’ प्रेमचंद की लिखी हास्यकथा है। कथावाचक को जब पता लगता है कि उसकी पत्नी गाँव से शहर उसके पास आकर रहना चाहती है तो वह उसका शहर आना टालने के लिए क्या क्या बहाने गढ़ता है। आप भी पढ़िए।

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कहानी: कायर - प्रेमचंद

कहानी: कायर – प्रेमचंद

केशव और प्रेमा सहपाठी थे। वह आपस में प्रेम करते थे। केशव का कहना था कि वह जात-पाँत पर विश्वास नहीं करता है और प्रेमा से विवाह करके ही रहेगा। वहीं प्रेमा को ऐसा होना असम्भव लगता था। आगे क्या हुआ? पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की यह कहानी ‘कायर’:

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कहानी: पूस की रात - प्रेमचंद

कहानी: पूस की रात – प्रेमचंद

हल्कू ने वह रुपये कम्बल के लिए बचाए थे। वो कम्बल जिसे उसे रात को खेतों की निगरानी करते हुये ओढ़ना था। पर फिर वो पैसे उसे दे देने पड़े। अब चिंता थी तो यह कि वह खेत में पूस की रात को बिना कम्बल के कैसे बिताएगा। पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की कहानी ‘पूस की रात’:

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कहानी: बूढ़ी काकी - प्रेमचंद

कहानी: बूढ़ी काकी – प्रेमचंद

बुढ़ापा बहुधा बचपन का पुनरागमन हुआ करता है। बूढ़ी काकी में जिह्वा-स्वाद के सिवा और कोई चेष्टा शेष न थी और न अपने कष्टों की ओर आकर्षित करने का, रोने के अतिरिक्त कोई दूसरा सहारा ही।
…पढ़ें लेखक प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘बूढ़ी काकी’:

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कहानी: कफ़न - प्रेमचंद

कहानी: कफ़न – प्रेमचंद

माधव की जवान पत्नी प्रसव के दौरान चल बसी। माधव और घीसू, जिनके खाने के भी लाले थे, अब उसके लिए कफ़न का इंतज़ाम करने निकल पड़े। पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की लिखी यह प्रसिद्ध कहानी ‘कफ़न’:

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कहानी: बड़े भाई साहब - प्रेमचंद

कहानी: बड़े भाई साहब – प्रेमचंद

‘बड़े भाई साहब’ कथाकार प्रेमचंद की लिखी कहानी है। कहानी का कथावाचक एक किशोर है जो अपने बड़े भाई साहब और अपने विषय में पाठकों को बता रहा है। वह हॉस्टल में अपने बड़े भाई साहब के साथ रहता है। उनके बीच का रिश्ता कैसा है यह इस कहानी में झलकता है। आप भी पढ़ें:

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