कहानी: देवी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
वह होटल के बाहर अपने बच्चे के साथ बैठी रहती थी। लोगों के अनुसार वो पागल थी। वह कौन थी? उसका जीवन कैसा था? लेखक इस कहानी में यही बता रहे हैं। आप भी पढ़ें:
कहानी: देवी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
वह होटल के बाहर अपने बच्चे के साथ बैठी रहती थी। लोगों के अनुसार वो पागल थी। वह कौन थी? उसका जीवन कैसा था? लेखक इस कहानी में यही बता रहे हैं। आप भी पढ़ें:
कहानी: देवी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ Read More
कथावाचक ट्रेन से काशी जा रहा था। उसे लगा था कि उसकी ट्रेन छूट जाएगी लेकिन फिर एक संन्यासी की मदद से वह ट्रेन चढ़ गया। उनके बीच बातचीत शुरु हुई और फिर संन्यासी द्वारा उसे वह कथा सुनाई गयी जिसने उन्हें संन्यासी बनने पर मजबूर कर दिया था। आखिर क्या थी कथा? पढ़ें शिवपूजन सहाय की यह कहानी ‘कुंजी’।
कहानी: कुंजी – शिवपूजन सहाय Read More
लेखिका शोभा शर्मा कई वर्षों से लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। कहानी, कविता, संस्मरण जैसी विधाओं में उन्होंने लिखा है। कई पत्रिकाओं में उनकी कहानियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं और रेडियो से भी उनकी कई रचनाएँ प्रसारित होती रही हैं। आज एक बुक जर्नल पर पढ़ें लेखिका शोभा शर्मा की कहानी ‘नेकी की दीवार’।
कहानी: नेकी की दीवार – शोभा शर्मा Read More
प्रवीण एक लेखक हैं जिन्होंने लेखन पर लगभग अपना सर्वस्व लुटा दिया लेकिन फिर आर्थिक तौर उन्हें कुछ हासिल न हो सका। ऐसे में जब एक शहर के नामी रईस ने उन्हें अपने यहाँ दावत के लिए बुलाया तो उन्हें लगने लगा कि उनका लेखन सफल हुआ है क्योंकि प्रतिष्ठावान लोग उन्हें बुला रहे हैं। उनका सम्मान हो रहा है। पर यह कितना सच था?
आगे जानने के लिए एक बुक जर्नल पर पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘लेखक’।
गदल के लड़के थे, बहुएँ थीं। एक भरा पूरा परिवार लेकिन वो परिवार को छोड़कर अपने से कम उम्र के आदमी के साथ रहने चली गयी थी। आखिर उसने ये फैसला क्यों किया था?
एक बुक जर्नल पर पढ़ें रांगेय राघव की कहानी ‘गदल’।
बचपन में कथावाचक किस तरह की शरारत करते थे और किस तरह कुछ गड़बड़ होने पर माता के आँचल में समा जाते थे यही इस कहानी में लेखक द्वारा दर्शाया गया है। पढ़ें शिवपूजन सहाय द्वारा लिखी कहानी ‘माता का आँचल।’
कहानी: माता का आँचल – शिवपूजन सहाय Read More
‘बाबा जी का भोग’ प्रेमचंद की लिखी लघुकथा है। मेहनतकश छोटे किसानों की हालत यह लघु-कथा ब्यान करती है और सोचने को काफी कुछ दे जाती है। आप भी पढ़ें:
लघु-कथा: बाबा जी का भोग – प्रेमचंद Read More
‘एक प्याली चाय’ लेखिका डॉ. रुखसाना सिद्दीकी की कहानी है। यह कहानी 2023 में प्रकाशित उनके कहानी संग्रह ‘एक प्याली चाय’ में शामिल थी।
कहानी: एक प्याली चाय – डॉ. रुखसाना सिद्दीकी Read More
कमल का सब कुछ लुट चुका था। अब उसके पास बचा था तो केवल एक रुपया। उसने इस एक रुपये का क्या किया? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लिखी यह लघु-कथा ‘विजया’।
लघु-कथा: विजया – जयशंकर प्रसाद Read More
‘ककड़ी की कीमत’ लेखक आचार्य चतुरसेन शास्त्री की लिखी कहानी है। यह कहानी 1959 में प्रकाशित ‘मेरी प्रिय कहानियाँ’ और 1961 में प्रकाशित ‘कहानी खत्म हो गयी’ नामक संग्रह में शामिल थी। इस कहानी के माध्यम से लेखक ने दिल्ली की पुरानी संस्कृति दर्शाने की कोशिश की है। आप भी पढ़ें:
कहानी: ककड़ी की कीमत – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
कथावाचक ट्रेन से अपने दोस्त के घर मेरठ जा रहा था जब वह युवती ट्रेन में चढ़ी। कौन थी वह युवती? वह ट्रेन में कहाँ जा रही थी? कथावचक की उसमें रुचि क्यों जागृत हुई? पढ़ें आचार्य चतुरसेन की कहानी ‘क्रांतिकारिणी’।
कहानी: क्रांतिकारिणी – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
विलासिनी नगर की प्रसिद्ध नर्तकी की कन्या थी। आजकल वो रोज बाबू विजयकृष्ण, जिन्हें लोग सरकार कहते थे, की अट्टालिका पहुँच जाया करती थी। वह चूड़ीवाली बनकर उनके यहाँ जाती और सरकार की पत्नी को चूड़ियाँ पहनाया करती। वह आख़िरकार ऐसा क्यों कर रही थी? जानने के लिए पढ़ें जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘चूड़ीवाली’।
कहानी: चूड़ीवाली – जयशंकर प्रसाद Read More