अप्रैल-जून 2026 की दैनिक जागरण बेस्ट सेलर सूची हुई जारी, इन पुस्तकों ने बनाई कथा श्रेणी में जगह

दैनिक जागरण बेस्ट सेलर लिस्ट हुई जारी; इन किताबों ने सूची में बनाई जगह

दैनिक जागरण द्वारा वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों की सूची जारी की जा चुकी है। कथा, कथेतर, अनुवाद और कविता श्रेणी में यह सूची जारी की गयी है। कथा श्रेणी में जिन पुस्तकों ने जगह बनाई है वह निम्न हैं:

यार पापा – दिव्य प्रकाश दुबे
यार पापा - दिव्य प्रकाश दुबे

पुस्तक विवरण:

हारे हुए केस जीतना मनोज साल्वे की आदत ही नहीं शौक़ भी था। जब वह कोर्ट में दलील देने के लिए उठता तो जज भी अपनी कुर्सी पर पीठ सीधी करके बैठता। देश की लगभग सभी मैगज़ीन के कवर पर उसकी फ़ोटो आ चुकी थी। देश के सौ सबसे धारदार व्यक्तियों की सूची में उसका नाम पिछले दस साल से हिला नहीं था। देश का बड़े-से-बड़ा अभिनेता, नेता और बिज़नेसमैन सभी मनोज साल्वे के या तो दोस्त थे या होना चाहते थे। मनोज के बारे में कहा जाता था कि पिछले कुछ सालों में कोई भी उससे बड़ा वकील नहीं हुआ। ऐसे में जब लग रहा था कि मनोज के साथ कुछ ग़लत नहीं हो सकता है, ख़बर आती है कि मनोज की लॉ की डिग्री फ़ेक है। इस ख़बर को वह झुठला नहीं पाता। वो आदमी जो हर केस जीत सकता था, वह अपनी बेटी की नज़र में क्यों सबसे बुरा इंसान था? ऐसा क्या था कि उसकी बेटी साशा उससे बात नहीं कर रही थी? क्या मनोज अपनी पर्सनल लाइफ़, अपने करियर को फिर से पटरी पर ला पाएगा?

प्रकाशक: हिन्द युग्म | पुस्तक लिंक: अमेज़न

चांदपुर की चंदा – अतुल कुमार राय
चाँदपुर की चंदा - अतुल कुमार राय

पुस्तक विवरण:

कुछ साल पहले पिंकी और मंटू का प्रेम-पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और ऐसे वायरल हुआ कि उसे शेयर करने वालों में हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के छात्र भी थे और यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भी। लेकिन उस छोटे से प्रेम-पत्र के पीछे की बड़ी कहानी क्या थी, यह किसी को नहीं मालूम। क्या था उन दो प्रेमियों का संघर्ष? ‘चाँदपुर की चंदा’ क्या उस मंटू और पिंकी की रोमांटिक प्रेम-कहानी भर है? नहीं, यह उपन्यास बस एक खूबसूरत, मर्मस्पर्शी वायरल प्रेम-कहानी भर नहीं है, बल्कि यह हमारे समय और हमारे समाज के कई कड़वे सवालों से टकराते हुए, हमारी ग्रामीण संस्कृति की विलुप्त होती वो झाँकी है, जो पन्ने-दर-पन्ने एक ऐसे महावृत्तांत का रूप धारण कर लेती है जिसमें हम डूबते चले जाते हैं और हँसते, गाते, रोते और मुस्कुराते हुए महसूस करते हैं। यह कहानी न सिर्फ़ हमारे अपने गाँव, गली और मोहल्ले की है, बल्कि यह कहानी हमारे समय और समाज की सबसे जरूरी कहानी भी है।

प्रकाशक: हिन्द युग्म | पुस्तक लिंक: अमेज़न

कसारी मसारी – मनोज राजन त्रिपाठी
कसारी मसारी - मनोज राजन त्रिपाठी | एका

पुस्तक विवरण:

कसारी मसारी’ मनोज राजन त्रिपाठी का दूसरा उपन्यास है। यूपी के सबसे बड़े डॉन के बनने और बिखरने का पूरा आख्यान समेटे हुए है।

प्रकाशक: एका | पुस्तक लिंक: अमेज़न

फिर मिलोगी – मधु चतुर्वेदी
फिर मिलोगी - मधु चतुर्वेदी | हिंद युग्म

पुस्तक विवरण:

‘फिर मिलोगी’ सिर्फ़ एक प्रेम कहानी नहीं है, यह उस अनकहे मोह का आख्यान है जो जीवन की भीड़ में खोकर भी स्मृतियों में जीवित रहता है। वसुधा की शादीशुदा ज़िंदगी में सूनापन है, लेकिन उसका दिल एक ऐसे एहसास में उलझा है जो बरसों पहले किसी ट्रेन यात्रा में मिला था—एक ऐसा संयोग जो कल्पना-सी प्रतीत होता है, लेकिन दिल से मिटता नहीं।

मधु चतुर्वेदी की लेखनी संवेदना, सौंदर्य और स्त्री-मन की महीन परतों को गहराई से उकेरती है। उपन्यास भाषा में बहता है, दृश्य रचता है और पाठक के भीतर एक हूक छोड़ जाता है। यह किताब उन सबके लिए है जिन्होंने कभी किसी को खोया है, लेकिन भुला नहीं पाए।

प्रकाशक: हिंद युग्म | पुस्तक लिंक: अमेज़न

सरकारी चाय के लिए – प्रेम शंकर चरड़ाना
सरकारी चाय क्वे लिए - प्रेम शंकर चरड़ाना | पंक्ति प्रकाशन

पुस्तक विवरण

सरकारी चाय के लिए प्रेम शंकर चरड़ाना का पहला उपन्यास है — जो उन युवाओं की दुनिया में झाँकता है जो सरकारी नौकरी की तैयारी में अपने घरों से दूर शहरों में संघर्ष कर रहे हैं। यह कहानी सिर्फ परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि उस पूरे जीवन की है जिसमें किराए के कमरे होते हैं, कटती हुई तन्हा शामें होती हैं, टपकती छतों के नीचे रखे सपने होते हैं, और चाय के कप के साथ बनने वाले रिश्ते होते हैं। लेखक ने बहुत सादगी से उस सच्चाई को लिखा है जो हर प्रतियोगी छात्र के जीवन का हिस्सा बन जाती है — कोचिंग की भागदौड़, बार-बार की असफलताएँ, उम्मीदों का बोझ, और फिर भी हिम्मत न हारने वाला जज़्बा।

प्रकाशक: पंक्ति प्रकाशन | पुस्तक लिंक: अमेज़न

विश्वगुरु – नीलोत्पल मृणाल
विश्वगुरु - नीलोत्पल मृणाल | हिंद युग्म

पुस्तक विवरण

विश्वगुरु हमारे समय की महागाथा है, जिसमें प्रतिभा से भरे युवा, उनके सपने, अवसरों की सीमा, अपने धागों में उलझा हुआ समाजशास्त्र और सत्ता से जकड़ा हुआ राजनीतिशास्त्र आमने–सामने खड़े दिखाई देते हैं। ये उपन्यास किसी एक नायक या खलनायक की कहानी नहीं बल्कि उस पीढ़ी का आख्यान है जो शिक्षा, रोज़गार, आंदोलन, समाज और सत्ता के बीच धप्पा–धप्पी खेल रही है। कभी अवसर प्रतिभा को धप्पा देता है, कभी प्रतिभा उपलब्धियों को।

विश्वगुरु बेरोजगारी, दहेज, पारिवारिक संकट, जाति, धर्म, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के नैतिक संकट को बिना किसी उपदेश या उलाहना के यथार्थ की जमीन पर ईमानदारी और साहस के रेशे से बुनता है।

ये उपन्यास न किसी विचारधारा का घोषणापत्र है और न किसी दल का समर्थन-पत्र। ये अपने समय का सच्चा बयान है।

ये उपन्यास उन पाठकों के लिए है जो अपनी मेज पर समकालीन भारत का नक्शा रखकर उसे विचारधाराओं की गिरह से मुक्त होकर समझना चाहते हैं।

प्रकाशक: हिन्द युग्म | पुस्तक लिंक: अमेज़न

टूटी हुई बिखरी हुई – मानव कौल
टूटी हुई बिखरी हुई - मानव कौल | हिंद युग्म

पुस्तक विवरण

यह किताब टूटे हुए मन, बिखरे हुए विचारों और अंदर की गहराइयों में छिपे हुए दर्द को बेहद ईमानदारी से प्रस्तुत करती है। इसमें वो सब है, जो हम अक्सर कह नहीं पाते और फिर भी उस टूटन में छिपी है सुंदरता।

प्रकाशक: हिन्द युग्म | पुस्तक लिंक: अमेज़न

पतझड़ – मानव कौल
पतझड़ - मानव कौल | हिंद युग्म

पुस्तक विवरण

इस उपन्यास की कथावस्तु मानवीय भावनाओं को खूबसूरती से प्रस्तुत करती है। यह किताब सिर्फ कहानी नहीं सुनाती, बल्कि ऐसी दुनिया में ले जाती है, जहाँ मौसम के साथ दिलों में बदलाव आते हैं।

प्रकाशक: हिन्द युग्म | पुस्तक लिंक: अमेज़न

संयम – मानव कौल
संयम - मानव कौल | हिंद युग्म

पुस्तक विवरण:

‘हर पेंटिंग अपने भीतर एक चुप्पी छुपाए रखती है — और हर कलाकार, एक छुपी हुई कथा।‘

संयम एक ऐसे पेंटर की कहानी है, जो जीवन की भीड़ में भीतर से बिल्कुल अकेला है।

वह रंगों से अपनी दुनिया बनाता है, लेकिन जब वे भी चुप हो जाते हैं, तो उसे शब्दों का सहारा लेना पड़ता है।

उसकी एक दोस्त उसे कहती है—”लिखो। जो तुमने महसूस किया, जो कह नहीं पाए—उसे लिखो।”

यह उपन्यास उसी आत्म-संवाद की यात्रा है।

यह केवल एक कहानी नहीं है, बल्कि एक चित्रकार के भीतर की वह आवाज़ है, जो कभी पेंटिंग के ज़रिए नहीं निकल पाई।

यह उस गहरी खामोशी की भाषा है, जिसे हम सब कभी न कभी महसूस करते हैं—चाहे हम कलाकार हों या नहीं।

क्या एक लेखक एक पेंटर को समझ सकता है? क्या हम कभी किसी के रंगों की भाषा पढ़ सकते हैं? यही प्रश्न इस किताब के हर पन्ने में झलकता है।

संयम मानव कौल का सबसे आत्मिक और अंतरंग उपन्यास है—जहाँ कैनवास शब्द बन जाता है, और अकेलापन कहानी।

प्रकाशक: हिंद युग्म | पुस्तक लिंक: अमेज़न

यूपीएससी वाला लव – कैलाश मांजू बिश्नोई
यूपीएससी वाला लव - कैलाश मांजू बिश्नोई

पुस्तक विवरण:

इस उपन्यास की मुख्य किरदार एक आईएएस अधिकारी एंजल है। इस रचना के माध्यम से एंजल की जिजीविषा और संघर्ष के धागों से बुनी हुई कहानी को प्रस्तुत करने के साथ-साथ उसके आईएएस में चयनित हो जाने के बाद मसूरी के लबासना ट्रेनिंग माहौल को भी चित्रित करने की कोशिश की गई है। शुरुआती अध्यायों में सिविल सेवा की तैयारी करने वाले चार अभ्यर्थियों के यारी दोस्ती के किस्से हैं। यह उपन्यास भारत के हर उस नवयुवक की कहानी है जो बड़े सपने देखता है और समाज और दोस्तों के ताने सुनकर भी अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहता है। साथ ही कोरोना काल में प्रतियोगी छात्रों को किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा, उसका भी चित्रण किया है। इसके अलावा इस रचना के माध्यम से प्रशासनिक भ्रष्टाचार और लालफीताशाही पर प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है। इस कृति की लव स्टोरी छोटे शहरों की छोटी सोच से लड़ने की स्टोरी है। यह प्यार और आईएएस कैडर में से किसी एक को चुनने से जुड़ी हुई एक रोचक कहानी है। पैसा, पद, पावर, सामाजिक स्टेटस से ज्यादा अपने प्रेम को अहमियत देकर गिरीश और एंजल ने सामाजिक बंदिशों की छाया अपने रिश्ते पर नहीं पड़ने दी तथा हमेशा एक-दूसरे की ताकत बन खड़े रहे और आखिरकार एक दूसरे के हो गए। एक तरह से पूरी कहानी में मोहब्बत की सौंधी खुशबू बसी है।

प्रकाशक: मंजुल पब्लिशिंग हाउस | पुस्तक लिंक: अमेज़न

अन्य पुस्तकें जिन्होंने सूची में जगह बनायी:
  1. तुम्हारी औकात क्या है? – पीयूष मिश्रा | प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन | पुस्तक लिंक: अमेज़न
  2. मुखबिर – सुशील तंवर | प्रकाशक: राजपाल एंड संस | पुस्तक लिंक: अमेज़न
  3. लपूझन्ना – अशोक पांडे | प्रकाशक: हिंद युग्म | पुस्तक लिंक: अमेज़न
  4. यूपीएससी वाला लव – कलेक्टर साहिबा 2- कैलाश मांजू बिश्नोई | प्रकाशक: मंजुल पब्लिशिंग हाउस | पुस्तक लिंक: अमेज़न
  5. चाय मुबारक – नरेन रघुवंशी | प्रकाशक: राइटर्स पॉकेट | पुस्तक लिंक: अमेज़न
  6. इंस्टाग्राम वाला लव: लाइक से लाइफ तक – कैलाश मांजू बिश्नोई | प्रकाशक: मंजुल पब्लिशिंग हाउस | पुस्तक लिंक: अमेज़न
  7. शुगर डैडी – जयंती रंगनाथन | प्रकाशक: हिंद युग्म | पुस्तक लिंक: अमेज़न
  8. 615 पूर्वांचल हॉस्टल -राघवेंद्र सिंह | प्रकाशक: हिंद युग्म | पुस्तक लिंक: अमेज़न
  9. किसी अजनबी के प्यार में – रेणु मिश्रा | प्रकाशक: हिंद युग्म | पुस्तक लिंक: अमेज़न
  10. 3 मुलाकातें और कुछ कहानियाँ – याह्या बूटवाला | प्रकाशक: अनबाउंड स्क्रिप्ट | पुस्तक लिंक: अमेज़न


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Author

  • सुजाता देवराड़ी

    सुजाता देवराड़ी लिरिसिस्ट और स्क्रिप्ट राइटर हैं। वह उत्तराखंडी गीत लिखती और गाती हैं। उन्होंने हिंदी फिल्म के लिए भी गीत लिखे हैं। उनके विषय में अधिक जानकारी उनकी वेबसाइट गुठलियाँ से प्राप्त की जा सकती है।

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