लघु-कथा: काकी – सियारामशरण गुप्त
श्यामू की काकी चली गयी थी। लोग कहते थे वो रामजी के पास गयी थी। श्यामू ने सोच लिया था वो काकी को बुलाकर रहेगा। उसके पास एक तरकीब जो थी।
लघु-कथा: काकी – सियारामशरण गुप्त Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
श्यामू की काकी चली गयी थी। लोग कहते थे वो रामजी के पास गयी थी। श्यामू ने सोच लिया था वो काकी को बुलाकर रहेगा। उसके पास एक तरकीब जो थी।
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नत्थू चाचा का कहना था कि वह अपने मंत्रों से अलौकिक कार्य कर सकते हैं। उनके अनुसार उन्हें वशीकरण और मारण करने में महारत हासिल थी। मोहल्ले के लोग उनकी ये बात मानते नहीं थे। क्या वो ऐसा कर सकते थे? क्या वो लोगों को अपनी शक्तियों का यकीन दिला पाये?
कहानी: वशीकरण – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ Read More
बीस वर्षीय उस युवती पर यह आरोप था कि उसने बैरिस्टर गुप्ता के बेटे की चेन चुराई और फिर घर से भाग गयी। उस पर ये आरोप क्यों लगाया था? क्या ये आरोप सच था? पढ़ें लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘अभियुक्ता’:
कहानी: अभियुक्ता – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More
डॉ लक्ष्मण की बातों से सुधा प्रभावित थी। वहीं हरिशचंद्र को वह अपने दोस्त की तरह देखती थी। यह तीनों ही आपस में कई मुद्दों पर बातचीत किया करते थे। यह मुद्दे क्या था? इन बातों का क्या नतीजा निकलता था? जानने के लिए पढ़ें रांगेय राघव की यह कहानी ‘काई’:
कहानी: काई – रांगेय राघव Read More
जीता भर जाति के थे जो कभी कनैला रहा करते थे लेकिन अब अपने लोगों के साथ आसाम में रहते थे। यह भर जाति क्या थी? जीता और उनके लोगों को क्यों कनैला से आसाम जाना पड़ा? जानने के लिए पढ़ें राहुल सांकृत्यायन की कहानी ‘डीह बाबा’:
कहानी: डीह बाबा – राहुल सांकृत्यायन Read More
नूरी एक नाचने गाने वाली थी जो शहंशाह अकबर की बेगम सुलताना के लिए काम करती थी। वह शाहजादा याकूब खाँ से प्रेम करती थी। वह चाहती थी याकूब अपने उस मकसद को भुला दे जिसे पूरा करने के लिए वह दृढ़ प्रतिज्ञ था। नूरी जानती थी इस मकसद को पूरा करने में याकूब की जान भी जा सकती थी। आखिर क्या था याकूब का मकसद? क्या वो पूरा हुआ? क्या नूरी को उसका प्यार मिला?
कहानी: नूरी – जयशंकर प्रसाद Read More
कई दिन से कथावाचक के घर में कलह मची हुई थी। उसकी माँ और पत्नी आपस में बात नहीं कर रही थीं। इस कारण वह दुखी है। ऐसा क्यों था? क्या कथावाचक का दुख कम हुआ? पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की यह कहानी ‘झाँकी’:
कहानी: झाँकी – प्रेमचंद Read More
विलास डॉक्टर से दुनिया छोड़ने की बात कर रहा है। वह ऐसा क्यों कर रहा है?
आप भी पढ़ें लेखक भुवनेश्वर की कहानी ‘सूर्यपूजा’:
उस मुस्कान ने ही सत्येंद्र की सोच की दिशा बदल दी थी। अब वह अपना सब कुछ भूलकर उसी मुस्कान के विषय में सोचा करते। आखिर किसकी थी ये मुस्कान? पढ़ें चंडीप्रसाद ‘हृदयेश’ की यह कहानी ‘मुस्कान’:
कहानी: मुस्कान – चंडीप्रसाद ‘हदयेश’ Read More
रायबहादुर सम्पतिलाल शहर के धनाढ्य और सम्मानित व्यक्ति थे। अब उनकी इच्छा एम० एल० ए० का टिकट पाने की थी। क्या उनकी यह मुराद पूरी हुई? पढ़ें विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की कहानी ‘अवसरवाद’:
कहानी: अवसरवाद – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ Read More
कथावाचक के दफ्तर वाली गली में ही वह बूढ़ा हरचरन रहता था। वहाँ वो अपने परिवार के साथ मिलकर मूर्तियाँ बनाता था। एक बार कथावाचक ने देखा कि वह एक मूर्ति बना रहा है। उनके बीच उस अधूरी मूर्ति और वर्तमान हालात पर बातें होने लगीं। यह बातें क्या थीं? पढ़ें रांगेय राघव की यह कहानी ‘अधूरी मूर्ति’:
कहानी: अधूरी मूरत – रांगेय राघव Read More
तारा अपने माता-पिता की लाड़ली बेटी और भाइयों की लाड़ली बहन थी। जब राजा साहब ने अपने मँझले बेटे के लिए तारा को बहु के रूप में चुना तो न केवल तारा के माता-पिता बल्कि तारा भी बहुत खुश हुई थी। आखिर वो रानी जो बनने जा रही थी। आगे क्या हुआ? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी यह कहानी ‘मँझली रानी’:
कहानी: मँझली रानी – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More