साक्षात्कार: शुभानन्द | राजन इकबाल: हॉन्टेड होटल

साक्षात्कार: लेखक शुभानन्द से ‘राजन इकबाल: हॉन्टेड होटल’ पर बातचीत

लेखक शुभानन्द ने अपने लेखन की शुरुआत राजन-इकबाल रिबॉर्न सीरीज़ से की थी। काफी समय से वह राजन-इकबाल रिबॉर्न शृंखला के उपन्यास नहीं लिख रहे थे। अब बहुत समय बाद वो राजन इकबाल रिबॉर्न शृंखला का उपन्यास ‘राजन इकबाल: हॉन्टेड होटल’ लेकर आये हैं। पढ़ें इस उपन्यास पर हुई बातचीत:

साक्षात्कार: लेखक शुभानन्द से ‘राजन इकबाल: हॉन्टेड होटल’ पर बातचीत Read More
साक्षात्कार: अशफ़ाक़ अहमद

साक्षात्कार: लेखक अशफ़ाक़ अहमद से बातचीत

लेखक अशफ़ाक़ अहमद का पहला उपन्यास 2019 में प्रकाशित हुआ था। 2019 से लेकर अब तक उनकी 60 से ऊपर किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। वह अपराध साहित्य भी लिखते हैं तो हॉरर भी लिखते हैं। विज्ञान गल्प लिखते हैं तो सामाजिक उपन्यास और कहानियाँ भी लिखते हैं। ऐसे में उनका लेखन क्षेत्र काफी वृहद हो जाता है। एक बुक जर्नल पर हमने उनसे उनके लेखन, उनकी लेखन प्रक्रिया और लेखन से जुड़े दूसरे अनुभवों पर बात की है। आप भी पढ़ें:

साक्षात्कार: लेखक अशफ़ाक़ अहमद से बातचीत Read More
उपन्यास 'ऐ ज़िंदगी' की लेखिका सुछन्दा डे से बातचीत

साक्षात्कार: उपन्यास ‘ऐ ज़िंदगी’ की लेखिका सुछन्दा डे से बातचीत

पेशे से सुछन्दा डे आई टी के क्षेत्र से संबंधित हैं लेकिन उनका मन शब्दों में रमता है। ‘ऐ ज़िंदगी’ उनका हालिया प्रकाशित उपन्यास है। इसी उपन्यास और उनके लेखन पर हमने यह बातचीत की है। आप भी पढ़ें:

साक्षात्कार: उपन्यास ‘ऐ ज़िंदगी’ की लेखिका सुछन्दा डे से बातचीत Read More
साक्षात्कार: लेखक सबुज हालदार से एक बातचीत

साक्षात्कार: लेखक सबुज हालदार से एक बातचीत

सबुज हालदार हिंदी, अंग्रेजी और बांग्ला भाषाओं में समान अधिकार रखते हैं। हिंदी और बांग्ला में वह लेखन और अनुवाद करते हैं। एक बुक जर्नल पर हमने उनसे उनके लेखन और उनके द्वारा किए गये अनुवादों के ऊपर यह बातचीत की है। आप भी पढ़ें:

साक्षात्कार: लेखक सबुज हालदार से एक बातचीत Read More
लेखिका सुधा आदेश से उनके लेखन पर बातचीत

लेखन स्वतःस्फूर्त होता है, उसके लिए सोचना नहीं पड़ता। मन में उमड़ती-घुमड़ती भावनाएँ स्वयं हाथ में कलम पकड़ाकर लिखवा ही लेती हैं – सुधा आदेश

सुधा आदेश लगभग तीन दशकों से अधिक समय से लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने कहानियाँ, आलेख, उपन्यास और बाल साहित्य लिखा है। राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में उनके आलेख और रचनाएँ निरंतर प्रकाशित होते रहे हैं। एक बुक जर्नल के लिए हमने उनसे उनके लेखन पर ईमेल के माध्यम से यह बातचीत की है। उम्मीद है यह बातचीत आपको पसंद आएगी।

लेखन स्वतःस्फूर्त होता है, उसके लिए सोचना नहीं पड़ता। मन में उमड़ती-घुमड़ती भावनाएँ स्वयं हाथ में कलम पकड़ाकर लिखवा ही लेती हैं – सुधा आदेश Read More
साक्षात्कार: लेखक आकाश पाठक से उनके नवीन उपन्यास आज़ाद क़ैदी पर बातचीत

साक्षात्कार: आज़ाद क़ैदी के लेखक आकाश पाठक से बातचीत

‘आज़ाद क़ैदी’ लेखक आकाश पाठक का नवीनतम उपन्यास है। उपन्यास साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। इस उपलक्ष्य में हमने उनसे बातचीत की है। आप भी पढ़ें:

साक्षात्कार: आज़ाद क़ैदी के लेखक आकाश पाठक से बातचीत Read More
साक्षात्कार: 'टिक टॉक टिक टॉक' के लेखक आनंद के. सिंह से बातचीत

साक्षात्कार: ‘टिक टॉक टिक टॉक’ के लेखक आनंद कुमार सिंह से बातचीत

आनंद कुमार सिंह पेशे से पत्रकार हैं। करीब दो दशक के अपने पत्रकारिता कैरियर में उन्होंने कई राष्ट्रीय टीवी चैनल व समाचार पत्रों में कार्य किया है। फिलहाल वह एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक के साथ जुड़े हैं। ‘टिक टॉक टिक टॉक’ उनकी नवीनतम पुस्तक है। अपनी पुस्तक को लेकर उन्होंने ‘एक बुक जर्नल’ से यह बातचीत की है। आप भी पढ़ें:

साक्षात्कार: ‘टिक टॉक टिक टॉक’ के लेखक आनंद कुमार सिंह से बातचीत Read More
ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ द्वारा लिया गया लेखिका सुमन बाजपेयी का साक्षात्कार

नये प्रयोग करने से हिचकिचाते हैं कहानीकार- सुमन बाजपेयी

सुमन बाजपेयी पिछले तीन दशकों से लेखन क्षेत्र में सक्रिय हैं। लेखक और सम्पादक ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ ने उनसे अनुवाद, लेखन और मौजूदा हिंदी लेखन पर यह बातचीत की है। आप भी पढ़ें।

नये प्रयोग करने से हिचकिचाते हैं कहानीकार- सुमन बाजपेयी Read More
साक्षात्कार: लेखक अनिल पुरोहित से बातचीत

साक्षात्कार: लेखक अनिल पुरोहित से बातचीत

लेखक अनिल पुरोहित मूलतः सुजानगढ़ से हैं। वह शिक्षा विभाग में कार्यरत थे और इसके अतिरिक्त फोटोग्राफ़ी और पत्रकारिता में भी सक्रिय रहे हैं। पिछले तीन दशकों से वह लेखन क्षेत्र में भी सक्रिय हैं और अब सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के पश्चात लेखन और फ्रीलांस पत्रकारिता कर रहे हैं। उनकी अब तक 7 के करीब पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। कई लेख और कहानियाँ राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। एक बुक जर्नल पर हमने उनसे उनके जीवन और उनके लेखन के ऊपर लम्बी बातचीत मेल के माध्यम से की है। आप भी पढ़ें:

साक्षात्कार: लेखक अनिल पुरोहित से बातचीत Read More
साक्षात्कार: सुनील कुमार सिंक्रेटिक

“किताब एक प्रोडक्ट है, इसे बनाने में किसी की पूंजी लगी होती है” – सुनील कुमार ‘सिंक्रेटिक’

लेखक सुनील कुमार ‘सिंक्रेटिक’ पशुओं की कहानियों में माध्यम से हमारे समाज और हमारे समाज की परेशानियों पर बात करते हैं। अभिषेक भारत ने उनसे यह बातचीत साहिंद के लिए दिसम्बर 2020 को की थी। बातचीत उनके लेखन और उस समय आयी उनकी पुस्तक बनकिस्सा पर केंद्रित थी। बातचीत अब एक बुक जर्नल में प्रकाशित हो रही है। आप भी पढ़िए।

“किताब एक प्रोडक्ट है, इसे बनाने में किसी की पूंजी लगी होती है” – सुनील कुमार ‘सिंक्रेटिक’ Read More
लेखक संदीप नैयर से रितिक चौहान की बातचीत

हिंदी साहित्य पर ऋतिक चौहान से प्रश्नोत्तरी

ऋतिक चौहान से एक प्रश्नोत्तरी हुई जिसमें उन्होंने लेखक संदीप नैयर से बहुत ही मौजूँ और सधे हुए सवाल पूछे। आप भी पढ़िए।

हिंदी साहित्य पर ऋतिक चौहान से प्रश्नोत्तरी Read More
‘भूतिया मास्साब’ के लेखक प्रांजल सक्सेना से बातचीत

अच्छा भूत बनने का प्रशिक्षण भी देती है ‘भूतिया मास्साब’; ‘भूतिया मास्साब’ के लेखक प्रांजल सक्सेना से बातचीत

‘महनपुर के नेता’, ‘गाँव वाला अंग्रेजी स्कूल’ और ‘हाथिस्थान’ के बाद लेखक प्रांजल सक्सेना का किशोर उपन्यास ‘भूतिया मास्साब’ फ्लाईड्रीम्स पब्लिकेशन से प्रकाशित होकर आया है। इस उपलक्ष्य में उन्होंने एक बुक जर्नल से उनके लेखन, उनकी नवीन पुस्तक और आने वाली पुस्तकों पर बातचीत की है। उम्मीद है यह बातचीत आपको पसंद आएगी।

अच्छा भूत बनने का प्रशिक्षण भी देती है ‘भूतिया मास्साब’; ‘भूतिया मास्साब’ के लेखक प्रांजल सक्सेना से बातचीत Read More