क्या लिखै – प्रताप नारायण मिश्र
‘क्या लिखै’ प्रताप नारायण मिश्र का निबंध है। वह पाठक से पूछ रहे हैं कि उन्हें क्या लिखना चाहिए? आखिर वो ऐसा क्यों पूछ रहे हैं? आप भी पढ़ें:
क्या लिखै – प्रताप नारायण मिश्र Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
‘क्या लिखै’ प्रताप नारायण मिश्र का निबंध है। वह पाठक से पूछ रहे हैं कि उन्हें क्या लिखना चाहिए? आखिर वो ऐसा क्यों पूछ रहे हैं? आप भी पढ़ें:
क्या लिखै – प्रताप नारायण मिश्र Read More
बातचीत करना मनुष्यों को धरती के अन्य जीवों से अलग बनाता है। हम बातें करते हैं, तरह-तरह की बातें करते हैं और अलग-अलग कारणों से करते हैं। बातचीत क्या होती है? कितने प्रकार की होती है? यह सब बालकृष्ण भट्ट ने अपने इस लेख में दर्शाया है। आप भी पढ़ें:
निबंध: बातचीत – बालकृष्ण भट्ट Read More
गजानन रैना साहित्यानुरागी हैं। वह सोशल मीडिया पर लिखे अपने चुटीले लेखों के लिए जाने जाते हैं। आज वो अपने एक परिचित मामू के विषय में आपको बता रहे हैं। आखिर कौन थे ये मामू? जानने के लिए पढ़ें गजानन रैना का लिखा यह संस्मरण ‘एक थे मामू’:
संस्मरण: एक थे मामू – गजानन रैना Read More
राहुल सांकृत्यायन अपनी घुमक्कड़ी के लिए जाने जाते हैं। वह अपने जीवन में कई दुर्गम जगहों में गये। पर इस सबकी शुरुआत कैसे हुई? उनकी पहली यात्रा कैसी थी? आइए जानते हैं:
मेरी पहली यात्रा – राहुल सांकृत्यायन Read More
13 अप्रैल 2026 को देहरादून के दून लाइब्रेरी में पुस्तक ‘न्यू मीडिया के विविध आयाम’ का लोकार्पण किया गया। यह पुस्तक डॉ. सुशील उपाध्याय, डॉ अजीत सिंह तोमर व डॉ. योगेश कुमार योगी द्वारा सम्पादित है और पुस्तक को समय साक्ष्य प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है।
पुस्तक ‘न्यू मीडिया के विविध आयाम’ का हुआ लोकार्पण Read More
मित्रों से धोखा हम सभी ने कभी न कभी खाया है। पर क्या कपटी मित्र बुरा होता है? इसी विषय पर लेखक प्रताप नारायण मिश्र ने यह लेख लिखा था। आप भी पढ़ें:
मित्र कपटी भी बुरा नहीं होता – प्रताप नारायण मिश्र Read More
हम सभी के जीवन में कुछ लोग ऐसे आते हैं जिनके व्यक्तित्व की गहरी छाप हमारे मन मस्तिष्क पर छूट जाती है। उनके साथ रहने पर जीवन में ऐसे रोचक प्रसंग होने लगते हैं जो भले ही घटित होने के दौरान हमारी जान सुखा दें लेकिन जिन्हें भविष्य में याद करते हुए हमारे चेहरे पर मुस्कान सी आ जाती है। लेखक आलोक सिंह खालौरी के मित्र मैत्रीदत्त भी ऐसी ही शख्सियत के मालिक थे। पढ़ें मैत्रीदत्त से जुड़ा लेखक आलोक सिंह खालौरी का लिखा यह संस्मरण ‘नया स्कूटर’
किस्से मैत्रीदत्त के: नया स्कूटर – आलोक सिंह खालौरी Read More
श्री सांता नंद मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक ‘गाँव की मिट्टी मिटने नहीं देती’ का भव्य लोकार्पण समारोह जेएनयू कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविदों, साहित्य प्रेमियों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण उत्सव बन गया।
सांता नंद मिश्र की पुस्तक ‘गाँव की मिट्टी मिटने नहीं देती’ का हुआ लोकार्पण Read More
मई 1935 में प्रेमचंद का लिखा एक लेख ‘सिनेमा और साहित्य’ ‘लेखक’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। इस लेख को पढ़ने के बाद नरोत्तमप्रसाद नागर ने उस लेख का प्रतिवाद लिखा था। प्रेमचंद का वो लेख, नरोत्तमप्रसाद का प्रतिवाद और उनके प्रतिवाद का दिया गया प्रेमचंद का जवाब यहाँ पर दिया जा रह है। यह पूरा लेख हंस पत्रिका में जून 1935 में प्रकाशित हुआ था। आज भी सिनेमा और साहित्य के बीच की यह बहस प्रासंगिक है। आप भी इसे पढ़ें:
फिल्म और साहित्य – प्रेमचंद Read More
हिंदी की वरिष्ठ लेखक ममता कालिया को उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार दिए जाने की घोषणा पर राजकमल प्रकाशन समूह के अध्यक्ष अशोक महेश्वरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
ममता कालिया ने हिन्दी कथा और संस्मरण लेखन को नई दृष्टि दी है Read More
लेखक-इतिहासकार अशोक कुमार पांडेय की नई किताब ‘बीसवीं सदी के तानाशाह’ का लोकार्पण 20 दिसम्बर की शाम इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में हुआ। राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस किताब के लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता सुपरिचित इतिहासकार प्रोफ़ेसर एस. इरफ़ान हबीब ने की।
लेखक अशोक कुमार पांडेय की किताब ‘बीसवीं सदी के तानाशाह’ का हुआ लोकार्पण Read More
कहानी क्या होती है? उसकी क्या विशेषताएँ हैं? कहानी और उपन्यास में क्या फर्क है? इन प्रश्नों का उत्तर तो शिवपूजन सहाय अपने इस लेख में देते ही हैं साथ ही अपने समय के कुछ चुनिंदा कहानिकारों और चुनिंदा कहानियों से पाठकों का परिचय करवाते हैं। आप भी पढ़ें:
कहानी कला – शिवपूजन सहाय Read More