व्यंग्य: मैं धोबी हूँ – शिवपूजन सहाय
‘मैं धोबी हूँ’ शिवपूजन सहाय का लिखा व्यंग्य है। यह सर्वप्रथम 1943 ई. को साप्ताहिक ‘समाज’ (काशी) में प्रकाशित हुआ था। आप भी इसे पढ़ें:
व्यंग्य: मैं धोबी हूँ – शिवपूजन सहाय Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
‘मैं धोबी हूँ’ शिवपूजन सहाय का लिखा व्यंग्य है। यह सर्वप्रथम 1943 ई. को साप्ताहिक ‘समाज’ (काशी) में प्रकाशित हुआ था। आप भी इसे पढ़ें:
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राजेन्द्र बाला घोष बंग महिला के नाम से लेखन किया करती थीं। वह अपने लेखन में समाज पर करारा व्यंग्य करा करती थीं। पढ़ें उनकी लिखी पत्रात्मक शैली में लिखी यह कहानी ‘चंद्रदेव से मेरी बातें’।
कहानी: चंद्रदेव से मेरी बातें – राजेंद्र बाला घोष (बंग महिला) Read More
प्रांजल सक्सेना शिक्षक और लेखक हैं। अपनी रचनाओं में हास्य और व्यंग्य का तड़का वो लगाते हैं। आज एक बुक जर्नल में पढ़ें अहिष्णुता पर प्रांजल सक्सेना का व्यंग्य ‘समोसा और जलेबी’।
व्यंग्य: समोसा और जलेबी – प्रांजल सक्सेना Read More