कहानी: आसक्ति – निशांत मौर्य
निशांत मौर्य कानपुर के रहने वाले हैं। साहित्य से उन्हें गहरा लगाव है। एक बुक जर्नल पर पढ़िए उनकी कहानी आसक्ति।
कहानी: आसक्ति – निशांत मौर्य Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
निशांत मौर्य कानपुर के रहने वाले हैं। साहित्य से उन्हें गहरा लगाव है। एक बुक जर्नल पर पढ़िए उनकी कहानी आसक्ति।
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शिवपूजन सहाय उपन्यासकार, संपादक और गद्यकार थे। उन्होंने हिंदी और भोजपुरी भाषा में लेखन किया। पढ़ें उनकी कहानी ‘कहानी का प्लॉट’।
कहानी: कहानी का प्लॉट – शिवपूजन सहाय Read More
सब कुछ कितना खूबसूरत था यहाँ। उनके घर के आगे का बरामदा था जहाँ बेंत की कुर्सी और मोढ़े को लगाकर बैठते हुए शाम गुजारना उसे पसंद था। यह जगह उसकी सबसे प्रिय जगहों में से थी। वो इधर बैठकर घंटों कल्पना के सागर में गोते लगा सकती थी या सामने दिखते दृश्यों को निहार सकती थी।
कहानी: गुंजन – विकास नैनवाल ‘अंजान’ Read More
‘एक नर्स की डायरी’ निमाई भट्टाचार्य के बांग्ला उपन्यास ‘अनुरागिनी’ का हिंदी अनुवाद है। अनुवाद कुमार नीलाभ द्वारा किया गया है। पुस्तक डायमंड प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गयी है।
एक नर्स की डायरी – निमाई भट्टाचार्य | अनुवाद: कुमार नीलाभ | डायमंड बुक्स Read More
केशव और प्रेमा सहपाठी थे। वह आपस में प्रेम करते थे। केशव का कहना था कि वह जात-पाँत पर विश्वास नहीं करता है और प्रेमा से विवाह करके ही रहेगा। वहीं प्रेमा को ऐसा होना असम्भव लगता था। आगे क्या हुआ? पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की यह कहानी ‘कायर’:
कहानी: कायर – प्रेमचंद Read More
वापसी गुलशन नंदा का लिखा उपन्यास है जिसे उन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद की पृष्ठभूमि पर लिखा गया है। उपन्यास को श्री डिजिटल प्रकाशन द्वारा ई-बुक फॉर्मैट में पुनः मुद्रित किया गया है। पढ़ें पुस्तक पर लिखी यह टिप्पणी:
वापसी – गुलशन नंदा | श्री डिजिटल प्रकाशन Read More
‘लाल रेखा’ कुशवाहा कांत का लिखा प्रसिद्ध उपन्यास है। यह आजादी पूर्व भारत और उसमें मौजूद दो देशभक्त युवाओं की कथा है। पढ़ें उपन्यास पर लिखी यह टिप्पणी:
लाल रेखा – कुशवाहा कांत | राजपाल एंड सन्स Read More
‘एक रात का मेहमान’ जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा का लिखा उपन्यास है। उपन्यास नीलम जासूस कार्यालय द्वारा प्रकाशित किया गया है। पढ़ें पुस्तक पर लिखी यह टिप्पणी:
एक रात का मेहमान – जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा | नीलम जासूस कार्यालय Read More
हल्कू ने वह रुपये कम्बल के लिए बचाए थे। वो कम्बल जिसे उसे रात को खेतों की निगरानी करते हुये ओढ़ना था। पर फिर वो पैसे उसे दे देने पड़े। अब चिंता थी तो यह कि वह खेत में पूस की रात को बिना कम्बल के कैसे बिताएगा। पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की कहानी ‘पूस की रात’:
कहानी: पूस की रात – प्रेमचंद Read More
‘धड़कनें’ जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा का सामाजिक उपन्यास है। उपन्यास के केंद्र में चरनदास है जो अपने मोहल्ले की लड़की चमेली से प्यार करता है और उसे पाने की कोशिश उपन्यास में करता दिखता है। पढ़ें उपन्यास पर लिखी यह टिप्पणी:
‘धड़कनें’ – जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा | नीलम जासूस कार्यालय Read More
‘धड़कनें’ जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा द्वारा लिखा गया सामाजिक उपन्यास है। कई वर्षों से आउट ऑफ प्रिंट रहने के बाद इस उपन्यास को नीलम जासूस कार्यालय द्वारा पुनः प्रकाशित …
पुस्तक अंश: धड़कनें – जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा Read More
मोहन को लगता था पत्नी को उसकी दासी होना चाहिए। उसने ये कर भी दिखाया था। पर अब वो खुश नहीं था। ऐसा क्यों? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लघु-कथा ‘सहयोग’।
लघु-कथा: सहयोग – जयशंकर प्रसाद Read More