कहानी: असमंजस - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: असमंजस – सुभद्रा कुमारी चौहान

बसंत उस समय बी. ए. में जब वह कुसुम से पहली बार मिला था। कुसुम एक धनाढ्य परिवार की लड़की थी जो उस समय मैट्रिक में पढ़ा करती थी। जब उनकी दोस्ती हुई तो उन्हें पता ही नहीं था कि यह इतनी प्रगाढ़ हो जाएगी। अब इतने वर्षों बाद बसंत अपनी इस पुरानी दोस्ती को लेकर असमंजस में था। क्या उसकी इस दुविधा का निदान हुआ?

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कहानी: अभियुक्ता - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: अभियुक्ता – सुभद्रा कुमारी चौहान

बीस वर्षीय उस युवती पर यह आरोप था कि उसने बैरिस्टर गुप्ता के बेटे की चेन चुराई और फिर घर से भाग गयी। उस पर ये आरोप क्यों लगाया था? क्या ये आरोप सच था? पढ़ें लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘अभियुक्ता’:

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कहानी: मँझली रानी - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: मँझली रानी – सुभद्रा कुमारी चौहान

तारा अपने माता-पिता की लाड़ली बेटी और भाइयों की लाड़ली बहन थी। जब राजा साहब ने अपने मँझले बेटे के लिए तारा को बहु के रूप में चुना तो न केवल तारा के माता-पिता बल्कि तारा भी बहुत खुश हुई थी। आखिर वो रानी जो बनने जा रही थी। आगे क्या हुआ? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी यह कहानी ‘मँझली रानी’:

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कहानी: अमराई - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: अमराई – सुभद्रा कुमारी चौहान

वह अमराई ठाकुर साहब की थी। वह ठाकुर साहब जो कि ब्रिटिश सरकार के खैरख्वाह थे। पर कुछ समय से उस अमराई में असहयोगियों का जमघट लगने लगा था। ठाकुर साहब तक ये खबर जब पहुँची तो वो अमराई में पहुँचे। आगे क्या हुआ? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी यह कहानी ‘अमराई’:

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कहानी: दृष्टिकोण - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: दृष्टिकोण – सुभद्रा कुमारी चौहान

निर्मला और रमाकांत दोनों दुनिया की नज़र में आदर्श दंपति थे। पर उनकी प्रकृति अलग-अलग थी। जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण अलग अलग था। इसी कारण कभी कभार उनके बीच मतभेद भी हो जाता था। आखिर इस अलग-अलग दृष्टिकोण का क्या नतीजा निकला? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘दृष्टिकोण’:

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कहानी: दुराचारी - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: दुराचारी – सुभद्रा कुमारी चौहान

पंडित जी पड़ोस में रहने वाले दयाशंकर से परेशान थे। वह उन्हें दुराचारी लगता था। वक्त बेवक्त वह गाने बजाता रहते और नाचने गाने वालियों को भी अपने घर बुलाकर ये काम करवाता था। अपने पड़ोसियों से वह उसकी शिकायत करते रहते थे। आगे क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी यह कहानी ‘दुराचारी’:

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कहानी: जम्बक की डिबिया - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: जम्बक की डिबिया – सुभद्रा कुमारी चौहान

प्रोफेसर साहब का कहना था कि एक जम्बक की डिबिया से उन्होंने किसी का खून कर दिया था। उन्होंने ऐसा क्यों कहा था? आखिर किसका खून किया था उन्होंने? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी कहानी ‘जम्बक की डिबिया’:

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कहानी: भग्नावशेष - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: भग्नावशेष – सुभद्रा कुमारी चौहान

कथावाचक ने एक कवि सम्मेलन में उन्हें देखा था और उनकी कविताओं का प्रशंसक बन गया था। पर फिर उनकी कविताएँ आनी बंद हो गयी। आखिर ऐसा क्यों हुआ? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘भग्नावशेष’।

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कहानी: एक्सीडेंट - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: एक्सीडेंट – सुभद्रा कुमारी चौहान

कुसम की गाड़ी उस दिन प्राणनाथ की गाड़ी से टकरायी तो ऐसे उनकी जान-पहचान हुई। प्राणनाथ अपने दुश्चरित्र के कारण पूरे शहर में बदनाम था लेकिन कुसम को लगा कि वो उतना बुरा नहीं है जितना बनने की कोशिश करता है। क्या ये सच बात थी? आखिर प्राणनाथ ऐसा क्यों करता था। जानने के लिए पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘एक्सीडेंट’।

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अँगूठी की खोज - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: अँगूठी की खोज – सुभद्रा कुमारी चौहान

‘अँगूठी की खोज’ सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी है। अपने वैवाहिक जीवन से असन्तुष्ट योगेश को एक बार पार्क में एक स्त्रियों का समूह मिल जाता है। उस समूह में मौजूद एक स्त्री वृजांगना की अँगूठी जब खो जाती है तो योगेश उसे उस अँगूठी को ढूँढकर लांकर देने का वादा करता है। अँगूठी की यह खोज जिस थर से इन दोनों किरदारों के जीवन को बदलती है वही कहानी बनती है।

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कहानी: ग्रामीणा - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: ग्रामीणा – सुभद्रा कुमारी चौहान

सोना पंडित रामधन तिवारी और नंदो की इकलौती बेटी थी। उनकी इच्छा थी कि वह उसका विवाह शहर में करें क्योंकि उधर का जीवन गाँव के मुकाबले सरल था। उधर आराम अधिक था। क्या उनकी यह इच्छा पूरी हुई? पढ़ें लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी यह कथा ‘ग्रामीणा’:

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कहानी: थाती - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: थाती – सुभद्रा कुमारी चौहान

कथावाचिका बहुत परेशान है। वह रो रही है। पर आखिर वो रो क्यों रही है? उसे क्या दु:ख है? अपने हृदय का हाल ही वह इस कहानी के माध्यम से बता रही है। आप भी पढ़ें:

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