कहानी: एक प्याली चाय – डॉ. रुखसाना सिद्दीकी
‘एक प्याली चाय’ लेखिका डॉ. रुखसाना सिद्दीकी की कहानी है। यह कहानी 2023 में प्रकाशित उनके कहानी संग्रह ‘एक प्याली चाय’ में शामिल थी।
कहानी: एक प्याली चाय – डॉ. रुखसाना सिद्दीकी Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
‘एक प्याली चाय’ लेखिका डॉ. रुखसाना सिद्दीकी की कहानी है। यह कहानी 2023 में प्रकाशित उनके कहानी संग्रह ‘एक प्याली चाय’ में शामिल थी।
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कमल का सब कुछ लुट चुका था। अब उसके पास बचा था तो केवल एक रुपया। उसने इस एक रुपये का क्या किया? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लिखी यह लघु-कथा ‘विजया’।
लघु-कथा: विजया – जयशंकर प्रसाद Read More
30 मार्च 2025 को इंदौर में वामा साहित्य मंच के बैनर तले लेखिका डॉ. किसलय पंचोली के कथा संग्रह ‘गेट से बाहर फ्रायड’ का विमोचन सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल के सभागृह में हुआ।
मध्यमवर्गीय दर्द, असुरक्षा, स्त्री विमर्श, जीवन की छोटी छोटी सच्चाइयाँ दर्शाती हैं किसलय पंचोली की कहानियाँ Read More
‘ककड़ी की कीमत’ लेखक आचार्य चतुरसेन शास्त्री की लिखी कहानी है। यह कहानी 1959 में प्रकाशित ‘मेरी प्रिय कहानियाँ’ और 1961 में प्रकाशित ‘कहानी खत्म हो गयी’ नामक संग्रह में शामिल थी। इस कहानी के माध्यम से लेखक ने दिल्ली की पुरानी संस्कृति दर्शाने की कोशिश की है। आप भी पढ़ें:
कहानी: ककड़ी की कीमत – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
कथावाचक ट्रेन से अपने दोस्त के घर मेरठ जा रहा था जब वह युवती ट्रेन में चढ़ी। कौन थी वह युवती? वह ट्रेन में कहाँ जा रही थी? कथावचक की उसमें रुचि क्यों जागृत हुई? पढ़ें आचार्य चतुरसेन की कहानी ‘क्रांतिकारिणी’।
कहानी: क्रांतिकारिणी – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
10 फरवरी, 2025 (सोमवार) नई दिल्ली: नौ दिनों तक चले नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला-2025 का रविवार को समापन हुआ। इस वर्ष मेले में पुस्तकप्रेमियों की जबरदस्त भागीदारी देखने को …
हिंदी में बढ़ी गंभीर वैचारिक किताबों की माँग Read More
विलासिनी नगर की प्रसिद्ध नर्तकी की कन्या थी। आजकल वो रोज बाबू विजयकृष्ण, जिन्हें लोग सरकार कहते थे, की अट्टालिका पहुँच जाया करती थी। वह चूड़ीवाली बनकर उनके यहाँ जाती और सरकार की पत्नी को चूड़ियाँ पहनाया करती। वह आख़िरकार ऐसा क्यों कर रही थी? जानने के लिए पढ़ें जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘चूड़ीवाली’।
कहानी: चूड़ीवाली – जयशंकर प्रसाद Read More
‘बगुला भगत’ लेखिका डॉ. अंशु जोशी की लिखी कहानी है। कहानी उनके कथा संग्रह ‘अग्निपाखी’ में संगृहीत है। कई बार लोगों की कथनी और करनी में कितना फर्क होता है यह लेखिका अपनी इस कहानी से दर्शा रही हैं।
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17 जनवरी, 2025 (शुक्रवार) नई दिल्ली: आज से करीब सत्तर वर्ष पहले के काल में जाकर गौतम चौबे ने जिस तरह ‘चक्का जाम’ उपन्यास की रचना की है, वह किसी …
आज़ादी के बाद देश-समाज की कशमकश का बारीक चित्रण है ‘चक्का जाम’ उपन्यास Read More
‘नदी का इश्क ज़िंदा था’ लेखिका दिव्या शर्मा की कहानी है। यह कहानी उनके कथा संग्रह ‘कैलंडर पर लटकी तारीखें’ में संकलित है।
कहानी: नदी का इश्क जिंदा था – दिव्या शर्मा Read More
कथावाचक का अंतिम समय निकट है। ऐसे में वह और उसकी पत्नी उसके जीवन की एक झलक पाठकों के समक्ष रखना चाहते हैं। आप भी पढ़ें भुवनेश्वर की कहानी ‘जीवन की झलक’
कहानी: जीवन की झलक – भुवनेश्वर Read More
जोखू की तबीयत खराब थी और इसलिए घर का गंदा पानी उसे गंगा देना नहीं चाहती थी। वह प्यासा था और इसलिए गंगा ने फैसला किया कि ठाकुर के कुएँ से वह पानी लायेगी।
पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘ठाकुर का कुआँ’।