कहानी: उन्मादिनी – सुभद्रा कुमारी चौहान
हीना को लोग उन्मादिनी कहते हैं। ऐसा उसे क्यों कहा जाता है? जानने के लिए पढ़िए सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘उन्मादिनी’
कहानी: उन्मादिनी – सुभद्रा कुमारी चौहान Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
हीना को लोग उन्मादिनी कहते हैं। ऐसा उसे क्यों कहा जाता है? जानने के लिए पढ़िए सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘उन्मादिनी’
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कथावाचक को लगता है गुल्ली-डंडे से बेहतर खेल कोई नहीं है। आज कई वर्षों बाद वो उस जगह लौटा है जहाँ उसका बचपन बीता था और उसने अपना समय दोस्तों के साथ गुल्ली-डंडा खेलते हुए बिताया था। अपने उन्हीं बीते दिनों को याद वो फिर से ताज़ा करना चाहता है। आगे क्या हुआ? पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की लिखी यह कहानी ‘गुल्ली-डंडा’:
कहानी: गुल्ली-डंडा – प्रेमचंद Read More
‘पापी पेट’ सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा लिखी कहानी है जो कि उनके संग्रह बिखरे मोती में प्रकाशित हुई थी। अंग्रेजी राज में कई भारतीय अंग्रेजी शासन की पुलिस फोर्स का हिस्सा थे। एक लाठी चार्ज के बाद ऐसे ही कुछ भारतीयों के मनोभावों को यह कहानी दर्शाती है। आप भी पढ़ें:
कहानी: पापी पेट – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More
गजानन रैना साहित्यानुरागी है और साहित्य के अलग अलग पहलुओं और साहित्यिक कृतियों पर बात करने का उनका अपना अलग अंदाज है। रैना उवाच के नाम से वह यह टिप्पणियाँ अपने सोशल मीडिया …
रैना उवाच: क्लिष्ट दर्शन की एक सहज, सुबोध, प्रगीतात्मक शैली में कही कथा है, ‘सिद्धार्थ’ Read More
संस्करण विवरण: फॉर्मैट: पेपरबैक | पृष्ठ संख्या: 134 | प्रकाशक: डायमंड बुक्स | अनुवादक: कुमार नीलभ | मूल भाषा: बांग्ला पुस्तक लिंक: अमेज़न कहानी डॉक्टरी की पढ़ाई करने के बाद …
एक गलतफहमी से उपजे अकेलेपन की दास्तान है निमाई भट्टाचार्य का उपन्यास गलतफहमी Read More
गोन विद द विंड अंग्रेजी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में से एक माना जाता है। 1936 में प्रकाशित हुए इस उपन्यास ने अपने प्रकाशन के तुरन्त बाद ही लोगों के दिल में अपनी …
गोन विद द विंड 3: युद्ध की पृष्ठभूमि में रची प्रेम कथा है गोन विद द विंड Read More
गोन विद द विंड अंग्रेजी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में से एक माना जाता है। 1936 में प्रकाशित हुए इस उपन्यास ने अपने प्रकाशन के तुरन्त बाद ही लोगों के दिल में अपनी जगह …
गोन विद द विंड 2: सिविल वाॅर की पृष्ठभूमि में स्कार्लेट के संघर्ष, उसकी जिजीविषा और उसके जीवट की कहानी है ‘गॉन विद द विंड’ Read More
गोन विद द विंड अंग्रेजी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में से एक माना जाता है। 1936 में प्रकाशित हुए इस उपन्यास ने अपने प्रकाशन हुए इस उपन्यास ने अपने प्रकाशन के तुरन्त बाद …
गोन विद द विंड 1: एक अलग कालखण्ड की यात्रा है गोन विद द विंड Read More
संस्करण विवरण: फॉर्मैट: हार्डकवर | प्रकाशन: सत्साहित्य प्रकाशन | पृष्ठ: 25 पुस्तक लिंक: अमेज़न कहानी नलिनी सत्येन्द्रकुमार की दूसरी पत्नी थी। नलिनी जब शादी करके घरआई तो उसे मालूम चल गया …
बोझ | शरतचंद्र चट्टोपाध्याय | उपन्यासिका Read More
15 नवंबर 2021 को वरिष्ठ लेखिका मन्नू भण्डारी इस नश्वर संसार से चली गईं। 90 वर्ष का भरपूर जीवन जीने के पश्चात वह एक नवीन यात्रा पर चल पड़ीं। अपने …
रैना उवाच: अपनी आधुनिकता में भी अपनी जड़ों से जुड़ी हुईं थीं मन्नू भण्डारी Read More
संस्करण विवरण:फॉर्मेट: हार्डकवर | पृष्ठ संख्या: 81 | अनुवाद: पुष्पा देवड़ा | मूल भाषा: बांग्ला पुस्तक लिंक: amazon.in | amazon.com कहानी सुहास रंजन मुखोंपाध्याय कभी पुलिस के बड़े अफसर हुआ करते थे। वह कलकत्ता में अपनी पत्नी काजल के …
काजल – बिमल मित्र Read More
गजानन रैना साहित्यानुरागी है और साहित्य के अलग अलग पहलुओं और साहित्यिक कृतियों पर बात करने का उनका अपना अलग अंदाज है। रैना उवाच के नाम से वह यह टिप्पणियाँ अपने सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं। आज एक बुक जर्नल पर पढ़िए दूधनाथ सिंह की रचना धर्मक्षेत्रे-कुरुक्षेत्रे पर लिखी उनकी टिप्पणी।
रैना उवाच: जरायम पर रची एक सार्थक कृति है ,’धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे’ Read More