आकाशिक - दीप्ति मित्तल

पुस्तक टिप्पणी: प्यार की सही परिभाषा बतलाने में सफल होती है दीप्ति मित्तल की उपन्यासिका ‘आकाशिक’

‘आकाशिक’ लेखिका दीप्ति मित्तल की उपन्यासिका है। किंडल पर प्रकाशित इस रचना को के डी पी 5: पेन टू पब्लिश प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार मिला था। उपन्यासिका प्रेम और उसके असल मायने को केंद्र में लेकर लिखी गई है। पढ़ें पुस्तक पर लिखी यह टिप्पणी:

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वर्ष 2023 के जे सी बी प्राइज़ लिटरेचर के लिए नामांकित रचनाओं की शॉर्ट लिस्ट हुई घोषित

अंग्रेजी में प्रकाशित साहित्य के लिए दिए जाने वाले पुरस्कार जे सी बी प्राइज़ फॉर लिट्रेचर के लिए वर्ष 2023 की शॉर्ट लिस्ट जारी कर दी गयी है। यह शॉर्ट …

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पुस्तक टिप्पणी: दिल्ली से प्लूटो

पुस्तक टिप्पणी: दिल्ली से प्लूटो – हरीश कुमार ‘अमित’ | चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट

‘दिल्ली से प्लूटो’ हरीश कुमार ‘अमित’ का लिखा उपन्यास बाल उपन्यास है। यह उपन्यास चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित किया गया है। पढ़ें उपन्यास पर लिखी यह टिप्पणी:

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पुस्तक समीक्षा: 'पुछेरी' और 'ऐसी बदली नाक की नथ'

पुछेरी, ऐसी बदली नाक की नथ – मनोहर चमोली ‘मनु’ | राष्ट्रीय पुस्तक न्यास

‘पुछेरी’ और ‘ऐसी बदली नाक की नथ’ लेखक मनोहर चमोली ‘मनु’ की दो कहानियाँ हैं। ये कहानियाँ राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (नैशनल बुक ट्रस्ट) द्वारा प्रकाशित की गयी हैं। पढ़ें पुस्तक पर लिखी टिप्पणी।

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फसाने जैसा फसानेकार: अगाथा और पोइरो

अगाथा और पोइरो; स्रोत: विकिपीडिया, पिक्साबे गजानन रैना साहित्यानुरागी हैं। साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखते रहते हैं। उन्होंने रहस्यकथाओं की रानी कही जाने वाली …

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‘सिटी ऑफ ईवल २: द जजमेंट डे’ के लेखक दिलशाद अली से एक बातचीत

दिलशाद अली उत्तर प्रदेश के जिला हापुड़ से आते हैं। वह शिक्षक हैं।  अब तक उनकी चार किताबें आ चुकी हैं। उनका नया उपन्यास सिटी ऑफ ईवल:द जजमेंट डे उनके पूर्वप्रकाशित …

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सुंदरवन में सात साल - बिभूतिभूषण बंद्योपाध्याय, भुवनमोहन राय | जयदीप शेखर | साहित्य विमर्श प्रकाशन

पुस्तक टिप्पणी: सुंदरवन में सात साल – बिभूतिभूषण बंद्योपाध्याय, भुवनमोहन राय | जयदीप शेखर | साहित्य विमर्श प्रकाशन

‘सुंदरबन में सात साल’ लेखकद्वय बिभूतिभूषण बंद्योपाध्याय और भुवनमोहन राय का लिखा किशोर उपन्यास है। मूलतः यह उपन्यास बांग्ला भाषा में लिखा गया था। उपन्यास का अनुवाद हिंदी में जयदीप शेखर ने किया है। पढ़ें पुस्तक पर लिखी यह टिप्पणी:

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हॉरर थ्रिलर उपन्यास एस 3 के लेखक आलोक सिंह खालौरी से एक बातचीत

  आलोक सिंह खालौरी पेशे से वकील हैं। उन्होंने छोटे से ही वक्फे में अपने लेखन द्वारा अपने पाठकों पर एक अमिट छाप छोड़ी है जिसके कारण उनके पाठकों को …

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पुस्तक टिप्पणी: तहकीकात पत्रिका

तहकीकात 4 | नीलम जासूस कार्यालय

तहकीकात नीलम जासूस कार्यालय द्वारा प्रकाशित होने वाली पत्रिका है। पत्रिका का यह चौथा अंक है। पढ़ें पत्रिका के चौथे अंक पर लिखी यह टिप्पणी:

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वैली ऑफ वर्डस - बुक अवार्ड्स

अमृता बेरा को हिंदी अनुवाद के लिए वैली ऑफ वर्डस 2023 पुरस्कार

वर्ष 2023 के वैली ऑफ वर्डस पुरस्कार  की घोषणा वैली ऑफ वर्डस शब्दावली द्वारा की जा चुकी है। हिंदी और अंग्रेजी के सर्वश्रेष्ठ कार्य को सम्मानित करने के लिए दिए …

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वैली ऑफ वर्डस - बुक अवार्ड्स

नीलेश रघुवंशी को हिंदी गल्प के लिए वैली ऑफ वर्डस 2023 का पुरस्कार

वर्ष 2023 के वैली ऑफ वर्डस पुरस्कार की घोषणा वैली ऑफ वर्डस शब्दावली द्वारा की जा चुकी है। हिंदी और अंग्रेजी के सर्वश्रेष्ठ कार्य को सम्मानित करने के लिए दिए …

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पुस्तक टिप्पणी: तहकीकात पत्रिका

टिप्पणी: माँ की खातिर | अहमद यार खाँ | अनु: इश्तियाक खाँ | तहकीकात 4 | नीलम जासूस कार्यालय

‘माँ की खातिर’ अहमद यार खाँ की सत्य कथा है। यह रचना तहकीकात के चौथे अंक में प्रकाशित की गई है। मूल रूप से उर्दू में प्रकाशित इस रचना का अनुवाद इश्तियाक खाँ ने किया है। पढ़ें इस रचना पर लिखी यह टिप्पणी:

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