शब्द चित्र: ज्यां जेने
गजानन रैना साहित्यानुरागी हैं। साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखते रहते हैं। आज एक बुक जर्नल पर पढ़िए फ्रांसीसी साहित्यकार ज्याँ जेने (Jene Genet) पर …
शब्द चित्र: ज्यां जेने Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
गजानन रैना साहित्यानुरागी हैं। साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखते रहते हैं। आज एक बुक जर्नल पर पढ़िए फ्रांसीसी साहित्यकार ज्याँ जेने (Jene Genet) पर …
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रामनिहाल अपना बिखरा हुआ सामान बाँधने में लगा था। जँगले से धूप आकर उसके छोटे-से शीशे पर तड़प रही थी। अपना उज्ज्वल आलोक-खंड, वह छोटा-सा दर्पण बुद्ध की सुंदर प्रतिमा …
कहानी: संदेह – जयशंकर प्रसाद Read More
जयदीप शेखर खुद को रेखाचित्र, छायाचित्र, शब्दचित्र का एक शौकिया चितेरा कहते हैं लेकिन उनके पाठक उनको बांग्ला से हिंदी में किए गए उनके अनुवादों के माध्यम से जानते हैं। बांग्ला …
साक्षात्कार: अनुवादक जयदीप शेखर से एक बातचीत Read More
‘स्वप्न’ विकास नैनवाल की लिखी एक लघु-कथा है। यह लघु-कथा लेखक के रचना संग्रह ‘एक शाम तथा अन्य रचनाएँ’ से ली गयी है।
लघु-कथा: स्वप्न – विकास नैनवाल ‘अंजान’ Read More
गजानन रैना साहित्यानुरागी हैं। साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखते रहते हैं। उन्होंने लेखक रवि बुले के उपन्यास ‘दलाल की बीवी’ पर एक टिप्पणी लिखी …
समाज की निर्मम सच्चाइयों और इंसान के ओछेपन का एक कोलाज है ‘दलाल की बीवी’ Read More
‘अँगूठी की खोज’ सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी है। अपने वैवाहिक जीवन से असन्तुष्ट योगेश को एक बार पार्क में एक स्त्रियों का समूह मिल जाता है। उस समूह में मौजूद एक स्त्री वृजांगना की अँगूठी जब खो जाती है तो योगेश उसे उस अँगूठी को ढूँढकर लांकर देने का वादा करता है। अँगूठी की यह खोज जिस थर से इन दोनों किरदारों के जीवन को बदलती है वही कहानी बनती है।
कहानी: अँगूठी की खोज – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More
नवल और विमल टहल रहे थे जब उनके बीच साहित्य को लेकर बहस छिड़ी। इस बहस का विषय क्या था और इसका परिणाम क्या निकला। पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लघु-कथा ‘पत्थर की पुकार’।
लघु-कथा: पत्थर की पुकार – जयशंकर प्रसाद Read More
माधव की जवान पत्नी प्रसव के दौरान चल बसी। माधव और घीसू, जिनके खाने के भी लाले थे, अब उसके लिए कफ़न का इंतज़ाम करने निकल पड़े। पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की लिखी यह प्रसिद्ध कहानी ‘कफ़न’:
कहानी: कफ़न – प्रेमचंद Read More
नंदलाल उस नदी के किनारे बैठा अपनी सितारी बजाया करता था। उसे अँधरे से डर नहीं लगता था। ऐसे में जब उसने एक आवाज़ सुनी तो वह हैरान रह गया। आगे उसने क्या किया? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लघु-कथा ‘उस पार का योगी’
लघु-कथा: उस पार का योगी – जयशंकर प्रसाद Read More
शिकार करके घनश्याम जंगल में बैठा शिकार को भून ही रहा था कि उसकी नज़र उस भीलनी पर पड़ी। उसे देखते ही उसके मन में पाप उमड़ पड़ा। आगे क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ें जयशंकर प्रसाद की यह कहानी ‘पाप की पराजय’।
कहानी: पाप की पराजय – जयशंकर प्रसाद Read More
स्त्री अपने तीन बच्चों के साथ कमरे में बैठी थी। घर में खाने को रोटी न थी और कुछ समय पहले ही मकान मालिक ने उन्हें घर से निकालने की धमकी दी थी। इतने में वो फिर घर पर आ धमका था। यह ‘वो’ कौन था? वो यहाँ क्यों आया था? पढ़ें आचार्य चतुरसेन शास्त्री की कहानी ‘फंदा’:
कहानी: फंदा – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
गजानन रैना साहित्यानुरागी हैं। साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखते रहते हैं।उन्होंने जेम्स जॉयस के प्रसिद्ध उपन्यास यूलिसीस पर टिप्पणी लिखी है। इस लेख में …
रैना उवाच: जेम्स जॉयस के ‘यूलिसीस’ पर कुछ बातें Read More