कहानी: लेखक - प्रेमचंद

कहानी: लेखक – प्रेमचंद

प्रवीण एक लेखक हैं जिन्होंने लेखन पर लगभग अपना सर्वस्व लुटा दिया लेकिन फिर आर्थिक तौर उन्हें कुछ हासिल न हो सका। ऐसे में जब एक शहर के नामी रईस ने उन्हें अपने यहाँ दावत के लिए बुलाया तो उन्हें लगने लगा कि उनका लेखन सफल हुआ है क्योंकि प्रतिष्ठावान लोग उन्हें बुला रहे हैं। उनका सम्मान हो रहा है। पर यह कितना सच था?
आगे जानने के लिए एक बुक जर्नल पर पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘लेखक’।

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हिंदी कहानी | गदल - रांघेय राघव

कहानी: गदल – रांघेय राघव

गदल के लड़के थे, बहुएँ थीं। एक भरा पूरा परिवार लेकिन वो परिवार को छोड़कर अपने से कम उम्र के आदमी के साथ रहने चली गयी थी। आखिर उसने ये फैसला क्यों किया था?
एक बुक जर्नल पर पढ़ें रांगेय राघव की कहानी ‘गदल’।

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लघु-कथा: भूगोल - चंद्रधर शर्मा गुलेरी

लघु-कथा: भूगोल – चंद्रधर शर्मा गुलेरी

‘भूगोल’ लेखक चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी लघु-कथा है। इस लघु-कथा के माध्यम से वह शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करते हैं। आप भी पढ़ें:

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लघुकथा: बाबा जी का भोग - प्रेमचंद

लघु-कथा: बाबा जी का भोग – प्रेमचंद

‘बाबा जी का भोग’ प्रेमचंद की लिखी लघुकथा है। मेहनतकश छोटे किसानों की हालत यह लघु-कथा ब्यान करती है और सोचने को काफी कुछ दे जाती है। आप भी पढ़ें:

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लघु-कथा: विजया - जयशंकर प्रसाद

लघु-कथा: विजया – जयशंकर प्रसाद

कमल का सब कुछ लुट चुका था। अब उसके पास बचा था तो केवल एक रुपया। उसने इस एक रुपये का क्या किया? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लिखी यह लघु-कथा ‘विजया’।

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कहानी: ककड़ी की कीमत - आचार्य चतुरसेन शास्त्री

कहानी: ककड़ी की कीमत – आचार्य चतुरसेन शास्त्री

‘ककड़ी की कीमत’ लेखक आचार्य चतुरसेन शास्त्री की लिखी कहानी है। यह कहानी 1959 में प्रकाशित ‘मेरी प्रिय कहानियाँ’ और 1961 में प्रकाशित ‘कहानी खत्म हो गयी’ नामक संग्रह में शामिल थी। इस कहानी के माध्यम से लेखक ने दिल्ली की पुरानी संस्कृति दर्शाने की कोशिश की है। आप भी पढ़ें:

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कहानी: क्रांतिकारिणी - आचार्य चतुरसेन शास्त्री

कहानी: क्रांतिकारिणी – आचार्य चतुरसेन शास्त्री

कथावाचक ट्रेन से अपने दोस्त के घर मेरठ जा रहा था जब वह युवती ट्रेन में चढ़ी। कौन थी वह युवती? वह ट्रेन में कहाँ जा रही थी? कथावचक की उसमें रुचि क्यों जागृत हुई? पढ़ें आचार्य चतुरसेन की कहानी ‘क्रांतिकारिणी’।

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कहानी: चूड़ीवाली - जयशंकर प्रसाद

कहानी: चूड़ीवाली – जयशंकर प्रसाद

विलासिनी नगर की प्रसिद्ध नर्तकी की कन्या थी। आजकल वो रोज बाबू विजयकृष्ण, जिन्हें लोग सरकार कहते थे, की अट्टालिका पहुँच जाया करती थी। वह चूड़ीवाली बनकर उनके यहाँ जाती और सरकार की पत्नी को चूड़ियाँ पहनाया करती। वह आख़िरकार ऐसा क्यों कर रही थी? जानने के लिए पढ़ें जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘चूड़ीवाली’।

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कहानी: जीवन की झलक - भुवनेश्वर

कहानी: जीवन की झलक – भुवनेश्वर

कथावाचक का अंतिम समय निकट है। ऐसे में वह और उसकी पत्नी उसके जीवन की एक झलक पाठकों के समक्ष रखना चाहते हैं। आप भी पढ़ें भुवनेश्वर की कहानी ‘जीवन की झलक’

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कहानी: मास्टरनी - भुवनेश्वर

कहानी: मास्टरनी – भुवनेश्वर

‘मास्टरनी’ भुवनेश्वर की लिखी कथा है। यह कथा मई 1938 में ‘चक्कलस’ में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें:

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कहानी: ठाकुर का कुआँ - प्रेमचंद

कहानी: ठाकुर का कुआँ – प्रेमचंद

जोखू की तबीयत खराब थी और इसलिए घर का गंदा पानी उसे गंगा देना नहीं चाहती थी। वह प्यासा था और इसलिए गंगा ने फैसला किया कि ठाकुर के कुएँ से वह पानी लायेगी।
पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘ठाकुर का कुआँ’।

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कहानी: नीरा - जयशंकर प्रसाद

कहानी: नीरा – जयशंकर प्रसाद

देवनिवास और अमरनाथ साइकल पर निकले थे कि देवनिवास एक बूढ़े से टकरा गया। बूढ़े के साथ उसकी बेटी नीरा भी थी। फिर परिस्थिति कुछ ऐसी बन पड़ी कि देवनिवास और अमरनाथ बूढ़े की कुटिया पर पहुँच गए। आगे जानने के लिए पढ़ें जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘नीरा’।

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