लघु-कथा: लड़ाई - भुवनेश्वर

लघु-कथा: लड़ाई – भुवनेश्वर

‘लड़ाई’ भुवनेश्वर की लिखी लघु-कथा है। यह रचना हंस पत्रिका के वर्ष 1939 के सितम्बर में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें:

लघु-कथा: लड़ाई – भुवनेश्वर Read More
लघु-कथा: दरिंदे - योगेश मित्तल

लघु-कथा: दरिंदे – योगेश मित्तल

‘दरिंदे’ लेखक योगेश मित्तल की लिखी लघु-कथा है। यह रचना ‘अपराध कथाएँ’ नामक पत्रिका के विशेषांक में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें।

लघु-कथा: दरिंदे – योगेश मित्तल Read More
कहानी: कम्युनिस्ट सभा - विश्वम्भरनाथ शर्मा 'कौशिक'

कहानी: कम्युनिस्ट सभा – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’

‘कम्युनिस्ट सभा’ विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की लिखी कहानी है। यह कहानी उनके कहानी संग्रह ‘रक्षा बंधन तथा अन्य कहानियाँ’ में संकलित हुई थी। इस कहानी में उन्होंने मुख्यतः कम्युनिस्टों को अपने व्यंग्यबाण के निशाने में लिया है। आप भी पढ़ें:

कहानी: कम्युनिस्ट सभा – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ Read More
कहानी: डॉक्टर साहब की घड़ी - आचार्य चतुरसेन शास्त्री

कहानी: डॉक्टर साहब की घड़ी – आचार्य चतुरसेन शास्त्री

डॉक्टर वेदी रियायत के जाने माने डॉक्टर थे। जितना रियासत में उनका नाम था उतना ही उनकी घड़ी का भी नाम था। आखिर कैसी घड़ी थी ये और उसका इतना नाम क्यों था? पढ़ें आचार्य चतुरसेन की कहानी ‘डॉक्टर साहब की घड़ी’:

कहानी: डॉक्टर साहब की घड़ी – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
कहानी: कलकत्ते में एक रात - आचार्य चतुरसेन शास्त्री

कहानी: कलकत्ते में एक रात – आचार्य चतुरसेन शास्त्री

गाँव में रहने वाला कथावाचक जब पहली बार कलकत्ते में पहुँचता है तो उसके साथ क्या होता है ये आचार्य चतुरसेन ने अपनी कहानी ‘कलकत्ते में एक रात’ में बताया है। शहर में नये नये आये लोगों को कैसे ठग अपना शिकार बना देते हैं यह इसमें दर्शाया है। आप भी पढ़ें:

कहानी: कलकत्ते में एक रात – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
हिंदी कहानी: जंजाल -प्रेमचंद

कहानी: जंजाल – प्रेमचंद

पार्वती को लगता था कि स्त्री की इज़्ज़त गहनों से ही होती है। इसीलिए जब उसके पति सुरेंद्र ने उसे नये गहने लाकर दिये तो वह बहुत खुश हुई। उसे लगा था कि अब उसके मायके में उसकी पूछ होगी। पर क्या असल में ऐसा हुआ? क्या उसकी सोच सही थी? पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘जंजाल’:

कहानी: जंजाल – प्रेमचंद Read More
कहानी: सौत - प्रेमचंद

कहानी: सौत – प्रेमचंद

रज़िया के पति रामू ने रज़िया की उम्र होने पर एक नयी पत्नी लाने का फैसला किया और आखिर उसकी सौत ले ही आया। वह घर जो रज़िया ने अपनी मेहनत से बनाया था अब उसका नहीं रहा था। आगे क्या हुआ? पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘सौत’:

कहानी: सौत – प्रेमचंद Read More
कहानी: पैकेज डील - सुमन बाजपेयी

कहानी: पैकेज डील – सुमन बाजपेयी

मनसा एक पढ़ी लिखी स्वतंत्र ख़यालों की लड़की थी। उसका सोचना था कि शादी एक तरह की पैकेज डील होती है जिसमें हर चीज हर किसी के हिस्से नहीं आती। सुबोध को भी मनसा के साथ ऐसे ही एक डील मिली थी। आखिर क्या थी ये डील? जानने के लिए पढ़ें लेखिका सुमन बाजपेयी की कहानी ‘पैकेज डील’।

कहानी: पैकेज डील – सुमन बाजपेयी Read More
कहानी: हीरे का हार - चंद्रधर शर्मा गुलेरी

कहानी: हीरे का हार – चंद्रधर शर्मा गुलेरी

‘हीरे का हार’ लेखक चंद्रधर शर्मा गुलेरी द्वारा लिखी गयी कहानी है। इस कहानी को उन्होंने लिखना तो शुरु किया था लेकिन पूरा नहीं कर पाये थे। फिर इस कहानी को सुशील कुमार फुल्ल द्वारा पूरा किया गया था। आप भी पढ़ें:

कहानी: हीरे का हार – चंद्रधर शर्मा गुलेरी Read More
कहानी: अमिट छाप - जयशंकर प्रसाद

कहानी: अमिट छाप – जयशंकर प्रसाद

होली का त्यौहार आ चुका था और गोपाल होली मनाने के लिए उत्कंठित था। उसने मनोहरदास जी को सितार बजाने का अनुरोध किया तो उन्होंने बताया कि होली के दो दिनों में वो न सितार बजाते थे और न होली ही खेलते थे। वह ऐसा क्यों करते थे? जानने के लिए पढ़ें जयशंकर प्रसाद की यह कहानी ‘अमिट छाप’।

कहानी: अमिट छाप – जयशंकर प्रसाद Read More
लघुकथा: जी पी टी - शोभित गुप्ता

लघुकथा: जीपीटी – शोभित गुप्ता

आज की दुनिया एआईमय हो चुकी है। एक दौड़ सी लगी है जिसमें मनुष्य ए आई के साथ साथ दौड़ रहा है। इस दौड़ का क्या नतीजा निकलेगा ये तो भविष्य ही तय करेगा। लेकिन ये बात भी सच है कि तकनीक कोई बुरी नहीं होती लेकिन उसका प्रयोग किस तरह किया जा रहा है वह उसे बुरा या अच्छा बनाता है। इसी प्रसांगिक विषय को शोभित गुप्ता ने अपनी इस लघु-कथा में बुना है। आशा है ये लघु-कथा आपको पसंद आएगी।

लघुकथा: जीपीटी – शोभित गुप्ता Read More
कहानी: देवी - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

कहानी: देवी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

वह होटल के बाहर अपने बच्चे के साथ बैठी रहती थी। लोगों के अनुसार वो पागल थी। वह कौन थी? उसका जीवन कैसा था? लेखक इस कहानी में यही बता रहे हैं। आप भी पढ़ें:

कहानी: देवी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ Read More