हिन्दी अपराध साहित्य में एक काबिल लेखक का पदार्पण है ‘हीरोइन की हत्या’

अमित वाधवानी  धुले महाराष्ट्र से आते हैं। अपराध साहित्य में उनकी विशेष रूचि है और देशी विदेशी दोनों तरह का अपराध साहित्य वह पढ़ते रहते हैं।  आनंद कुमार सिंह के उपन्यास है …

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हीरोइन की हत्या – आनन्द कुमार सिंह

गुरप्रीत सिंह चंडीगढ़ के निवासी हैं और भारतीय रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजिनियर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उपन्यास पढ़ने और फिल्में सीरीज देखने में उनकी विशेष …

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मेरे प्रिय इंवेस्टिगेटर - आनंद कुमार सिंह

मेरे पसंदीदा इंवेस्टिगेटर – आनंद कुमार सिंह

जासूसी उपन्यास दुनिया के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले उपन्यासों की श्रेणी में आते हैं। आनन्द कुमार सिंह भी जासूसी उपन्यासों के शौक़ीन हैं और देशी विदेशी सभी तरह के जासूसी उपन्यासों को अपने खाली वक्त में पढ़ते रहते हैं। प्रस्तुत लेख में आनन्द कुमार सिंह ने अपराध साहित्य के उन इंवेस्टिगेटरों के विषय में लिखा है जो उन्हें भाते हैं। आप भी पढ़ें:

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विमल श्रृंखला के कुछ रोचक किरदार – 1

विमल अपराध लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक के सबसे मकबूल किरदारों में से एक है। विमल को लेकर लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक ने 44 उपन्यास लिखे हैं।  विमल की प्रसिद्ध का …

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गजानन रैना

रैना उवाच: दो पसंदीदा कहानियाँ – स्मृतियाँ और तदुपरांत

गजानन रैना साहित्यानुरागी है और साहित्य के अलग अलग पहलुओं  और साहित्यिक कृतियों पर बात करने का उनका अपना अलग अंदाज है। रैना उवाच के नाम से वह यह टिप्पणियाँ अपने सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं।  आज हम आपके लिए ऐसा ही एक रैना उवाच ला रहे हैं जिसमें वह अपनी दो पसंदीदा कहानियों पर बात कर रहे हैं।

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न बैरी न कोई बेगाना: कुछ आपबीती, कुछ जगबीती

सुरेन्द्र मोहन पाठक आज हिन्दी अपराध साहित्य के सबसे अधिक पढ़े जाने वाले लेखक हैं। सन 2018 में जब उनकी आत्मकथा का पहला भाग न बैरी न कोई बैगाना प्रकाशित हुआ था तो मित्र राशीद शेख ने पुस्तक पर एक विस्तृत टिप्पणी लिखी थी। उस वक्त यह लेख एक हिन्दी अखबार में भी प्रकाशित हुआ था। राशीद शेख का लिखा यह लेख बहुत ही खूबसूरत तरीके से किताब के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालता है। आप भी पढ़िए।

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पुस्तक टिप्पणी: ओ पी नैय्यर: दुनिया से निराला हूँ, जादूगर मतवाला हूँ!

‘दुनिया से निराला हूँ, जादूगर मतवाला हूँ’: एक किताब, जिसे एकाग्र होकर पढ़ना है मुश्किल

ओंकार प्रसाद नय्यर (16 जनवरी 1926 – 27 जनवरी 2007), अपने नाम के संक्षिप्त रूप ओ॰ पी॰ नय्यर से लोकप्रिय हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध संगीतकार थे जो लाहौर में पैदा हुए थे तथा अपने चुलबुले संगीत के लिये जाने जाते थे। 2018 में पराग डिमरी जी द्वारा लिखित ओ पी नैय्यर जी की जीवनी दुनिया से निराला हूँ,जादूगर मतवाला हूँ प्रकाशित हुई थी।
‘दुनिया से निराला हूँ, जादूगर मतवाला हूँ’ के ऊपर राशीद शेख जी ने यह लेख लिखा है।

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रहस्य और रोमांच का परफेक्ट कॉकटेल है डॉन विंस्लो की 'पावर ऑफ द डॉग' त्रेयी

रहस्य और रोमांच का परफेक्ट कॉकटेल है डॉन विंस्लो की ‘पावर ऑफ द डॉग’ त्रेयी

आनन्द कुमार सिंह प्रभात खबर अखबार में सीनियर रिपोर्टर हैं। वह कोलकता में रहते हैं। उन्होंने अब तक तीन किताबें : ‘टिक टॉक, टिक टॉक’, ‘हीरोइन की हत्या’ और ‘रुक जा ओ जाने वाली’ लिखी हैं। ‘टिक टॉक टिक टॉक’ एक विज्ञान गल्प के तत्व लिए थ्रिलर है, ‘हीरोइन की हत्या’ एक रहस्यकथा है और ‘रुक जा ओ जाने वाली’ एक रोमांटिक लघु-उपन्यास है। वह लेखक होने के साथ अच्छे अपराध साहित्य के मुरीद भी हैं। उन्होंने यह लेख अपनी पसंदीदा अपराध साहित्य शृंखला को लेकर लिखा है। आप भी पढ़ें:

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