कहानी: अधूरी मूरत - रांगेय राघव

कहानी: अधूरी मूरत – रांगेय राघव

कथावाचक के दफ्तर वाली गली में ही वह बूढ़ा हरचरन रहता था। वहाँ वो अपने परिवार के साथ मिलकर मूर्तियाँ बनाता था। एक बार कथावाचक ने देखा कि वह एक मूर्ति बना रहा है। उनके बीच उस अधूरी मूर्ति और वर्तमान हालात पर बातें होने लगीं। यह बातें क्या थीं? पढ़ें रांगेय राघव की यह कहानी ‘अधूरी मूर्ति’:

कहानी: अधूरी मूरत – रांगेय राघव Read More
कहानी: मँझली रानी - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: मँझली रानी – सुभद्रा कुमारी चौहान

तारा अपने माता-पिता की लाड़ली बेटी और भाइयों की लाड़ली बहन थी। जब राजा साहब ने अपने मँझले बेटे के लिए तारा को बहु के रूप में चुना तो न केवल तारा के माता-पिता बल्कि तारा भी बहुत खुश हुई थी। आखिर वो रानी जो बनने जा रही थी। आगे क्या हुआ? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी यह कहानी ‘मँझली रानी’:

कहानी: मँझली रानी – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More
कहानी: हिसाब-किताब - विश्वम्भरनाथ शर्मा 'कौशिक'

कहानी: हिसाब-किताब – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’

पंडित रामशरण अपने विवाह योग्य बेटे का रिश्ता सोच समझ कर करना चाहते थे। उनकी मंशा थी कि रिश्ता ऐसा आये जहाँ से धन भी अच्छी मात्रा में आने की सम्भावना हो। इस कारण उन्होंने कई रिश्ते ठुकरा दिए थे। क्या उन्हें अपनी पसंद का रिश्ता अपने बेटे के लिए मिला?

कहानी: हिसाब-किताब – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ Read More
कहानी: आविष्कार - विश्वम्भरनाथ शर्मा 'कौशिक'

कहानी: आविष्कार – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’

प्रोफेसर चंद्रायण वैज्ञानिक थे। उनकी इच्छा थी कि वह कोई ऐसा आविष्कार करें जिससे मानव जाति का भला हो सके। यही कारण था वह अपने कार्य में डूबे रहते थे और इसके चलते उनकी अपनी पत्नी शीला से भी अक्सर बहस हो जाया करती थी। क्या प्रोफेसर अपनी इच्छा पूरी कर पाए? पढ़ें विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की लिखी यह कहानी ‘आविष्कार’:

कहानी: आविष्कार – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ Read More
कहानी: जैसिरी - राहुल सांकृत्यायन

कहानी: जैसिरी – राहुल सांकृत्यायन

पंदहा गाँव के जैसिरी को अक्षर ज्ञान नहीं मिला था लेकिन फिर भी उनके भीतर ज्ञान की कमी नहीं थी। वह अपनी उम्र वाले लोगों से एकदम अलग थे। आखिर उन्होंने ये ज्ञान कैसे हासिल किया था? वह क्या चीजें थीं जो उन्हें बाकी लोगों से अलग बनाती थीं? पढ़ें राहुल सांकृत्यायन की यह कहानी जैसिरी:

कहानी: जैसिरी – राहुल सांकृत्यायन Read More
कहानी: दृष्टिकोण - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: दृष्टिकोण – सुभद्रा कुमारी चौहान

निर्मला और रमाकांत दोनों दुनिया की नज़र में आदर्श दंपति थे। पर उनकी प्रकृति अलग-अलग थी। जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण अलग अलग था। इसी कारण कभी कभार उनके बीच मतभेद भी हो जाता था। आखिर इस अलग-अलग दृष्टिकोण का क्या नतीजा निकला? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘दृष्टिकोण’:

कहानी: दृष्टिकोण – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More
कहानी: मूठ - प्रेमचंद

कहानी: मूठ – प्रेमचंद

डॉक्टर जयपाल बड़े कृपण थे। अपने परिवार की जरूरतों पर भी पैसे खर्च करने में उन्हें तकलीफ सी होती थी। ऐसे में जब उन्होंने अपनी रुपये की थैली से पैसे गायब पाये तो उनका परेशान होना लाज़िमी ही था। वो कुछ भी करके अपने चुराए पैसे पाना चाहते थे। क्या उन्हें उनके पैसे मिले? पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की लिखी कहानी ‘मूठ’:

कहानी: मूठ – प्रेमचंद Read More
कहानी: श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

कहानी: श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

सुपर्णा पं. रामखेलावन की पुत्री थी जिसका विवाह उन्होंने पं. गजानंद शास्‍त्री के साथ किया था। वह सुपर्णा से लगभग तीस साल बढ़े थे और सुपर्णा से उनकी चौथी शादी हुई थी। यह विवाह कैसे हुआ और सुपर्णा किस तरह से श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी बनी और श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी का जीवन आगे कैसा रहा? इसकी कथा आप भी पढ़ें:

कहानी: श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ Read More
कहानी: आवारागर्द - आचार्य चतुरसेन शास्त्री

कहानी: आवारागर्द – आचार्य चतुरसेन शास्त्री

वह एक आवारागर्द था। आवारागर्दी का जीवन जीता है। ऐसे ही वह काश्मीर पहुँच गया था। वहाँ जाकर उसने क्या किया? जानने के लिए पढ़ें आचार्य चतुरसेन शास्त्री की कहानी ‘आवारागर्द’

कहानी: आवारागर्द – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
कहानी: पत्रकार - विश्वम्भरनाथ शर्मा 'कौशिक'

कहानी: पत्रकार – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’

मि. सिन्हा ‘लाउड स्पीकर’ नामक समाचार पत्र में एक पत्रकार थे। उनके सम्पादक ने उन्हें एक काम सौंपा था। क्या था ये काम? क्या वो ये कार्य कर पाए?
पढ़ें विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की कहानी ‘पत्रकार’:

कहानी: पत्रकार – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ Read More
हिंदी कहानी: भेड़िये - भुवनेश्वर

कहानी: भेड़िये – भुवनेश्वर

‘भेड़िये’ भुवनेश्वर की सबसे चर्चित कहानियों में से एक है। यह कहानी 1938 में हंस पत्रिका में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें:

कहानी: भेड़िये – भुवनेश्वर Read More
कहानी: धर्म संकट - रांगेय राघव

कहानी: धर्म संकट – रांगेय राघव

हरदेव और उसके बेटे भगवानदास के बीच झगड़ा बढ़ता जा रहा था। इन दोनों के झगड़े के बीच हरदेव की पत्नी और भगवानदास की माँ पिसती रहती। वह किसका साथ दे यही उसका धर्मसंकट था। आगे क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ें रांगेय राघव की कहानी ‘धर्म संकट’:

कहानी: धर्म संकट – रांगेय राघव Read More