लघु-कथा: काकी – सियारामशरण गुप्त
श्यामू की काकी चली गयी थी। लोग कहते थे वो राम के यहाँ गयी थी। श्यामू ने सोच लिया था वो काकी को बुलाकर रहेगा। उसके पास एक तरकीब जो थी।
लघु-कथा: काकी – सियारामशरण गुप्त Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
श्यामू की काकी चली गयी थी। लोग कहते थे वो राम के यहाँ गयी थी। श्यामू ने सोच लिया था वो काकी को बुलाकर रहेगा। उसके पास एक तरकीब जो थी।
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