मेरी जेब - कामता प्रसाद सिंह 'काम'

मेरी जेब – कामता प्रसाद सिंह ‘काम’

लेखक को लगता है कि उनकी जेब जादू का ख़ज़ाना, भानुमती की पिटारी, रहस्‍यों और भेदों को गुप्‍त रखने के लिए चोली है। उन्हें अपनी जेब और उसके महत्व पर गर्व है। ऐसा क्यों हैं? पढ़ें यह लेख ‘मेरी जेब’:

मेरी जेब – कामता प्रसाद सिंह ‘काम’ Read More