कहानी: बगुला भगत – डॉ. अंशु जोशी
सुबह की आपा-धापी से सफलतापूर्वक निबट वह अपनी पसंदीदा मसाला चाय लिये सोफे पर आलथी-पालथी मार कर बैठ चुकी थी। बेटा स्कूल के लिये रवाना हो चुका था। पति महोदय …
कहानी: बगुला भगत – डॉ. अंशु जोशी Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
सुबह की आपा-धापी से सफलतापूर्वक निबट वह अपनी पसंदीदा मसाला चाय लिये सोफे पर आलथी-पालथी मार कर बैठ चुकी थी। बेटा स्कूल के लिये रवाना हो चुका था। पति महोदय …
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‘नदी का इश्क ज़िंदा था’ लेखिका दिव्या शर्मा की कहानी है। यह कहानी उनके कथा संग्रह ‘कैलंडर पर लटकी तारीखें’ में संकलित है।
कहानी: नदी का इश्क जिंदा था – दिव्या शर्मा Read More
आपसी क्लेश और नासमझी के चलते एक परिवार की स्थिति बद से बदतर हो सकती है। पढ़ें ऐसे ही परिवार की कथा दर्शाती महेश सिंह की यह मार्मिक कहानी ‘विधा का लिखा को मेटन हारा’:
कहानी: विधि का लिखा को मेटन हारा – महेश सिंह Read More
‘हाथी के दाँत’ विकास नैनवाल ‘अंजान’ की लिखी लघु-कथा है। अक्सर हमारी कथनी और करनी में फर्क होता है। कहानी इसी बात को रेखांकित करती है। यह प्रथम बार उत्तरांचल पत्रिका के अगस्त 2019 अंक में प्रकाशित हुई थी।
लघु-कथा: हाथी के दाँत – विकास नैनवाल ‘अंजान’ Read More
लेखक देवेन्द्र प्रसाद अपने पारलौकिक उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं। ‘खौफ… कदमों की आहट’, ‘रहस्यमयी सफर’, ‘कब्रिस्तान की चुड़ैल’, ‘लौट आया नरपिशाच’ इत्यादि उनके द्वारा लिखे गए कुछ उपन्यास हैं। एक बुक जर्नल पर पढ़ें उनकी एक कहानी ‘खूनी चंडालन’।
कहानी: खूनी चंडालन – देवेन्द्र प्रसाद Read More
निशांत मौर्य कानपुर के रहने वाले हैं। साहित्य से उन्हें गहरा लगाव है। एक बुक जर्नल पर पढ़िए उनकी कहानी आसक्ति।
कहानी: आसक्ति – निशांत मौर्य Read More
सब कुछ कितना खूबसूरत था यहाँ। उनके घर के आगे का बरामदा था जहाँ बेंत की कुर्सी और मोढ़े को लगाकर बैठते हुए शाम गुजारना उसे पसंद था। यह जगह उसकी सबसे प्रिय जगहों में से थी। वो इधर बैठकर घंटों कल्पना के सागर में गोते लगा सकती थी या सामने दिखते दृश्यों को निहार सकती थी।
कहानी: गुंजन – विकास नैनवाल ‘अंजान’ Read More
‘स्वप्न’ विकास नैनवाल की लिखी एक लघु-कथा है। यह लघु-कथा लेखक के रचना संग्रह ‘एक शाम तथा अन्य रचनाएँ’ से ली गयी है।
लघु-कथा: स्वप्न – विकास नैनवाल ‘अंजान’ Read More
‘आतंक’ एस सी बेदी द्वारा लिखी गयी एक लघु-कथा है। यह कथा कश्मीर की पृष्ठभूमि पर लिखी गयी है। यह लघु-कथा उनके रोमांचक किशोर उपन्यास ‘नकाब नोचने वाले’ में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें:
कहानी: आतंक – एस सी बेदी Read More