लघु-कथा: देवी – प्रेमचंद
कथावाचक को वह औरत रात को पार्क पर बैठी दिखी थी। फिर कुछ ऐसा हुआ कि उस कथावाचक का मन उस औरत के पीछे जाने का हो गया। ऐसा क्यों हुआ?
पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की लिखी यह लघु-कथा ‘देवी’।
साहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
कथावाचक को वह औरत रात को पार्क पर बैठी दिखी थी। फिर कुछ ऐसा हुआ कि उस कथावाचक का मन उस औरत के पीछे जाने का हो गया। ऐसा क्यों हुआ?
पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की लिखी यह लघु-कथा ‘देवी’।
पंडित आयोध्यानाथ की मृत्यु हुई तो पीछे रह गयी उनकी विधवा फूलमती और उनकी संतानें। फूलमती जिसकी मर्ज़ी के बिना घर में कोई काम न होता था। पर पति की मृत्यु के बाद जैसे कुछ बदल गया था। आखिर क्या हुआ था फूलमती के साथ जो उसे ऐसा लगा। पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की कहानी ‘बेटों वाली विधवा’।
कहानी: बेटों वाली विधवा – प्रेमचंद Read More
वंशीधर को नमक का दारोगा नियुक्त किया गया तो उसके पिता को लगा कि उनके दिन फिर गये हैं। अब उनके जीवन खुशहाली से बीतेगा। उन्होंने वंशीधर को ये शिक्षा भी दी कि नौकरी करी कैसी जाती है। पर फिर भी वह निलम्बित हो गये। ऐसा क्यों हुआ? पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की प्रसिद्ध कथा ‘नमक का दारोगा’।
कहानी: नमक का दारोगा – प्रेमचंद Read More
कथावाचक को लगता है गुल्ली-डंडे से बेहतर खेल कोई नहीं है। आज कई वर्षों बाद वो उस जगह लौटा है जहाँ उसका बचपन बीता था और उसने अपना समय दोस्तों के साथ गुल्ली-डंडा खेलते हुए बिताया था। अपने उन्हीं बीते दिनों को याद वो फिर से ताज़ा करना चाहता है। आगे क्या हुआ? पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की लिखी यह कहानी ‘गुल्ली-डंडा’:
कहानी: गुल्ली-डंडा – प्रेमचंद Read More
किताब दिसंबर 17 2019 से जनवरी 14 2020 के बीच पढ़ा गया संस्करण विवरण: फॉर्मेट: ई बुक पृष्ठ संख्या:433 ए एस आई एन: B01MDVA7D2 मानसरोवर 1 मुंशी प्रेम चंद की कहानियों …
मानसरोवर 1.2 – मुंशी प्रेमचंद Read More
संग्रह दिसम्बर 17, 2019 से जनवरी 14, 2020 के बीच में पढ़ा गया संस्करण विवरण: फॉर्मेट: ई बुक पृष्ठ संख्या:433 ए एस आई एन: B01MDVA7D2 मानसरोवर 1 – मुंशी प्रेमचंद मानसरोवर …
मानसरोवर 1.1 – मुंशी प्रेमचंद Read More
रेटिंग: 3.5/5 उपन्यास ६ जून 2016 से १२ जून 2016 के बीच पढ़ा गया संस्करण विवरण: फॉर्मेट : पेपरबैक पृष्ठ संख्या: 280 प्रकाशक : मेपल प्रेस पहला वाक्य : हमारे स्कूलों और …
कर्मभूमि – प्रेमचंद Read More
पोस्ट का शीर्षक देखकर आप सोच रहे होंगे की ये कौन सी पुस्तक है। तो मैं आपको बता दूँ ये कोई पुस्तक नहीं है। कुछ दिनों पहले मैंने न्यूज़ हंट एप्प के माध्यम …
कुछ कहानियाँ (पूस की रात,सुजान भगत ,चाल) Read More