कहानी: पेड़ – रांगेय राघव
रांगेय राघव हिंदी के लेखक थे। उन्होंने अपने जीवन में उपन्यास, कहानियाँ, रिपोर्ताज, अनुवाद किया। वह अपने विपुल लेखन के लिए जाने जाते हैं। पढे उनकी कहानी ‘पेड़’।
कहानी: पेड़ – रांगेय राघव Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
रांगेय राघव हिंदी के लेखक थे। उन्होंने अपने जीवन में उपन्यास, कहानियाँ, रिपोर्ताज, अनुवाद किया। वह अपने विपुल लेखन के लिए जाने जाते हैं। पढे उनकी कहानी ‘पेड़’।
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‘मगर का शिकार’ प्रेमचंद की लिखी एक रचना है। कथावाचक को जब कुछ मछुआरे एक बकरी के बच्चे को नदी के पास लेकर आते मिले तो उनके मन में कोतूहल जागा। आखिर वो बकरी के बच्चे का क्या करना चाहते थे? जानने के लिए पढ़ें ये रचना:
लघु-कथा: मगर का शिकार – प्रेमचंद Read More
जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘इंद्रजाल’ प्रथम बार इसी नाम से प्रकाशित उनके कहानी संग्रह में 1961 में प्रकाशित हुई थी। अब एक बुक जर्नल पर पढ़ें गोली और बेला की यह प्रेमकथा।
कहानी: इंद्रजाल – जयशंकर प्रसाद Read More
‘आखिरी हीला’ प्रेमचंद की लिखी हास्यकथा है। कथावाचक को जब पता लगता है कि उसकी पत्नी गाँव से शहर उसके पास आकर रहना चाहती है तो वह उसका शहर आना टालने के लिए क्या क्या बहाने गढ़ता है। आप भी पढ़िए।
कहानी: आखिरी हीला – प्रेमचंद Read More
‘भाई बहन’ राजेन्द्र बाला घोष की लिखी कहानी है जो कि बाल प्रभाकर पत्रिका में 1908 में प्रकाशित हुई थी। कहानी में स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग के महत्व के विषय में बताया गया है। पढ़ें यह कहानी:
कहानी: भाई-बहन – राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला) Read More
विधवा होने के बाद बूटी का व्यवहार बहुत कटु हो गया था। अपना गुस्सा वो अपने बड़े बेटे मोहन पर उतारती थी। बूटी के व्यवहार में कटुता क्यों आयी? मोहन पर बूटी के व्यवहार पर क्या असर पड़ा? पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की कहानी ‘ज्योति’:
कहानी: ज्योति – प्रेमचंद Read More
जग्गैया और कामैया एक साथ खेला करते थे। उनके बीच चुहलबाज़ी चलती रहती थी। फिर उनके बीच अनबोला हो गया। ये अनबोला क्यों हुआ? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लिखी लघु-कथा ‘अनबोला’:
लघु-कथा: अनबोला – जयशंकर प्रसाद Read More
केशव और प्रेमा सहपाठी थे। वह आपस में प्रेम करते थे। केशव का कहना था कि वह जात-पाँत पर विश्वास नहीं करता है और प्रेमा से विवाह करके ही रहेगा। वहीं प्रेमा को ऐसा होना असम्भव लगता था। आगे क्या हुआ? पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की यह कहानी ‘कायर’:
कहानी: कायर – प्रेमचंद Read More
राधे की बूढ़ी माँ मंदिर के बाहर ही अपनी दुकान लगाती थी और राधे ताड़ी पीने में ही अपना समय बिता देता था। वृद्धा ने सोचा भी नहीं था मंदिर में राधे के कारण कुछ होगा। फिर कुछ हुआ। क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लघु-कथा ‘विराम चिन्ह’।
लघु-कथा: विराम चिन्ह – जयशंकर प्रसाद Read More
पाठशाला का वार्षिकोत्सव था। मैं भी वहाँ बुलाया गया था। वहाँ के प्रधान अध्यापक का एकमात्र पुत्र, जिसकी अवस्था आठ वर्ष की थी, बड़े लाड़ से नुमाइश में मिस्टर हादी …
लघु-कथा: पाठशाला – चंद्रधर शर्मा गुलेरी Read More
मुलिया घास का गट्ठा लेकर आयी तो उसका चेहरा तमतमाया हुआ था। महावीर ने उसे देखा तो उसे लगा कि हो न हो मुलिया के साथ कुछ न कुछ गलत हुआ है। आखिर मुलिया के साथ क्या हुआ था? क्या महावीर का अंदेशा सही था? पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की कहानी ‘घासवाली’:
कहानी: घासवाली – प्रेमचंद Read More
नंदू एक बनजारा था जो जंगलों में घूम-घूमकर व्यापार के लिए वस्तु क्रय-विक्रय करता था। मोनी उसी जंगल में रहती थी और उससे वह अक्सर सामान ले लिया करता था। आगे क्या हुआ? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘बंजारा’:
कहानी: बनजारा – जयशंकर प्रसाद Read More