कहानी: न्याय -सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

कहानी: न्याय – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

किस तरह न्यायवयस्था में सच के बजाए ताकतवर को तरजीह दी जाती है और कैसे न्याय के रक्षक अपनी सहूलियत के लिए न्याय के साथ खिलवाड़ करते हैं यह सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कहानी ‘न्याय’ को पढ़कर जाना जा सकता है।

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कहानी: अनुरोध - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: अनुरोध – सुभद्रा कुमारी चौहान

वीणा नहीं चाहती थी कि निरंजन इतनी जल्दी जाए। पर निरंजन को जाना था। वो अपना जाना अब और अधिक नहीं टाल सकता था।
वीणा क्यों नहीं चाहती थी निरंजन जाए? निरंजन क्यों जाना चाहता था? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘अनुरोध’:

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कहानी: मछुए की बेटी - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: मछुए की बेटी – सुभद्रा कुमारी चौहान

तिन्नी को उसके मछुआरे माता-पिता ने बड़े लाड़ से पाला था। यही कारण था कि वह बड़ी निडर हो गयी थी और अपनी मर्ज़ी का काम किया करती थी। उन दिनों राजा साहब के बेटे कृष्णदेव की नज़र तिन्नी पर पड़ी तो वह उसे देखते ही रह गये। आगे क्या हुआ ये जानने के लिए पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी कहानी ‘मछुए की बेटी’।

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कहानी: आहुति - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: आहुति – सुभद्रा कुमारी चौहान

‘आहुति’ लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी है। यह कहानी उनके ‘बिखरे मोती’ नामक संग्रह में प्रकाशित हुई थी। राधेश्याम ने अपनी पत्नी मनोरमा की मृत्यु के बाद यह फैसला किया था कि वो दूसरा विवाह नहीं करेंगे। पर फिर उन्होंने कुंतला को देखा। आगे क्या हुआ? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘आहुति’।

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कहानी: किस्मत - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: किस्मत – सुभद्रा कुमारी चौहान

‘किस्मत’ लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी कथा है। यह कहानी उनके कहानी संग्रह ‘बिखरे मोती’ में प्रकाशित हुई थी। कहानी के केंद्र में किशोरी नामक युवती है जिसके पति का देहांत हो गया है। ससुराल में उसका जीवन पति की मृत्यु के बाद किस तरह का हो जाता है यह प्रस्तुत कहानी दर्शाती है। आप भी पढ़ें:

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कहानी: कदम्ब के फूल - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: कदम्ब के फूल – सुभद्रा कुमारी चौहान

‘कदम्ब के फूल’ लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी कहानी है। कहानी उनके संग्रह ‘बिखरे मोती’ में प्रकाशित हुई थी। भामा ने मोहन से जब वो दोने मँगवाये थे तो उसे कहाँ पता था वो घर में कलेश की वजह बन जाएँगे। पर ऐसा ही हुआ। ऐसा क्यों हुआ? जानने के लिए पढ़ें ये कहानी:

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कहानी: परिवर्तन - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: परिवर्तन – सुभद्रा कुमारी चौहान

परिवर्तन लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी कहानी है। यह कहानी उनके 1932 में प्रकाशित कहानी संग्रह बिखरे मोती में संग्रहित थी। आप भी पढ़ें:

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लघु-कथा: होली - सुभद्रा कुमारी चौहान

लघु-कथा: होली – सुभद्रा कुमारी चौहान

करुणा से नरेश ने होली मनाने के बारे में पूछा तो उसने मना कर दिया। आखिर करुणा होली क्यों नहीं मनाना चाहती थी? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लघु-कथा ‘होली’।

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उन्मादिनी - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: उन्मादिनी – सुभद्रा कुमारी चौहान

हीना को लोग उन्मादिनी कहते हैं। ऐसा उसे क्यों कहा जाता है? जानने के लिए पढ़िए सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘उन्मादिनी’

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कहानी: पापी पेट - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: पापी पेट – सुभद्रा कुमारी चौहान

‘पापी पेट’ सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा लिखी कहानी है जो कि उनके संग्रह बिखरे मोती में प्रकाशित हुई थी। अंग्रेजी राज में कई भारतीय पुलिस का हिस्सा थे। एक लाठी चार्ज के बाद ऐसे ही कुछ भारतीयों के मनोभावों को यह कहानी दर्शाती है। आप भी पढ़ें:

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आतंक-एस सी बेदी | कहानी

कहानी: आतंक – एस सी बेदी

आतंक’ एस सी बेदी द्वारा लिखी गई एक लघु-कथा है। यह कथा कश्मीर की पृष्ठभूमि पर लिखी गयी है। स सी बेदी द्वारा लिखी गयी यह लघु-कथा उनके द्वारा लिखे गये रोमांचक उपन्यास ‘नकाब नोचने वाले ‘में प्रकाशित हुई थी।

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