14 अप्रैल 2026, देहरादून: 13 अप्रैल 2026 को देहरादून के दून लाइब्रेरी में पुस्तक ‘न्यू मीडिया के विविध आयाम’ का लोकार्पण किया गया। यह पुस्तक डॉ. सुशील उपाध्याय, डॉ अजीत सिंह तोमर व डॉ. योगेश कुमार योगी द्वारा सम्पादित है और पुस्तक को समय साक्ष्य प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ भारती मिश्रा द्वारा किया गया और चर्चा क मोडरेशन डॉ सुशील उपाध्याय द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व डीजीपी और लेखक अनिल रतूड़ी द्वारा की गई।

लोकार्पण के पश्चात पुस्तक के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा भविष्य में मीडिया की कमान रोबो जर्नलिस्ट के हाथों में हो सकती है। पूर्व डीजीपी एवं लेखक अनिल रतूड़ी ने कहा कि तकनीक ने अभिव्यक्ति के अवसर बढ़ाए हैं, लेकिन इससे सूचना की गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है, इसलिए संतुलन आवश्यक है। पत्रकार अनुपम त्रिवेदी ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने मीडिया में नई संभावनाएं खोली हैं और अब पत्रकार व्यक्तिगत स्तर पर भी अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सकते हैं।
डॉ. बीकेएस संजय ने कहा कि गैजेट आधारित पत्रकारिता में सबसे चिंता की बात यह है कि उन बच्चों के हाथ में भी गैजेट्स हैं जिन्हें न तो उनके प्रयोग की बुनियादी समझ है और न ही वे खतरों से अवगत हैं। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से भी मीडिया के व्यापक दायित्वो और संभावनाओं को रेखांकित किया।
डॉ. अनिल भारती ने कहा कि आने वाले समय में मीडिया में तकनीक की भूमिका और बढ़ेगी, जिससे मानव हस्तक्षेप कम हो सकता है। ऐसे में सूचनाओं की सत्यता एक बड़ी चुनौती होगी। डॉ. ताहा सिद्दीकी ने मीडिया शिक्षा और संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाने की जरूरत बताई। वहीं पत्रकार संजीव कंडवाल ने कहा कि कोरोना काल के बाद सूचना का प्रवाह तेज़ हुआ है, लेकिन उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
डॉ. सुशील उपाध्याय ने मीडिया में एआई के बढ़ते प्रभाव पर ध्यान देने की बात कही। पुस्तक के सह-संपादक प्रो. योगेश कुमार योगी ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षण जरूरी है। इस दौरान कई गणमान्य जन कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
बताते चलें डॉ सुशील उपाध्याय, डॉ अजीत सिंह तोमर और डॉ. योगेश कुमार योगी द्वारा सम्पादित पुस्तक न्यू मीडिया के विविध आयाम पुस्तक एआई, न्यू मीडिया और न्यूज़ इंडस्ट्री से जुड़े विभिन्न पहलुवों पर चर्चा करती है। इस पुस्तक में न्यू मीडिया के विशेषज्ञ 23 लेखकों के लेख शामिल किये गए हैं।
(विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल्स पर प्रकाशित खबरों पर आधारित)
