कहानी: हवा – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’
पं. जगनंदन प्रसाद मिश्र कट्टर ब्राह्मण थे जिन्हें लगता था कि शास्त्रों का पालन अक्षरशः होना चाहिए। तर्क का इसमें कोई स्थान नहीं है। पर फिर ऐसा क्या है कि उन्हें लगने लगा कि समाज में अब गलत हवा चलने लगी है। पढ़ें विशम्भरनाथ शर्मा कौशिक की यह कहानी ‘हवा’:
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