ममता कालिया ने हिन्दी कथा और संस्मरण लेखन को नई दृष्टि दी है

ममता कालिया ने हिन्दी कथा और संस्मरण लेखन को नई दृष्टि दी है

हिंदी की वरिष्ठ लेखक ममता कालिया को उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार दिए जाने की घोषणा पर राजकमल प्रकाशन समूह के अध्यक्ष अशोक महेश्वरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।

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दैनिक जागरण बेस्ट सेलर लिस्ट हुई जारी; इन किताबों ने सूची में बनाई जगह

2025 की दूसरी तिमाही की दैनिक जागरण बेस्ट सेलर सूची हुई जारी, इन पुस्तकों ने बनाई कथेतर श्रेणी में जगह

दैनिक जागरण द्वारा वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों की सूची जारी की जा चुकी है। कथेतर श्रेणी में इन पुस्तकों ने बनाई जगह।

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कथेतर विधा पर दो टिप्पणियाँ - प्रवीण कुमार झा

कथेतर विधा पर दो टिप्पणियाँ – प्रवीण कुमार झा

लेखक प्रवीण कुमार झा ने साहिंद वेबसाइट में कथेतर विधा के ऊपर दो टिप्पणियाँ प्रकाशित की थीं। यह टिप्पणियाँ चूँकि एक दूसरे से सम्बंधित हैं तो हमने सोचा एक बुक जर्नल पर प्रकाशित करते समय इन्हें एक साथ ही रखा जाए। आप भी पढ़िए:

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पुस्तक अंश: कोरोया फूल: जन, जंगल, जीवन - अथनास किसपोट्टा

पुस्तक अंश: कोरोया फूल: जन, जंगल, जीवन – अथनास किसपोट्टा

अथनास किसपोट्टा की पुस्तक कोरोया फूल: जन ,जंगल ,जीवन छोटा नागपुर इलाके के आदिवासियों के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का दस्तावेज है। अपने इन संस्मरणों और लेखों से लेखक ने वहाँ की संस्कृति और उसमें होते बदलावों को दर्शाने का प्रयास किया है। एक बुक जर्नल पर पढ़िए पुस्तक कोरोया फूल में मौजूद एक लेख ‘गोंगो’।

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अंधविश्वास उन्मूलन:विचार

रेटिंग :5/5 संस्करण विवरण: फॉर्मेट : पेपरबैक पृष्ठ संख्या : 174 प्रकाशक : सार्थक(राजकमल प्रकाशन का ईमपरिंट) संपादक: डॉ सुनील कुमार लवटे अनुवादक : डॉ चन्दा गिरीश सीरीज : अंधविश्वास …

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