साहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
जन्म: 4 सितंबर, 1895
सियारामशरण गुप्त का जन्म सेठ रामचरण कनकने के परिवार में चिरगाँव झाँसी में हुआ था। 1914 में उन्होंने अपनी पहली रचना मौर्य विजय लिखी। 1910 में इनकी पहली कविता ‘इंदु’ प्रकाशित हुई थी। उन्होंने कविताएँ, खंड काव्य, उपन्यास, निबंध, नाटक इत्यादि विधाओं में लेखन किया।
वह प्रसिद्ध हिंदी कवि मैथलीशरण गुप्त के अनुज थे।
प्रमुख रचनाएँ:
खंड काव्य: मौर्य विजय (1914), अनाथ (1917), आर्द्रा (1927), विषाद (1925), दूर्वा दल (1924), आत्मोत्सर्ग (1931), पाथेय (1933), मृण्मयी (1936), बापू (1937), उन्मुक्त (1940), दैनिकी (1942), नकुल (1946), सुनन्दा और गोपिका।
कविता संग्रह: अनुरुपा, अमृत पुत्र
काव्यग्रंथ: दैनिकी नकुल, नोआखली में, जय हिन्द, पाथेय, मृण्मयी तथा आत्मोसर्ग।
कहानी संग्रह: मानुषी
नाटक: पुण्य पर्व
उपन्यास: अंतिम आकांक्षा, नारी और गोद।
निबंध संग्रह: झूठ-सच
निधन: 29 मार्च, 1963
View all posts