कहानी: सूर्यपूजा – भुवनेश्वर
विलास डॉक्टर से दुनिया छोड़ने की बात कर रहा है। वह ऐसा क्यों कर रहा है?
आप भी पढ़ें लेखक भुवनेश्वर की कहानी ‘सूर्यपूजा’:
साहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
विलास डॉक्टर से दुनिया छोड़ने की बात कर रहा है। वह ऐसा क्यों कर रहा है?
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उस मुस्कान ने ही सत्येंद्र की सोच की दिशा बदल दी थी। अब वह अपना सब कुछ भूलकर उसी मुस्कान के विषय में सोचा करते। आखिर किसकी थी ये मुस्कान? पढ़ें चंडीप्रसाद ‘हृदयेश’ की यह कहानी ‘मुस्कान’:
कहानी: मुस्कान – चंडीप्रसाद ‘हदयेश’ Read More
हरिधन को अब लगने लगा था कि अब उसकी उसके ससुराल में इज़्ज़त नहीं रही थी। उसके ससुराल वाले तो उसकी इज़्ज़त करते नहीं थे साथ में उसे अब लगता था कि उसकी पत्नी गुमानी के नज़र में भी उसकी इज़्ज़त नहीं रही थी। हरिधन को ऐसा क्यों लग रहा था? उसने आगे क्या किया? पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की कहानी ‘घर-जमाई’:
कहानी: घर-जमाई – प्रेमचंद Read More
रायबहादुर सम्पतिलाल शहर के धनाढ्य और सम्मानित व्यक्ति थे। अब उनकी इच्छा एम० एल० ए० का टिकट पाने की थी। क्या उनकी यह मुराद पूरी हुई? पढ़ें विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की कहानी ‘अवसरवाद’:
कहानी: अवसरवाद – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ Read More
कथावाचक के दफ्तर वाली गली में ही वह बूढ़ा हरचरन रहता था। वहाँ वो अपने परिवार के साथ मिलकर मूर्तियाँ बनाता था। एक बार कथावाचक ने देखा कि वह एक मूर्ति बना रहा है। उनके बीच उस अधूरी मूर्ति और वर्तमान हालात पर बातें होने लगीं। यह बातें क्या थीं? पढ़ें रांगेय राघव की यह कहानी ‘अधूरी मूर्ति’:
कहानी: अधूरी मूरत – रांगेय राघव Read More
तारा अपने माता-पिता की लाड़ली बेटी और भाइयों की लाड़ली बहन थी। जब राजा साहब ने अपने मँझले बेटे के लिए तारा को बहु के रूप में चुना तो न केवल तारा के माता-पिता बल्कि तारा भी बहुत खुश हुई थी। आखिर वो रानी जो बनने जा रही थी। आगे क्या हुआ? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी यह कहानी ‘मँझली रानी’:
कहानी: मँझली रानी – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More
पंडित रामशरण अपने विवाह योग्य बेटे का रिश्ता सोच समझ कर करना चाहते थे। उनकी मंशा थी कि रिश्ता ऐसा आये जहाँ से धन भी अच्छी मात्रा में आने की सम्भावना हो। इस कारण उन्होंने कई रिश्ते ठुकरा दिए थे। क्या उन्हें अपनी पसंद का रिश्ता अपने बेटे के लिए मिला?
कहानी: हिसाब-किताब – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ Read More
प्रोफेसर चंद्रायण वैज्ञानिक थे। उनकी इच्छा थी कि वह कोई ऐसा आविष्कार करें जिससे मानव जाति का भला हो सके। यही कारण था वह अपने कार्य में डूबे रहते थे और इसके चलते उनकी अपनी पत्नी शीला से भी अक्सर बहस हो जाया करती थी। क्या प्रोफेसर अपनी इच्छा पूरी कर पाए? पढ़ें विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की लिखी यह कहानी ‘आविष्कार’:
कहानी: आविष्कार – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ Read More
पंदहा गाँव के जैसिरी को अक्षर ज्ञान नहीं मिला था लेकिन फिर भी उनके भीतर ज्ञान की कमी नहीं थी। वह अपनी उम्र वाले लोगों से एकदम अलग थे। आखिर उन्होंने ये ज्ञान कैसे हासिल किया था? वह क्या चीजें थीं जो उन्हें बाकी लोगों से अलग बनाती थीं? पढ़ें राहुल सांकृत्यायन की यह कहानी जैसिरी:
कहानी: जैसिरी – राहुल सांकृत्यायन Read More
निर्मला और रमाकांत दोनों दुनिया की नज़र में आदर्श दंपति थे। पर उनकी प्रकृति अलग-अलग थी। जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण अलग अलग था। इसी कारण कभी कभार उनके बीच मतभेद भी हो जाता था। आखिर इस अलग-अलग दृष्टिकोण का क्या नतीजा निकला? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘दृष्टिकोण’:
कहानी: दृष्टिकोण – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More
डॉक्टर जयपाल बड़े कृपण थे। अपने परिवार की जरूरतों पर भी पैसे खर्च करने में उन्हें तकलीफ सी होती थी। ऐसे में जब उन्होंने अपनी रुपये की थैली से पैसे गायब पाये तो उनका परेशान होना लाज़िमी ही था। वो कुछ भी करके अपने चुराए पैसे पाना चाहते थे। क्या उन्हें उनके पैसे मिले? पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की लिखी कहानी ‘मूठ’:
कहानी: मूठ – प्रेमचंद Read More
सुपर्णा पं. रामखेलावन की पुत्री थी जिसका विवाह उन्होंने पं. गजानंद शास्त्री के साथ किया था। वह सुपर्णा से लगभग तीस साल बढ़े थे और सुपर्णा से उनकी चौथी शादी हुई थी। यह विवाह कैसे हुआ और सुपर्णा किस तरह से श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी बनी और श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी का जीवन आगे कैसा रहा? इसकी कथा आप भी पढ़ें:
कहानी: श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ Read More