ऐतिहासिक उपन्यास - राहुल सांकृत्यायन

ऐतिहासिक उपन्यास – राहुल सांकृत्यायन

ऐतिहासिक उपन्यास हर समय लिखे जाते रहे हैं। आज भी यह लिखे जा रहे हैं। ऐसे उपन्यास लिखते समय किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए यही राहुल सांकृत्यायान अपने इस लेख में बता रहे हैं। आप भी पढ़ें:

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कहानी: मुंडमाल - शिवपूजन सहाय

कहानी: मुंडमाल – शिवपूजन सहाय

महाराणा राजसिंह के सरदार चूड़ावतजी औरंगज़ेब से युद्ध करने जा रहे थे। पर उनका मन रह रह कर उनकी पत्नी पर जा रहा है जिनसे कुछ दिन पहले ही उनका विवाह हुआ है। वह आखिरी बार अपनी पत्नी से मिलने जाते हैं और उनसे अपने दिल का हाल कहते हैं। आगे क्या हुआ ये जानने के लिए पढ़ें लेखक शिवपूजन सहाय की यह कहानी ‘मुंडमाल’।

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यात्रा वृत्तांत: दक्षिणी ध्रुव की यात्रा-दो – महावीर प्रसाद द्विवेदी

यात्रा वृत्तांत: दक्षिणी ध्रुव की यात्रा-दो – महावीर प्रसाद द्विवेदी

कप्तान स्कॉट ने दक्षिणी ध्रुव की यात्रा की थी। जब उनकी दक्षिणी ध्रुव में हुई मृत्यु की खबर आयी तो उनकी यात्रा का विवरण देता यह आलेख महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखा गया था। आप भी पढ़ें:

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यात्रा वृत्तांत: दक्षिणी ध्रुव की यात्रा-एक - महावीर प्रसाद द्विवेदी

यात्रा वृत्तांत: दक्षिणी ध्रुव की यात्रा-एक – महावीर प्रसाद द्विवेदी

लेफ़्टिनेंट शैकलटन अपने साथियों के साथ दक्षिणी ध्रुव की दूसरी यात्रा करने गए थे। वहाँ से लौट आने पर जो उन्होंने वहाँ की यात्रा के सम्बन्ध में प्रकाशित किया उसका ही संक्षिप्त विवरण महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा इस लेख में किया गया है। आप भी पढ़ें:

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कहानी: प्रवासी - रांगेय राघव

कहानी: प्रवासी – रांगेय राघव

गोपालन मंदिर का पुजारी था। उसने कोमल को देखा तो वह उसके मन में बस गयी लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। और फिर ऐसा कुछ हुआ कि गोपालन को घर छोड़कर प्रवासी बनना पड़ा। आखिर उसे ऐसा क्यों करना पड़ा? जानने के लिए पढ़ें रांगेय राघव की लिखी यह लम्बी कहानी ‘प्रवासी’।

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कहानी: मंत्र - प्रेमचंद

कहानी: मंत्र – प्रेमचंद

डॉक्टर चड्ढा एक नामी डॉक्टर थे जिनके हर काम का एक समय नियत था। कुछ भी हो जाये वो अपने नियम से न डिगते थे। यही कारण है उन्होंने उस बूढ़े की मदद नहीं की थी और गोल्फ खेलने चले गए थे। पर अब उन्हें मदद की आवश्यकता थी। आगे क्या हुआ ये जानने के लिए पढ़ें प्रेमचंद की कहानी ‘मंत्र’।

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डोबरमैन - प्रवीण कुमार झा

कहानी: डोबरमैन – प्रवीण कुमार झा

प्रवीण कुमार झा नॉर्वे प्रवासी चिकित्सक हैं। कथेतर विधा के इतर उन्होंने गल्प लेखन भी किया है। पढ़ें साहिंद में पहले प्रकाशित हुई उनकी कहानी ‘डोबरमैन’।

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साहित्यकार शोभा शर्मा के काव्य संग्रह का हुआ लोकार्पण

साहित्यकार शोभा शर्मा के काव्यसंग्रह ‘प्रणयधारा’ का हुआ लोकार्पण

साहित्यकार शोभा शर्मा के नवीन काव्यसंग्रह ‘प्रणयधारा’ का लोकार्पण विदुषी वामा मंच के बैनर तले, मंच के तीन वर्ष पूरे होने पर, आयोजन गांधी आश्रम, छतरपुर में किया गया।

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लेखक गौरव कुमार निगम की नवीन पुस्तक का गोमती पुस्तक मेले लखनऊ में हुआ विमोचन

गोमती पुस्तक महोत्सव में लेखक गौरव कुमार निगम के उपन्यास ‘स्कैंडल इन लखनऊ’ का हुआ लोकार्पण

लखनऊ यूनिवर्सिटी प्रांगण में आयोजित गोमती पुस्तक महोत्सव के साहित्यिक मंच पर रविवार को लेखक गौरव कुमार निगम की पुस्तक ‘स्कैंडल इन लखनऊ’ का लोकार्पण सम्पन्न हुआ। यह एक अपराध कथा है जिसे लखनऊ की पृष्ठभूमि पर लिखा गया है।

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मेरी पहली रचना - प्रेमचंद

मेरी पहली रचना – प्रेमचंद

कथासम्राट प्रेमचंद की पहली रचना कौन सी थी? अपने बचपन में उन्होंने क्या क्या पढ़ा था? यह सब वह इस लेख में बता रहे हैं। आप भी पढ़ें:

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सुकुल की बीबी - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

कहानी: सुकुल की बीबी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

सुकुल कथावाचक का बहुत पुराना दोस्त था। आज काफी समय बाद उससे मिलने आया था। और साथ में उसकी बीबी। सुकुल की बीबी ने कथावाचक के सामने ऐसा प्रस्ताव रखा कि उसकी हैरत का ठिकाना न रहा। आखिर ऐसा कहा था सुकुल की बीबी ने? सुकुल और उसकी बीबी कथावाचक के पास क्यों आये थे? पढ़ें सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कहानी ‘सुकुल की बीबी’।

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लघु-कथा: लड़ाई - भुवनेश्वर

लघु-कथा: लड़ाई – भुवनेश्वर

‘लड़ाई’ भुवनेश्वर की लिखी लघु-कथा है। यह रचना हंस पत्रिका के वर्ष 1939 के सितम्बर में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें:

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