कहानी: डोबरमैन – प्रवीण कुमार झा
प्रवीण कुमार झा नॉर्वे प्रवासी चिकित्सक हैं। कथेतर विधा के इतर उन्होंने गल्प लेखन भी किया है। पढ़ें साहिंद में पहले प्रकाशित हुई उनकी कहानी ‘डोबरमैन’।
कहानी: डोबरमैन – प्रवीण कुमार झा Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
प्रवीण कुमार झा नॉर्वे प्रवासी चिकित्सक हैं। कथेतर विधा के इतर उन्होंने गल्प लेखन भी किया है। पढ़ें साहिंद में पहले प्रकाशित हुई उनकी कहानी ‘डोबरमैन’।
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सुकुल कथावाचक का बहुत पुराना दोस्त था। आज काफी समय बाद उससे मिलने आया था। और साथ में उसकी बीबी। सुकुल की बीबी ने कथावाचक के सामने ऐसा प्रस्ताव रखा कि उसकी हैरत का ठिकाना न रहा। आखिर ऐसा कहा था सुकुल की बीबी ने? सुकुल और उसकी बीबी कथावाचक के पास क्यों आये थे? पढ़ें सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कहानी ‘सुकुल की बीबी’।
कहानी: सुकुल की बीबी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ Read More
वररुचि एक ब्राह्मण था जिसकी पत्नी उपकोशा अद्वितीय सुंदरी थी। जब वररुचि को तप के लिए हिमालय पर जाना पड़ा तो उसके वहाँ न होने पर उपकोशा के साथ जो घटना घटी वही वह यहाँ पाठकों को सुना रहा है। पढ़ें महावीर प्रसाद द्विवेदी की यह कहानी ‘तीन देवता’।
कहानी: तीन देवता – महावीर प्रसाद द्विवेदी Read More
‘लड़ाई’ भुवनेश्वर की लिखी लघु-कथा है। यह रचना हंस पत्रिका के वर्ष 1939 के सितम्बर में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें:
लघु-कथा: लड़ाई – भुवनेश्वर Read More
‘दरिंदे’ लेखक योगेश मित्तल की लिखी लघु-कथा है। यह रचना ‘अपराध कथाएँ’ नामक पत्रिका के विशेषांक में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें।
लघु-कथा: दरिंदे – योगेश मित्तल Read More
‘कम्युनिस्ट सभा’ विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की लिखी कहानी है। यह कहानी उनके कहानी संग्रह ‘रक्षा बंधन तथा अन्य कहानियाँ’ में संकलित हुई थी। इस कहानी में उन्होंने मुख्यतः कम्युनिस्टों को अपने व्यंग्यबाण के निशाने में लिया है। आप भी पढ़ें:
कहानी: कम्युनिस्ट सभा – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ Read More
डॉक्टर वेदी रियासत के जाने माने डॉक्टर थे। जितना रियासत में उनका नाम था उतना ही उनकी घड़ी का भी नाम था। आखिर कैसी घड़ी थी ये और उसका इतना नाम क्यों था? पढ़ें आचार्य चतुरसेन की कहानी ‘डॉक्टर साहब की घड़ी’:
कहानी: डॉक्टर साहब की घड़ी – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
गाँव में रहने वाला कथावाचक जब पहली बार कलकत्ते में पहुँचता है तो उसके साथ क्या होता है ये आचार्य चतुरसेन ने अपनी कहानी ‘कलकत्ते में एक रात’ में बताया है। शहर में नये नये आये लोगों को कैसे ठग अपना शिकार बना देते हैं यह इसमें दर्शाया है। आप भी पढ़ें:
कहानी: कलकत्ते में एक रात – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
राजेन्द्र बाला घोष बंग महिला के नाम से लेखन किया करती थीं। वह अपने लेखन में समाज पर करारा व्यंग्य करा करती थीं। पढ़ें उनकी लिखी पत्रात्मक शैली में लिखी यह कहानी ‘चंद्रदेव से मेरी बातें’।
कहानी: चंद्रदेव से मेरी बातें – राजेंद्र बाला घोष (बंग महिला) Read More
पार्वती को लगता था कि स्त्री की इज़्ज़त गहनों से ही होती है। इसीलिए जब उसके पति सुरेंद्र ने उसे नये गहने लाकर दिये तो वह बहुत खुश हुई। उसे लगा था कि अब उसके मायके में उसकी पूछ होगी। पर क्या असल में ऐसा हुआ? क्या उसकी सोच सही थी? पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘जंजाल’:
कहानी: जंजाल – प्रेमचंद Read More
रज़िया के पति रामू ने रज़िया की उम्र होने पर एक नयी पत्नी लाने का फैसला किया और आखिर उसकी सौत ले ही आया। वह घर जो रज़िया ने अपनी मेहनत से बनाया था अब उसका नहीं रहा था। आगे क्या हुआ? पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘सौत’:
कहानी: सौत – प्रेमचंद Read More
मनसा एक पढ़ी लिखी स्वतंत्र ख़यालों की लड़की थी। उसका सोचना था कि शादी एक तरह की पैकेज डील होती है जिसमें हर चीज हर किसी के हिस्से नहीं आती। सुबोध को भी मनसा के साथ ऐसे ही एक डील मिली थी। आखिर क्या थी ये डील? जानने के लिए पढ़ें लेखिका सुमन बाजपेयी की कहानी ‘पैकेज डील’।
कहानी: पैकेज डील – सुमन बाजपेयी Read More