कहानी: स्वामिनी – प्रेमचंद
रामप्यारी शिवदास की बहू थी। बिरजू की वह पत्नी थी। बिरजू जब अकाल मृत्यु को प्राप्त हुआ तो शिवदास ने उसे भंडारे की चाबी देकर घर की स्वामिनी बना दिया। सोचा, ऐसे ही बहू का मन लगा रहेगा। आगे क्या हुआ? पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की लिखी यह कहानी ‘स्वामिनी’:
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