पुस्तक अंश: रूम नंबर 1504 – सुछंदा डे
‘रूम नम्बर 1504’ सुछंदा डे का दूसरा उपन्यास है। यह एक रहस्यकथा है जिसे एम्बर ग्लो द्वारा प्रकाशित किया गया है। पढ़ें इस उपन्यास का ये शुरुआती अंश:
पुस्तक अंश: रूम नंबर 1504 – सुछंदा डे Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
‘रूम नम्बर 1504’ सुछंदा डे का दूसरा उपन्यास है। यह एक रहस्यकथा है जिसे एम्बर ग्लो द्वारा प्रकाशित किया गया है। पढ़ें इस उपन्यास का ये शुरुआती अंश:
पुस्तक अंश: रूम नंबर 1504 – सुछंदा डे Read More
‘द सिविल सर्पेंट्स’ के बाद ‘फ़ाइलों के नीचे दबा सत्य’ के रूप में लेखक विनय प्रकाश तिर्की अपना नवीन संस्मरण संग्रह लेकर पाठकों के समक्ष प्रस्तुत हुए हैं। ‘हर स्मृति मधुर नहीं होती’ इस पुस्तक की प्रस्तावना के रूप में लिखा गया लेख है। यह लेख न केवल लेखक के बचपन के दिनों की एक झलक प्रस्तुत करता है बल्कि साथ में यह भी इंगित करता है कि पाठक प्रस्तुत पुस्तक से क्या उम्मीद कर सकता है।
हर स्मृति मधुर नहीं होती – विनय प्रकाश तिर्की Read More