कहानी: गदल – रांघेय राघव
गदल के लड़के थे, बहुएँ थीं। एक भरा पूरा परिवार लेकिन वो परिवार को छोड़कर अपने से कम उम्र के आदमी के साथ रहने चली गयी थी। आखिर उसने ये फैसला क्यों किया था?
एक बुक जर्नल पर पढ़ें रांगेय राघव की कहानी ‘गदल’।
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गदल के लड़के थे, बहुएँ थीं। एक भरा पूरा परिवार लेकिन वो परिवार को छोड़कर अपने से कम उम्र के आदमी के साथ रहने चली गयी थी। आखिर उसने ये फैसला क्यों किया था?
एक बुक जर्नल पर पढ़ें रांगेय राघव की कहानी ‘गदल’।
‘आओ बच्चों तुम्हें सुनाएँ’ आलोक कुमार द्वारा लिखी पुस्तक है। यह पुस्तक वर्ष 2023 में फ्लाईड्रीम्स पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित की गयी थी।
आज के समय के एक जरूरी मुद्दे को उठाती है आलोक कुमार की पुस्तक ‘आओ बच्चों तुम्हें सुनाएँ’ Read More
अथनास किसपोट्टा की पुस्तक कोरोया फूल: जन ,जंगल ,जीवन छोटा नागपुर इलाके के आदिवासियों के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का दस्तावेज है। अपने इन संस्मरणों और लेखों से लेखक ने वहाँ की संस्कृति और उसमें होते बदलावों को दर्शाने का प्रयास किया है। एक बुक जर्नल पर पढ़िए पुस्तक कोरोया फूल में मौजूद एक लेख ‘गोंगो’।
पुस्तक अंश: कोरोया फूल: जन, जंगल, जीवन – अथनास किसपोट्टा Read More
बचपन में कथावाचक किस तरह की शरारत करते थे और किस तरह कुछ गड़बड़ होने पर माता के आँचल में समा जाते थे यही इस कहानी में लेखक द्वारा दर्शाया गया है। पढ़ें शिवपूजन सहाय द्वारा लिखी कहानी ‘माता का आँचल।’
कहानी: माता का आँचल – शिवपूजन सहाय Read More
राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित वरिष्ठ साहित्यकार लीलाधर मंडलोई की आत्मकथा ‘जब से आँख खुली हैं’ पर गुरुवार शाम सिविल सेवा अधिकारी संस्थान (CSOI) में बातचीत का आयोजन किया गया।
लीलाधर मंडलोई की आत्मकथा ‘जब से आँख खुली हैं’ पर विचारगोष्ठी का आयोजन Read More
डॉ. निर्मला जैन की स्मृति में 23 अप्रैल की शाम साहित्य अकादेमी सभागार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह आयोजन राजकमल प्रकाशन और हंस मासिक पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
डॉ. निर्मला जैन की स्मृति में सभा का आयोजन Read More
कथावाचक ट्रेन से अपने दोस्त के घर मेरठ जा रहा था जब वह युवती ट्रेन में चढ़ी। कौन थी वह युवती? वह ट्रेन में कहाँ जा रही थी? कथावचक की उसमें रुचि क्यों जागृत हुई? पढ़ें आचार्य चतुरसेन की कहानी ‘क्रांतिकारिणी’।
कहानी: क्रांतिकारिणी – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
पद्म सिंह शर्मा हिंदी के निबंधकार, आलोचक थे। प्रेमचंद के साथ इनके प्रगाढ़ सम्बन्ध थे। 1932 में पद्म सिंह शर्मा देहावसान के पश्चात प्रेमचंद ने यह लेख उनकी याद में लिखा था। आप भी पढ़ें:
पद्म सिंह शर्मा के साथ तीन दिन – प्रेमचंद Read More
26 फरवरी, 2025 (बुधवार) नई दिल्ली। राजकमल प्रकाशन के 80वें स्थापना दिवस पर शुक्रवार को ‘भविष्य के स्वर’ विचार-पर्व का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में कला और साहित्य के क्षेत्र …
राजकमल के सहयात्रा उत्सव में 28 को होगा ‘भविष्य के स्वर’ कार्यक्रम का आयोजन Read More
विलासिनी नगर की प्रसिद्ध नर्तकी की कन्या थी। आजकल वो रोज बाबू विजयकृष्ण, जिन्हें लोग सरकार कहते थे, की अट्टालिका पहुँच जाया करती थी। वह चूड़ीवाली बनकर उनके यहाँ जाती और सरकार की पत्नी को चूड़ियाँ पहनाया करती। वह आख़िरकार ऐसा क्यों कर रही थी? जानने के लिए पढ़ें जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘चूड़ीवाली’।
कहानी: चूड़ीवाली – जयशंकर प्रसाद Read More
‘एक रात’ रांगेय राघव का लिखा रिपोर्ताज है। इसमें उन्होंने अकाल के समय के बंगाल की स्थिति को दर्शाया है। आप भी पढ़ें यह मार्मिक रिपोर्ताज:
एक रात – रांगेय राघव Read More
‘मरेंगे साथ, जिएँगे साथ’ रांगेय राघव का लिखा रिपोर्ताज है। एक डॉक्टरी दल के साथ जब वो गाँव में टीका लगाने गए तो वहाँ की क्या हालत थी और उधर उनके क्या अनुभव रहे यह वह इधर बता रहे हैं। आप भी पढ़ें:
मरेंगे साथ, जिएँगे साथ – रांगेय राघव Read More