पाठशाला - चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी'

लघु-कथा: पाठशाला – चंद्रधर शर्मा गुलेरी

पाठशाला का वार्षिकोत्सव था। मैं भी वहाँ बुलाया गया था। वहाँ के प्रधान अध्यापक का एकमात्र पुत्र, जिसकी अवस्था आठ वर्ष की थी, बड़े लाड़ से नुमाइश में मिस्टर हादी …

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आँखों देखी घटना - गोपाल राम गहमरी

कहानी: आँखों देखी घटना – गोपाल राम गहमरी

1 बात सन् 1893की है, जब मैं बंबई से लौटकर मंडला में पहले-पहल पहुँचा था। वहाँ मेरे उपकारी मित्र पंडित बालमुकुंद पुरोहित तहसीलदार थे। उन्हीं की कृपा से मैं मंडला …

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उसने कहा था - चंद्रधर शर्मा गुलेरी

कहानी: उसने कहा था – चंद्रधर शर्मा गुलेरी

‘उसने कहा था’ चंद्र शर्मा गुलेरी की लिखी कहानी है। ‘उसने कहा था’ को हिंदी की शुरुआती कहानियों में से एक माना जाता है।

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कहानी: बूढ़ी काकी - प्रेमचंद

कहानी: बूढ़ी काकी – प्रेमचंद

बुढ़ापा बहुधा बचपन का पुनरागमन हुआ करता है। बूढ़ी काकी में जिह्वा-स्वाद के सिवा और कोई चेष्टा शेष न थी और न अपने कष्टों की ओर आकर्षित करने का, रोने के अतिरिक्त कोई दूसरा सहारा ही।
…पढ़ें लेखक प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘बूढ़ी काकी’:

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कहानी: ग्यारह वर्ष का समय - रामचंद्र शुक्ल

कहानी: ग्यारह वर्ष का समय – रामचंद्र शुक्ल

दिन-भर बैठे-बैठे मेरे सिर में पीड़ा उत्पन्न हुई: मैं अपने स्थान से उठा और अपने एक नए एकांतवासी मित्र के यहाँ मैंने जाना विचारा। जाकर मैंने देखा तो वे ध्यान-मग्न …

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संदेह - जयशंकर प्रसाद

कहानी: संदेह – जयशंकर प्रसाद

रामनिहाल अपना बिखरा हुआ सामान बाँधने में लगा था। जँगले से धूप आकर उसके छोटे-से शीशे पर तड़प रही थी। अपना उज्ज्वल आलोक-खंड, वह छोटा-सा दर्पण बुद्ध की सुंदर प्रतिमा …

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लघु-कथा: स्वप्न - विकास नैनवाल 'अंजान' | hindi flash fiction: swpna by Vikas Nainwal

लघु-कथा: स्वप्न – विकास नैनवाल ‘अंजान’

‘स्वप्न’ विकास नैनवाल की लिखी एक लघु-कथा है। यह लघु-कथा लेखक के रचना संग्रह ‘एक शाम तथा अन्य रचनाएँ’ से ली गयी है।

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अँगूठी की खोज - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: अँगूठी की खोज – सुभद्रा कुमारी चौहान

‘अँगूठी की खोज’ सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी है। अपने वैवाहिक जीवन से असन्तुष्ट योगेश को एक बार पार्क में एक स्त्रियों का समूह मिल जाता है। उस समूह में मौजूद एक स्त्री वृजांगना की अँगूठी जब खो जाती है तो योगेश उसे उस अँगूठी को ढूँढकर लांकर देने का वादा करता है। अँगूठी की यह खोज जिस थर से इन दोनों किरदारों के जीवन को बदलती है वही कहानी बनती है।

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लघु-कथा: पत्थर की पुकार - जयशंकर प्रसाद

लघु-कथा: पत्थर की पुकार – जयशंकर प्रसाद

नवल और विमल टहल रहे थे जब उनके बीच साहित्य को लेकर बहस छिड़ी। इस बहस का विषय क्या था और इसका परिणाम क्या निकला। पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लघु-कथा ‘पत्थर की पुकार’।

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कहानी: कफ़न - प्रेमचंद

कहानी: कफ़न – प्रेमचंद

माधव की जवान पत्नी प्रसव के दौरान चल बसी। माधव और घीसू, जिनके खाने के भी लाले थे, अब उसके लिए कफ़न का इंतज़ाम करने निकल पड़े। पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की लिखी यह प्रसिद्ध कहानी ‘कफ़न’:

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लघु-कथा: उस पार का योगी - जयशंकर प्रसाद

लघु-कथा: उस पार का योगी – जयशंकर प्रसाद

नंदलाल उस नदी के किनारे बैठा अपनी सितारी बजाया करता था। उसे अँधरे से डर नहीं लगता था। ऐसे में जब उसने एक आवाज़ सुनी तो वह हैरान रह गया। आगे उसने क्या किया? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लघु-कथा ‘उस पार का योगी’

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कहानी: पाप की पराजय - जयशंकर प्रसाद

कहानी: पाप की पराजय – जयशंकर प्रसाद

शिकार करके घनश्याम जंगल में बैठा शिकार को भून ही रहा था कि उसकी नज़र उस भीलनी पर पड़ी। उसे देखते ही उसके मन में पाप उमड़ पड़ा। आगे क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ें जयशंकर प्रसाद की यह कहानी ‘पाप की पराजय’।

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