कहानी: ग्राम – जयशंकर प्रसाद
‘ग्राम’ जयशंकर प्रसाद की वह पहली कहानी है जो कि प्रकाशित हुई थी। यह कहानी ‘इंदु’ पत्रिका में सन् 1912 में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें:
कहानी: ग्राम – जयशंकर प्रसाद Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
‘ग्राम’ जयशंकर प्रसाद की वह पहली कहानी है जो कि प्रकाशित हुई थी। यह कहानी ‘इंदु’ पत्रिका में सन् 1912 में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें:
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‘दुनिया का सबसे अनमोल रत्न’ प्रेमचंद की लिखी पहली कहानी है। ज़माना पत्रिका में 1907 में नवाबराय नाम से यह प्रकाशित हुई थी। कहानी देशभक्ति की महिमा बताती है। यह उनके ‘सोजे वतन’ नमक संग्रह में संकलित हुआ था जिसे अंग्रेज सरकार ने बैन कर दिया था। आप भी पढ़ें:
कहानी: दुनिया का सबसे अनमोल रत्न – प्रेमचंद Read More
‘कानों में कँगना’ लेखक राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह की लिखी कहानी है। यह कहानी सर्वप्रथम 1912 ई. में ‘कुसमांजलि’ नामक उनके कहानी संग्रह में प्रकाशित हुई थी। इसके बाद यह इंदु पत्रिका में 1913 में प्रकाशित हुई। यह उनकी सबसे चर्चित कहानियों में से एक है। आप भी पढ़ें:
कहानी: कानों में कँगना – राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह Read More
नवलकिशोर और वंशीधर गहरे मित्र थे। जब नवलकिशोर अपनी नयी नवेली दुल्हन को लेकर आ रहे थे तो उन्होंने वंशीधर को भी अपने साथ चलने को कहा। आगे क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ें राजेंद्रबाला घोष (बंग महिला) द्वारा लिखी कहानी दुलाईवाली:
कहानी: दुलाईवाली – राजेंद्र बाला घोष (बंग महिला) Read More
लोग समझते थे कि बिब्बो हमेशा से ही अकेली रहती आयी है, लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। पर अब बिब्बो ने अपने एकाकीपन से समझोता कर लिया था। इतने समय बाद फिर एक बार उसका एकाकीपन टूटने को था। आखिर ऐसा क्या हुआ था? जानने के लिए पढ़ें भुवनेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव की कहानी ‘मौसी’।
कहानी: मौसी – भुवनेश्वर Read More
‘गालियाँ’ लेखक चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी लघु-कथा है। लेखक इस लघु-कथा के माध्यम से समाज में फैल रहे व्यभिचार के ऊपर टिप्पणी करते हैं। आप भी पढ़ें:
लघु-कथा: गालियाँ – चंद्रधर शर्मा गुलेरी Read More
राजकुमारी हिमांगिनी बहुत सुंदर थीं और उन्हें लगता था कि इतनी सुंदर होने के नाते उन्हें सामान्य जीवों के साथ नही रहना चाहिए। यही कारण था उन्होंने पर्वत के सबसे ऊँचे शिखर पर अपना घर बनाया। पर काफी समय गुजरने के बाद वो साथ के लिए तरसने लगीं। वह विवाह करना चाहती थीं। क्या उनकी यह चाहत पूरी हुई? पढ़ें महावीर प्रसाद द्विवेदी की कहानी ‘राजकुमारी हिमांगिनी’।
कहानी: राजकुमारी हिमांगिनी – महावीर प्रसाद द्विवेदी Read More
कथावाचक उन दिनों गाँव में रहने लगा था। उसके घर के नज़दीक ही चतुरी रहता था जो कि जूते का काम करता था। कौन था ये चतुरी चमार? कथावाचक से उसके और गाँव के अन्य सदस्यों के साथ कैसे सम्बंध थे? जानने के लिए पढ़ें सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कहानी ‘चतुरी चमार’।
कहानी: चतुरी चमार – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ Read More
कथावाचक को जब पता लगा कि उसका दोस्त उसे साँप का मणि दिलवा सकता है तो उसका हैरान होना लाज़मी था। आखिर क्या था ये मणि? क्या असल में ये साँप का मणि था? पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की यह लघु-कथा ‘साँप का मणि’।
लघु-कथा: साँप का मणि – प्रेमचंद Read More
मधुपुरी की नगरी अपनी खूबसूरती के लिए प्रख्यात थी। कहा जाता है जितनी खूबसूरत यह मधुपुरी थी उतनी ही खूबसूरत यहाँ की तरुणियाँ थीं। रूपी भी ऐसी ही युवती थी जिसे अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता था। लेकिन फिर उसे अपने शरीर को बेचने पर मजबूर होना पड़ा। रूपी को ऐसा क्यों करना पड़ा और इसका उसे क्या खामियाजा चुकाना पड़ा? जानने के लिए पढ़ें राहुल सांकृत्यायन की कहानी ‘रूपी’:
कहानी: रूपी – राहुल सांकृत्यायन Read More
आमला के पिता नवीन के कर्जदार थे। ऐसे में जब आमला की शादी नवीन से हुई तो आमला को लगा था उसे कर्ज के बदले नवीन द्वारा खरीदा गया था। नवीन को जब यह बात पता लगी तो उसने आमला से कहा कि वह उसका दिल जीत लेगा। और आमला का मन था कि वह किसी तरह नवीन का कर्जा उतारकर खुद का मूल्य चुका दे। क्या दोनों की यह इच्छाएँ पूरी हुईं? जानने के लिए पढ़ें आचार्य चतुरसेन शास्त्री की कहानी ‘मूल्य’।
कहानी: मूल्य – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
कथावाचक ने एक कवि सम्मेलन में उन्हें देखा था और उनकी कविताओं का प्रशंसक बन गया था। पर फिर उनकी कविताएँ आनी बंद हो गयी। आखिर ऐसा क्यों हुआ? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘भग्नावशेष’।
कहानी: भग्नावशेष – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More