ममता कालिया ने हिन्दी कथा और संस्मरण लेखन को नई दृष्टि दी है

ममता कालिया ने हिन्दी कथा और संस्मरण लेखन को नई दृष्टि दी है

हिंदी की वरिष्ठ लेखक ममता कालिया को उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार दिए जाने की घोषणा पर राजकमल प्रकाशन समूह के अध्यक्ष अशोक महेश्वरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।

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सभ्य कहे जाने वाले, पारिवारिक लोगों द्वारा होने वाली नोच खसोट का आख्यान है ‘जाँच अभी जारी है’

गजानन रैना सोशल मीडिया पर अपनी साहित्यिक टिप्पणी के लिए जाने जाते हैं। अपने विशेष अंदाज में वो साहित्य और साहित्यिक हस्तियों पर टिप्पणी करते हैं। आज पढ़िए सुप्रसिद्ध लेखिका ममता …

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एक बुक जर्नल प्रतियोगिता #1- वेलाराम देवासी की प्रविष्टि

एक बुक जर्नल की  प्रतियोगिता #1 में हमें आपसे एक लेख की दरकार थी। प्रतियोगिता के लिये प्रविष्टियाँ आना शुरू हो गयी हैं। आज पढ़िए वेलाराम देवासी की प्रविष्टि। वेलाराम …

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पुस्तक टिप्पणी: सपनों की होम डिलीवरी | लोकभारती प्रकाशन

पुस्तक टिप्पणी: सपनों की होम डिलीवरी – ममता कालिया

‘सपनो की होम डिलीवरी’ लेखिका ममता कालिया का लिखा लघु उपन्यास है जो कि लोकभारती प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। 96 पृष्ठों में फैला यह लघु-उपन्यास एक सच्ची घटना से प्रेरित है।

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तीन लघु उपन्यास – ममता कालिया

रेटिंग :३/५ संस्करण विवरण: फॉर्मेट : हार्डबैक पृष्ठ संख्या : 196 प्रकाशक : किताबघर प्रकाशन किताबघर प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में ममता कालिया के तीन लघु  उपन्यासों को संग्रहित …

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