कहानी: देर आये दुरुस्त आये - सुधा आदेश

कहानी: देर आये दुरुस्त आये – सुधा आदेश

मेघना के घर उसकी चचेरी बहन दीपिका आयी तो बातों के दौरान उसकी पुरानी यादों की पोटली भी खुलती चली गयी। इसके साथ‑साथ मेघना को ये भी अहसास हुआ कि कुछ कार्य ऐसे होते हैं जिन्हें करने में देर नहीं करनी चाहिए। यह कार्य क्या थे? दीपिका मेघना के घर क्यों आयी थी?

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लेखिका सुधा आदेश से उनके लेखन पर बातचीत

लेखन स्वतःस्फूर्त होता है, उसके लिए सोचना नहीं पड़ता। मन में उमड़ती-घुमड़ती भावनाएँ स्वयं हाथ में कलम पकड़ाकर लिखवा ही लेती हैं – सुधा आदेश

सुधा आदेश लगभग तीन दशकों से अधिक समय से लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने कहानियाँ, आलेख, उपन्यास और बाल साहित्य लिखा है। राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में उनकी रचनाएँ निरंतर प्रकाशित होती रही हैं। एक बुक जर्नल के लिए हमने उनसे उनके लेखन पर ईमेल के माध्यम से यह बातचीत की है। उम्मीद है यह बातचीत आपको पसंद आएगी।

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पुस्तक टिप्पणी: छूने दो आकाश | सुधा आदेश | साहित्य विमर्श प्रकाशन

छूने दो आकाश: नारी संघर्ष और जिजीविषा की प्रेरणादायक कहानियाँ

‘छूने दो आकाश’ में लेखिका सुधा आदेश की चार लम्बी कहानियाँ संकलित हैं। संग्रह साहित्य विमर्श प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है। एक बुक जर्नल पर पढ़ें लेखक संजीव जायसवाल ‘संजय’ की पुस्तक पर लिखी टिप्पणी।

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